{"_id":"573e1e954f1c1b5758ac7916","slug":"pistel-smuggler-iti-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटीआई छात्र निकला पिस्टल का तस्कर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आईटीआई छात्र निकला पिस्टल का तस्कर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 20 May 2016 01:44 AM IST
विज्ञापन
smuggler
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंडरवर्ल्ड डॉन राजा शेट्टी के करीबी नीरज के लिए काम करने वाले असलहा तस्कर को शाहपुर पुलिस ने पांच पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी आईटीआई का छात्र है। उसके पिता रेलवे में काम करते हैं। डेढ़ साल से वह इस धंधे में लिप्त था। तस्कर ने जिन लोगों को असलहे दिए थे, पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
एसएसपी अनंत देव ने बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस आफिस में बताया कि बिहार, समस्तीपुर का रहने वाले राम प्रवेश राय के पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। जेल रोड पर सरस्वतीपुरम कॉलोनी में वह परिवार के साथ रहते हैं। रामप्रवेश खलीलाबाद में स्थित आटीआई कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र है। बुधवार की रात मुखबिर की सूचना पर सीओ कैंट अभय मिश्रा, एसओ शाहपुर आनंद शुक्ला ने घेराबंदी उसे पकड़ा।
छानबीन में उसके कब्जे से चोरी की बाइक मिली। पास मिले बैग की तलाशी लेने पर 32 बोर की पांच पिस्टल, दो कारतूस भी मिले। पूछताछ में उसने बताया कि मुंगेर से असलहे की खेप लेकर आए कॅरियर ने रेलवे स्टेशन पर उसे सुपुर्द किया था। बकौल राम प्रवेश उसकी जान-पहचान राजा शेट्ठी गैंग के लिए काम करने वाले नीरज श्रीवास्तव से है। नीरज के कहने पर ही शहर में लोगों को वह असलहा पहुंचाता था। एक असलहा बेंचने पर उसे 500 से 100 रुपये मिलते थे। आर्म्स एक्ट में राम प्रवेश का चालान करने के बाद पुलिस ने दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
डेढ़ साल में बेच चुका है 50 पिस्टल
राम प्रवेश डेढ़ साल के अंदर शहर में 50 से ज्यादा पिस्टलें बेेंच चुका है। अपहरण और हत्या के मामले में बंगलूरू जेल में बंद नीरज जेल से ही रैकेट को संचालित कर रहा है। फोन पर नीरज से बात होने के बाद वह लोगों तक असलहा पहुंचाता था। राम प्रवेश ने बताया कि इसके पहले वह आठ पिस्टल लेकर आया था। छह पिस्टल उसने बेलीपार के बाघागाड़ा के पास अमरजीत और राकेश नामक दो लोगों को दी थी। बाकी दो असलहे शाहपुर के कृष्णानगर कालोनी में रहने वाले दो लोगों को दिए।
प्लेटफार्म नंबर नौ पर मिलते थे असलहे
तस्कर मुंगेर से ट्रेन के जरिए असलहे गोरखपुर लाते थे और प्लेटफार्म नंबर नौ पर कॅरियर से उसे खेप मिलती थी। ट्रेन से आने वाले असलहे की तस्करी की जानकारी जीआरपी और आरपीएफ को नहीं लग सकी। गुड्डू नाम का युवक उसे असलहा देता था। राम प्रवेश ने बताया कि कई बार वह असलहा लेने खुद समस्तीपुर तक जा चुका है।
विज्ञापन
एसएसपी अनंत देव ने बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस आफिस में बताया कि बिहार, समस्तीपुर का रहने वाले राम प्रवेश राय के पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। जेल रोड पर सरस्वतीपुरम कॉलोनी में वह परिवार के साथ रहते हैं। रामप्रवेश खलीलाबाद में स्थित आटीआई कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र है। बुधवार की रात मुखबिर की सूचना पर सीओ कैंट अभय मिश्रा, एसओ शाहपुर आनंद शुक्ला ने घेराबंदी उसे पकड़ा।
विज्ञापन
छानबीन में उसके कब्जे से चोरी की बाइक मिली। पास मिले बैग की तलाशी लेने पर 32 बोर की पांच पिस्टल, दो कारतूस भी मिले। पूछताछ में उसने बताया कि मुंगेर से असलहे की खेप लेकर आए कॅरियर ने रेलवे स्टेशन पर उसे सुपुर्द किया था। बकौल राम प्रवेश उसकी जान-पहचान राजा शेट्ठी गैंग के लिए काम करने वाले नीरज श्रीवास्तव से है। नीरज के कहने पर ही शहर में लोगों को वह असलहा पहुंचाता था। एक असलहा बेंचने पर उसे 500 से 100 रुपये मिलते थे। आर्म्स एक्ट में राम प्रवेश का चालान करने के बाद पुलिस ने दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
डेढ़ साल में बेच चुका है 50 पिस्टल
राम प्रवेश डेढ़ साल के अंदर शहर में 50 से ज्यादा पिस्टलें बेेंच चुका है। अपहरण और हत्या के मामले में बंगलूरू जेल में बंद नीरज जेल से ही रैकेट को संचालित कर रहा है। फोन पर नीरज से बात होने के बाद वह लोगों तक असलहा पहुंचाता था। राम प्रवेश ने बताया कि इसके पहले वह आठ पिस्टल लेकर आया था। छह पिस्टल उसने बेलीपार के बाघागाड़ा के पास अमरजीत और राकेश नामक दो लोगों को दी थी। बाकी दो असलहे शाहपुर के कृष्णानगर कालोनी में रहने वाले दो लोगों को दिए।
प्लेटफार्म नंबर नौ पर मिलते थे असलहे
तस्कर मुंगेर से ट्रेन के जरिए असलहे गोरखपुर लाते थे और प्लेटफार्म नंबर नौ पर कॅरियर से उसे खेप मिलती थी। ट्रेन से आने वाले असलहे की तस्करी की जानकारी जीआरपी और आरपीएफ को नहीं लग सकी। गुड्डू नाम का युवक उसे असलहा देता था। राम प्रवेश ने बताया कि कई बार वह असलहा लेने खुद समस्तीपुर तक जा चुका है।