विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों की ठगी

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Updated Tue, 05 Apr 2016 10:21 PM IST
छानबीन करती पुलिस
छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। विदेश भेजने के नाम पर झांसा देकर कंपनी संचालक ने युवकों से लाखों की ठगी की है। फर्जी वीजा देने के बाद 700 युवकों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गया। एक सप्ताह से टिकट लेने आ रहे युवकों ने संचालक के न मिलने पर मंगलवार को आफिस की घेराबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने कंपनी की दो कर्मचारियों को हिरासत में लेने के साथ ही आफिस में मिले पासपोर्ट और कागजात कब्जे में लिया।
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शाहपुर, बिछिया के रहने वाले नीरज श्रीवास्तव नाम के युवक ने दो महीने पहले अल क्राफ्ट ट्रेवेल्स के नाम से फर्म खोला था। रुस्तमपुर में सुपर मार्केट के सामने कंपनी कॉम्लेक्स में कंपनी का आफिस था। दुबई की दनाता एलएलसी एंड ट्रांस गार्ड कंपनी में वेल्डर, पाइप फिटर, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर, ड्राइवर, शटरिंग कारपेंटर, फर्नीचर कारपेंटर, मशीन हेल्पर, ट्राली ब्वाय की जगह खाली होने का विज्ञापन दिया था। काम करने के इच्छुक लोगों को उसने फ्री में वीजा देने का झांसा दिया था।


विज्ञापन पढ़ने के बाद अपना बायोडाटा लेकर आए युवकों को हर महीने 30 हजार रुपये सेलरी मिलने के साथ ही रहने और भोजन की व्यवस्था अलग से होने की जानकारी दी थी। चार से 10 मार्च के बीच उसने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज के रहने वाले 700 युवकों का बायोडाटा और पासपोर्ट वीजा दिलाने का झांसा देकर ले लिया। 17 से 28 मार्च के बीच सभी को वीजा और टिकट मिलने का भरोसा देकर हर आवेदक से नीरज ने 15 हजार रुपये जमा करा लिए।

समय सीमा बीतने के बाद रुपये देने वाले युवक 28 मार्च से रुस्तमपुर स्थित आफिस पर टिकट लेने आ रहे थे लेकिन नीरज के न मिलने से लौट जा रहे थे। आफिस में करने वाली महिला कर्मचारी कोई जानकारी न होने की बात कह लौटा दे रही थीं। मंगलवार की दोपहर 12 बजे 100 की संख्या में पहुंचे युवकों ने आफिस में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर पहुंची कैंट पुलिस ने जालसाजी की जानकारी होने पर कंपनी के आफिस में काम करने वाली रुस्तमपुर की राधा गौड़, रानीबाग की सिमरन को हिरासत में लिया। नीरज के केबिन में रखी आलमारी से पुलिस ने युवकों के 700 पासपोर्ट और अन्य कागजात कब्जे में लिया। इंस्पेक्टर कैंट राजीव सिंह ने बताया कि कंपनी संचालक की तलाश चल रही है। ठगी करने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।


अल क्राफ्ट ट्रेवेल्स कंपनी का संचालक नीरज श्रीवास्तव के साथ रैकेट में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि मुजफ्फरपुर का रहने वाला इब्राहिम खान और रणविजय सिंह नाम के युवक अक्सर नीरज के साथ आफिस आते थे। इन लोगों का पता मालूम नहीं है।

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