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टेस्ट रिपोर्ट में फेल थानेदारों की शुरू हुई जांच
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 02 Sep 2016 01:43 AM IST
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सतीश कुमार पांडेय
गोरखपुर। टेस्ट रिपोर्ट में गोरखपुर के चार और देवरिया के एक थानेदार फेल हो गए। मुकदमा दर्ज न करने की रिपोर्ट मिलने के बाद डीआईजी ने एसएसपी और एसपी से थानेदार के साथ ही संबंधित दीवान के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा औचक निरीक्षण में खोराबार थाने की व्यवस्था खराब मिलने पर डीआईजी ने इसे ठीक करने की हिदायत देने के साथ ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने को कहा है।
28 मई को सीओ सदर महराजगंज त्रिलोकी नाथ पांडेय गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे थे। फरियादी के थाने पहुंचने के बाद दीवान ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। एसओ से बात करने पर भी कोई बात नहीं बनी थी। 28 जुलाई को सीओ सदर महराजगंज ने राजघाट थाने जाकर मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी लेकिन यहां भी दीवान ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसओ से बात करने पर भी कोई मदद नहीं मिली। टेस्ट रिपोर्ट की जानकारी सीओ ने डीआईजी को भेजी थी। 25 अगस्त को सीओ निचलौल सुरेंद्र तिवारी ने बेलीपार थाने मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे लेकिन दीवान ने खराब व्यवहार करने के साथ ही कोई मदद नहीं की। डीआईजी के निर्देश पर सीओ बांसगांव एसएन सिंह 27 जुलाई को भलुअनी थाने में चोरी का केस दर्ज कराने पहुंचे। यहां भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। एक अगस्त की रात में डीआईजी शिवसागर सिंह खुद खोराबार थाने पहुंचे थे। निरीक्षण में थाने की व्यवस्था गड़बड़ मिली थी। सीओ की रिपोर्ट और अपने निरीक्षण में मिली खामी का जिक्र करते हुए डीआईजी ने संबंधित थाने के एसओ, दोषी पुलिसकर्मियों के भूमिका की जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश एसएसपी रामलाल वर्मा, एसपी देवरिया इमरान अहमद को दिया है।
थाने में फरियादी के साथ होने वाले व्यवहार की जांच के लिए टेस्ट रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रेंज के सभी थानों में सीओ को भेजा गया गया था। गोरखपुर के चार और देवरिया के एक थाने में मुकदमा दर्ज न करने की शिकायत मिली। गोरखपुर और देवरिया के एसपी को जांच कराकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देेश दिया है।
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- शिवसागर सिंह, डीआईजी
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गोरखपुर। टेस्ट रिपोर्ट में गोरखपुर के चार और देवरिया के एक थानेदार फेल हो गए। मुकदमा दर्ज न करने की रिपोर्ट मिलने के बाद डीआईजी ने एसएसपी और एसपी से थानेदार के साथ ही संबंधित दीवान के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा औचक निरीक्षण में खोराबार थाने की व्यवस्था खराब मिलने पर डीआईजी ने इसे ठीक करने की हिदायत देने के साथ ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने को कहा है।
28 मई को सीओ सदर महराजगंज त्रिलोकी नाथ पांडेय गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे थे। फरियादी के थाने पहुंचने के बाद दीवान ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। एसओ से बात करने पर भी कोई बात नहीं बनी थी। 28 जुलाई को सीओ सदर महराजगंज ने राजघाट थाने जाकर मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी लेकिन यहां भी दीवान ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसओ से बात करने पर भी कोई मदद नहीं मिली। टेस्ट रिपोर्ट की जानकारी सीओ ने डीआईजी को भेजी थी। 25 अगस्त को सीओ निचलौल सुरेंद्र तिवारी ने बेलीपार थाने मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे लेकिन दीवान ने खराब व्यवहार करने के साथ ही कोई मदद नहीं की। डीआईजी के निर्देश पर सीओ बांसगांव एसएन सिंह 27 जुलाई को भलुअनी थाने में चोरी का केस दर्ज कराने पहुंचे। यहां भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। एक अगस्त की रात में डीआईजी शिवसागर सिंह खुद खोराबार थाने पहुंचे थे। निरीक्षण में थाने की व्यवस्था गड़बड़ मिली थी। सीओ की रिपोर्ट और अपने निरीक्षण में मिली खामी का जिक्र करते हुए डीआईजी ने संबंधित थाने के एसओ, दोषी पुलिसकर्मियों के भूमिका की जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश एसएसपी रामलाल वर्मा, एसपी देवरिया इमरान अहमद को दिया है।
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थाने में फरियादी के साथ होने वाले व्यवहार की जांच के लिए टेस्ट रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रेंज के सभी थानों में सीओ को भेजा गया गया था। गोरखपुर के चार और देवरिया के एक थाने में मुकदमा दर्ज न करने की शिकायत मिली। गोरखपुर और देवरिया के एसपी को जांच कराकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देेश दिया है।
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- शिवसागर सिंह, डीआईजी