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बीआरडी कांड में ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी को बड़ी राहत, मनीष भंडारी को क्लीनचिट
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:47 AM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : amar ujala
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 11 अगस्त को हुए ऑक्सीजन कांड की विवेचना में सीओ अभिषेक सिंह ने पुष्पा सेल्स और इस मामले में आरोपी बनाए गए उसके मालिक मनीष भंडारी को क्लीन चिट दे दी है। विवेचक ने चार्जशीट में आरोपों को नकार दिया है। इसके साथ ही इस प्रकरण में आठ माह से जारी मनीष भंडारी और पुष्पा सेल्स की परेशानी खत्म हो सकती है। हालांकि इस प्रकरण में गिरफ्तार मनीष जेल में हैं। सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल चुकी है। जल्द ही वह जेल से रिहा हो सकते हैं।
10-11 अगस्त को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच कई मासूमों की मौतें हुई थीं। इस मामले में डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता ने गुलरिहा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को भी आरोपी बनाया था। आरोप पत्र दाखिल करते हुए सीओ ने मामले की विवेचना जारी रखने का जिक्र किया था। आरोपपत्र में पुष्पा सेल्स के पास जिस ऑक्सीजन एयर प्रोडक्टस सप्लाई के लिए वैध दस्तावेज न होने का आरोप था, वह विवेचना में खारिज हो गया।
सीओ ने अपनी विवेचना रिपोर्ट में कहा है कि बयानों और साक्ष्यों से पता चला कि आईनॉक्स के पास लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई करने के वैध दस्तावेज हैं। त्रिस्तरीय एग्रीमेंट में यह एक पक्षकार है। पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सिर्फ बिलिंग की जा रही थी। सीओ को विवेचना में आईनॉक्स और पुष्पा सेल्स के बीच कमीशन प्राप्त करने के कोई प्रमाण नहीं मिले। सीओ ने विवेचना में इस मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीन की सप्लाई के लिए हुए त्रिस्तरीय एग्रीमेंट में किसी तरह की त्रुटि न मिलने की बात कही है।
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सके साथ ही कहा कि प्राप्त तात्कालिक साक्ष्यों के आधार पर तात्कालिक परिस्थितियों में ऐसा एक भी साक्ष्य नहीं मिला है, जिसके आधार पर तथ्यात्मक रूप से प्रथम दृष्टया किसी की भूमिका संदिग्ध हो। ऐसा कोई दस्तावेज भी नहीं मिला है, जिससे किसी अन्य व्यक्ति की मामले में कोई संलिप्तता प्रतीत होती हो। अंत में सीओ ने मौजूदा परिस्थितियों में साक्ष्यों के अभाव में विवेचना समाप्त करने की बात कही। सीओ ने अपनी यह रिपोर्ट 30 मार्च को कोर्ट के समक्ष पेश की है।
डेढ़-डेढ़ लाख के दो जमानतदार देने पर रिहा होंगे मनीष भंडारी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कांड के अभियुक्त व पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि बुधवार को मनीष भंडारी की तरफ से कोर्ट में दाखिल की गई। इस पर कोर्ट ने उन्हें डेढ़ लाख के दो जमानतदार और उतनी ही धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। मनीष भंडारी की तरफ से दो जमानतदार प्रस्तुत किए गए। जमानतदारों के सत्यापन के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। थाने और तहसील से रिपोर्ट आने के बाद मनीष भंडारी जेल से रिहा होंगे।
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10-11 अगस्त को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच कई मासूमों की मौतें हुई थीं। इस मामले में डीजीएमई डॉ. केके गुप्ता ने गुलरिहा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को भी आरोपी बनाया था। आरोप पत्र दाखिल करते हुए सीओ ने मामले की विवेचना जारी रखने का जिक्र किया था। आरोपपत्र में पुष्पा सेल्स के पास जिस ऑक्सीजन एयर प्रोडक्टस सप्लाई के लिए वैध दस्तावेज न होने का आरोप था, वह विवेचना में खारिज हो गया।
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सीओ ने अपनी विवेचना रिपोर्ट में कहा है कि बयानों और साक्ष्यों से पता चला कि आईनॉक्स के पास लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई करने के वैध दस्तावेज हैं। त्रिस्तरीय एग्रीमेंट में यह एक पक्षकार है। पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सिर्फ बिलिंग की जा रही थी। सीओ को विवेचना में आईनॉक्स और पुष्पा सेल्स के बीच कमीशन प्राप्त करने के कोई प्रमाण नहीं मिले। सीओ ने विवेचना में इस मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीन की सप्लाई के लिए हुए त्रिस्तरीय एग्रीमेंट में किसी तरह की त्रुटि न मिलने की बात कही है।
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सके साथ ही कहा कि प्राप्त तात्कालिक साक्ष्यों के आधार पर तात्कालिक परिस्थितियों में ऐसा एक भी साक्ष्य नहीं मिला है, जिसके आधार पर तथ्यात्मक रूप से प्रथम दृष्टया किसी की भूमिका संदिग्ध हो। ऐसा कोई दस्तावेज भी नहीं मिला है, जिससे किसी अन्य व्यक्ति की मामले में कोई संलिप्तता प्रतीत होती हो। अंत में सीओ ने मौजूदा परिस्थितियों में साक्ष्यों के अभाव में विवेचना समाप्त करने की बात कही। सीओ ने अपनी यह रिपोर्ट 30 मार्च को कोर्ट के समक्ष पेश की है।
डेढ़-डेढ़ लाख के दो जमानतदार देने पर रिहा होंगे मनीष भंडारी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कांड के अभियुक्त व पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि बुधवार को मनीष भंडारी की तरफ से कोर्ट में दाखिल की गई। इस पर कोर्ट ने उन्हें डेढ़ लाख के दो जमानतदार और उतनी ही धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया। मनीष भंडारी की तरफ से दो जमानतदार प्रस्तुत किए गए। जमानतदारों के सत्यापन के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। थाने और तहसील से रिपोर्ट आने के बाद मनीष भंडारी जेल से रिहा होंगे।