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बेटियों को फंदे पर लटकाया, खुद भी जान दी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 07 Feb 2018 01:15 AM IST
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घटना के बाद मौके पर जुटे लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखनाथ थानाक्षेत्र के पचपेड़वा पार्वतीपुरम कॉलोनी में मंगलवार की देररात हृदय विदारक घटना सामने आई। शहर की एक एल्युमीनियम फैक्ट्री में चौकीदारी करने वाले गोला थानाक्षेत्र के गोपालपुर गांव निवासी रितुराज शर्मा (30) ने पहले बेटियों को फंदे से लटकाकर मारा, फिर फांसी लगाकर जान दे दी। दो महीने पहले रितुराज की पत्नी सपना ने भी आत्महत्या की थी। इसके बाद से ही वह तनाव में रहते थे । पुलिस ने तीनों का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गोपालपुर गांव निवासी रितुराज शर्मा परिवार के साथ शहर के पचपेड़वा पार्वतीपुरम कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। दुर्गा प्रसाद सोनकर का यह मकान टीन शेड का बना है। इसके अलग-अलग हिस्से में कई किराएदार रहते हैं। रितुराज के पिता रमेश शर्मा भी इसी मकान में रहते हैं। मंगलवार की देरशाम तक रितुराज के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उनके पिता की चिंता बढ़ गई। उन्होंने बेटे का नाम लेकर पुकारा लेकिन दरवाजा फिर भी नहीं खुला तो रमेश ने धक्का देकर दरवाजे का खोलने का प्रयास किया। यह प्रयास सफल रहा और दरवाजे के पीछे रखी सिलाई मशीन हट गई।
रमेश कमरे के अंदर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि बेटे के साथ ही साढे़ चार साल की पोती नैना और ढाई साल की निरुपमा भी फंदे से लटकी थीं। रमेश दहाड़े मारकर रोने लगे तो आसपास के लोग भी जुट गए। आनन-फानन में मामले की सूचना पुलिस को दी गई। एसपी सिटी विनय सिंह और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी छानबीन की गई।
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पुलिस के मुताबिक जो साक्ष्य मिले हैं, उसके मुताबिक रितुराज शर्मा ने पहले बच्चियों को फांसी पर लटकाकर मारा, फिर खुद फंदे से झूल गए। तीनों के शव टीन शेड में लगे रॉड में फंदे से लटके मिले। पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि रितुराज ने पहले छोटी बच्ची निरुपमा को तख्त के ऊपर टीन शेड की रॉड से लटकाया, फिर नैना को मार डाला।
पत्नी की मौत और बच्चों के जिम्मेदारी से अवसाद में थे रितुराज
पार्वतीपुरम कॉलोनी स्थित मकान के एक कमरे में पूरा कुनबा ही खत्म हो गया। जिस कमरे दो महीने पहले पत्नी सपना फंदे से लटकी थी, उसी में दो बच्चों के साथ रितुराज ने भी खुदकुशी कर ली। उनके इस आत्मघाती कदम ने पूरा परिवार ही खत्म कर दिया। बुजुर्ग पिता रमेश शर्मा सदमे में हैं। पड़ोसियों की माने तो पत्नी की मौत के बाद बच्चों के लालन-पालन के लिए वह अवसाद में रहते थे। सपना की खुदकुशी के बाद रितुराज पर तरह-तरह के आरोप लगे थे, लेकिन बच्चों ने पिता को बेगुनाह बताया था। वहीं पिता आज न सिर्फ उनका हत्यारा पिता बना बल्कि खुद की जिंदगी भी खत्म कर ली। मां और पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग पिता और बच्चों सारी जिम्मेदारी रितुराज पर ही थी।
पड़ोसी भी रो पड़े
एक कमरे में दो बच्चों के साथ पिता की लाश देखकर पड़ोसी भी रो पड़े। उनका कहना था कि मां की मौत के बाद दोनों बच्चे अक्सर खेलते हुए उनके घरों में आ जाते थे और कुछ खाने को दिया जाता तो खुश हो जाते थे। रितुराज भी उनकी देखरेख ठीक से कर रहे थे लेकिन जाने क्यों अचानक आत्मघाती कदम उठा लिया।
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गोपालपुर गांव निवासी रितुराज शर्मा परिवार के साथ शहर के पचपेड़वा पार्वतीपुरम कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। दुर्गा प्रसाद सोनकर का यह मकान टीन शेड का बना है। इसके अलग-अलग हिस्से में कई किराएदार रहते हैं। रितुराज के पिता रमेश शर्मा भी इसी मकान में रहते हैं। मंगलवार की देरशाम तक रितुराज के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उनके पिता की चिंता बढ़ गई। उन्होंने बेटे का नाम लेकर पुकारा लेकिन दरवाजा फिर भी नहीं खुला तो रमेश ने धक्का देकर दरवाजे का खोलने का प्रयास किया। यह प्रयास सफल रहा और दरवाजे के पीछे रखी सिलाई मशीन हट गई।
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रमेश कमरे के अंदर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि बेटे के साथ ही साढे़ चार साल की पोती नैना और ढाई साल की निरुपमा भी फंदे से लटकी थीं। रमेश दहाड़े मारकर रोने लगे तो आसपास के लोग भी जुट गए। आनन-फानन में मामले की सूचना पुलिस को दी गई। एसपी सिटी विनय सिंह और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी छानबीन की गई।
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पुलिस के मुताबिक जो साक्ष्य मिले हैं, उसके मुताबिक रितुराज शर्मा ने पहले बच्चियों को फांसी पर लटकाकर मारा, फिर खुद फंदे से झूल गए। तीनों के शव टीन शेड में लगे रॉड में फंदे से लटके मिले। पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि रितुराज ने पहले छोटी बच्ची निरुपमा को तख्त के ऊपर टीन शेड की रॉड से लटकाया, फिर नैना को मार डाला।
पत्नी की मौत और बच्चों के जिम्मेदारी से अवसाद में थे रितुराज
पार्वतीपुरम कॉलोनी स्थित मकान के एक कमरे में पूरा कुनबा ही खत्म हो गया। जिस कमरे दो महीने पहले पत्नी सपना फंदे से लटकी थी, उसी में दो बच्चों के साथ रितुराज ने भी खुदकुशी कर ली। उनके इस आत्मघाती कदम ने पूरा परिवार ही खत्म कर दिया। बुजुर्ग पिता रमेश शर्मा सदमे में हैं। पड़ोसियों की माने तो पत्नी की मौत के बाद बच्चों के लालन-पालन के लिए वह अवसाद में रहते थे। सपना की खुदकुशी के बाद रितुराज पर तरह-तरह के आरोप लगे थे, लेकिन बच्चों ने पिता को बेगुनाह बताया था। वहीं पिता आज न सिर्फ उनका हत्यारा पिता बना बल्कि खुद की जिंदगी भी खत्म कर ली। मां और पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग पिता और बच्चों सारी जिम्मेदारी रितुराज पर ही थी।
पड़ोसी भी रो पड़े
एक कमरे में दो बच्चों के साथ पिता की लाश देखकर पड़ोसी भी रो पड़े। उनका कहना था कि मां की मौत के बाद दोनों बच्चे अक्सर खेलते हुए उनके घरों में आ जाते थे और कुछ खाने को दिया जाता तो खुश हो जाते थे। रितुराज भी उनकी देखरेख ठीक से कर रहे थे लेकिन जाने क्यों अचानक आत्मघाती कदम उठा लिया।