{"_id":"269211784c25fc10e5054cb6cded0bf8","slug":"police-take-out-carpse-for-dna-test-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएनए टेस्ट के लिए पुलिस ने कब्र से निकलवाया शव ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डीएनए टेस्ट के लिए पुलिस ने कब्र से निकलवाया शव
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2015 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेलीपार पुलिस ने मंगलवार को महिला का शव कब्र से बाहर निकलवाया। एडिशन सीएमओ के नेतृत्व में पहुंची तीन डॉक्टरों की टीम ने हाथ की हड्डी जांच के लिए सुरक्षित किया और फॉरेंसिक टीम को दे दिया। 17 नवंबर को बेलीपार पुलिस ने लावारिस महिला के रूप में शव को राजघाट नदी किनारे दफन कराया था।
डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार दयाराम प्रजापति के नेतृत्व में एडिशनल सीएमओ डॉक्टर आई बी विश्वकर्मा तीन डॉक्टरों की टीम के साथ दोपहर ढाई बजे राजघाट के मुक्तिधाम पहुंचे, जहां एसओ बेलीपार ने नदी किनारे दफनाई गई महिला के शव को निकलवाया। इस दौरान कपडे़ से लावारिस लाश की पहचान अपनी बेटी बबिता के रूप में करने वाले हरपुर-बुदहट के करमदेवा खुर्द निवासी बलिराम मौर्य और उनकी पत्नी इंद्रावती भी मौजूद रहीं।
बलिराम ने बताया कि 15 जून 2014 को बेटी बबिता की शादी नौसढ़ के सुरेश मौर्य से की थी। बेटी के पेट में तीन माह का बच्चा था, तबियत खराब होने पर गर्भपात हो गया। घटना का जिम्मेदार उसे बताकर ससुराल के लोग प्रताड़ित कर रहे थे। ससुराल वालों ने बेटी की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया और थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। 12 नवंबर को लाश मिलने पर पुलिस ने बुलाया लेकिन पहचान नहीं किया।
विज्ञापन
24 नवंबर को थाने पहुंच कपड़े से अपनी बेटी की पहचान की। एसओ बेलीपार पीयूष सिंह ने बताया कि बलिराम की तहरीर पर बबिता के पति समेत पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। पहचान पुख्ता करने के लिए डीएम के निर्देश पर डीएनए का नमूना लिया गया है।
मां को दी थी बबिता के भागने की सूचना
इंद्रावती ने बताया कि तीन बच्चों में बबिता दूसरे नंबर की थी। उससे बड़े भाई राजेंद्र की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा अरविंद कक्षा सात का छात्र है। सात नंबर की दोपहर में बेटी ने घर पर फोन किया था लेकिन खेत में होने के कारण उनसे बात नहीं हुई। फोन रिसीव करने वाली भतीजी ने उसके परेशान होने की बात बताई थी। इसी दिन शाम को बबिता की जेठानी ने फोन कर किसी युवक के साथ भाग जाने की झूठी जानकारी देकर बेलीपार थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।
विज्ञापन
डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार दयाराम प्रजापति के नेतृत्व में एडिशनल सीएमओ डॉक्टर आई बी विश्वकर्मा तीन डॉक्टरों की टीम के साथ दोपहर ढाई बजे राजघाट के मुक्तिधाम पहुंचे, जहां एसओ बेलीपार ने नदी किनारे दफनाई गई महिला के शव को निकलवाया। इस दौरान कपडे़ से लावारिस लाश की पहचान अपनी बेटी बबिता के रूप में करने वाले हरपुर-बुदहट के करमदेवा खुर्द निवासी बलिराम मौर्य और उनकी पत्नी इंद्रावती भी मौजूद रहीं।
विज्ञापन
बलिराम ने बताया कि 15 जून 2014 को बेटी बबिता की शादी नौसढ़ के सुरेश मौर्य से की थी। बेटी के पेट में तीन माह का बच्चा था, तबियत खराब होने पर गर्भपात हो गया। घटना का जिम्मेदार उसे बताकर ससुराल के लोग प्रताड़ित कर रहे थे। ससुराल वालों ने बेटी की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया और थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। 12 नवंबर को लाश मिलने पर पुलिस ने बुलाया लेकिन पहचान नहीं किया।
विज्ञापन
24 नवंबर को थाने पहुंच कपड़े से अपनी बेटी की पहचान की। एसओ बेलीपार पीयूष सिंह ने बताया कि बलिराम की तहरीर पर बबिता के पति समेत पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। पहचान पुख्ता करने के लिए डीएम के निर्देश पर डीएनए का नमूना लिया गया है।
मां को दी थी बबिता के भागने की सूचना
इंद्रावती ने बताया कि तीन बच्चों में बबिता दूसरे नंबर की थी। उससे बड़े भाई राजेंद्र की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा अरविंद कक्षा सात का छात्र है। सात नंबर की दोपहर में बेटी ने घर पर फोन किया था लेकिन खेत में होने के कारण उनसे बात नहीं हुई। फोन रिसीव करने वाली भतीजी ने उसके परेशान होने की बात बताई थी। इसी दिन शाम को बबिता की जेठानी ने फोन कर किसी युवक के साथ भाग जाने की झूठी जानकारी देकर बेलीपार थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।