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बेटियां ही नहीं, ममता भी जलाई

Mon, 12 Jun 2017 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 12 Jun 2017 02:31 AM IST
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Mother burned her mothering with doughters
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मां और घटनास्‍थल पर जांच करती पुलिस और मौजूद अन्य लोग। - फोटो : Amar Ujala
बांसगांव इलाके में दो बच्चियों के साथ ही मां की ममता भी जल गई। मां की हैवानियत को जिसने भी सुना या देखा सन्न रह गया। पोखरे के किनारे आग लगाने के बाद वह बच्चियों को जिंदा जलते देखती रही। बच्चियां चीख रहीं थीं लेकिन मां के चेहरे पर जरा सी भी शिकन नहीं थी। गांववाले मां की करतूत पर थू-थू कर रहे थे। 
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बसंत गोहली गांव में ससुर से मामूली कहासुनी के बाद जिस तरह से कंचन यादव ने दो बच्चियों को जिंदा जलाया, उसे सुनकर सब दहल गए। घटना पर यकीन करना भी लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था। एक मां ऐसा कैसे कर सकती है? इस पर किसी को यकीन नहीं हो रहा था। मां को अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं था। पुलिस मां के मानसिक रोगी होने की दलील दे रही है लेकिन गांववालों की मानें तो वह अक्सर ही झगड़ा करती रहती थी। यही नहीं झगड़े के बाद वह खुद को नुकसान तो नहीं पहुंचाती थी लेकिन सामने वाले को छोड़ना भी नहीं चाहती थी। 
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मां के लिए तड़प रहा मासूम बच्चा
मां की हैवानियत से अंजान पांच साल का मासूम बेटा रामभवन मां के लिए तड़प रहा है। मां को पकड़कर जब पुलिस ले जा रही थी कि तो वह उसे पकड़कर रोने लगा। मां को छोड़ने की जिद करता बच्चा रोते-रोते बेसुध हो जा रहा था। बाबा और गांववालों ने जैसे-तैसे उसे संभाला।
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अक्सर ससुर से करती थी विवाद
रामलखन यादव खेती करते हैं। उनका बेटा रामहित यादव दिल्ली में रहकर कमाता है। रामहित की पत्नी कंचन अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी। ससुर से अक्सर ही उसका विवाद होता था। बुजुर्ग ससुर कई बार आसपास के लोगों से और बेटे से बहू को समझाने की गुजारिश करते। उनको भी शायद नहीं मालूम था कि कहासुनी उनके दो मासूम बच्चों की जान ले लेगी। रविवार की सुबह करीब चार बजे ससुर और बहू में कहासुनी हुई थी।

बड़े पोते को साथ ले गए थे रामलखन
बहू से विवाद होने के बाद पांच साल के पोते रामभवन को साथ लेकर रामलखन खेत में चले गए थे। दो बच्चियां और कंचन ही घर पर थे। घर में ससुर को न पाकर कंचन ने बच्चों को ही आग के हवाले कर दिया।

चार महीने पहले ही दिल्ली गया था पति 
कंचन का पति रामहित चार महीने पहले ही दिल्ली कमाने गया था। इसके पहले वह घर पर ही रहकर खेती के काम में पिता का हाथ बंटाता था। दिल्ली में उसकी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी लग गई थी, जिसके बाद ही वह चला गया था।

आग लगते ही चीख उठे थे बच्चे 
आग लगते ही सोए बच्चों की नींद खुल गई थी और वे चीख उठे थे। मगर ममता को तार-तार करने वाली मां कंचन ने इतना तेल डाल दिया था कि चंद मिनट में ही वह पूरी तरह से आग के आगोश में आ गए और तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिए। बच्चों को जलते देखकर गांववालों का कलेजा मुंह को आ गया और जैसे-तैसे आग बुझाई भी मगर तब तक बच्चे जल चुके थे।
 
फफक पड़ा पति, देर शाम घर पहुंचा
पत्नी की करतूत मोबाइल फोन पर सुनकर रामहित फफक पड़ा। वह फोन पर ही दहाड़ें मारकर रोने लगा और दिल्ली से गोरखपुर के लिए रवाना हो गया। देर शाम वह गोरखपुर पहुंच गया था। पत्नी की इस हरकत से वह बेहद हैरान है।


पुलिस जीप में फफकी कंचन
बच्चियों को जलाने का जरा भी गम नहीं था। लेकिन जब पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जीप में बैठाया तो वह फफक पड़ी। जीप में बैठने के बाद वह ससुर और गांववालों से छुड़ाने की फरियाद करने लगी। लेकिन किसी को भी उस पर तरस नहीं आ रहा था बल्कि सभी उसे मारने की कोशिश कर रहे थे।
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