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पुलिस के लिए सिरदर्द बनी ‘इंटरनेट कॉल’
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2016 11:26 PM IST
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गोरखपुर। पुलिस के लिए ‘इंटरनेट कॉल’ परेशानी का सबब बन गई है। तीन महीने में पुलिस कंट्रोल रूम में 20 से अधिक बार झूठी सूचना के साथ ही रेलवे स्टेशन, सिटी मॉल, नर्सिंग होम को उड़ाने की धमकी देने का कॉल चुकी है। बहुत कोशिशों के बाद भी क्राइम ब्रांच के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है।
28 अक्टूबर 2015 की रात नौ बजे पुलिस कंट्रोल रूम के सीयूजी मोबाइल नंबर पर इंटरनेट से कॉल आई जिस पर ‘प्राइवेट नंबर’ लिखा था। फोन करने वाले ने धमकी दी थी कि वह रेलवे स्टेशन को बम से उड़ा देगा और उसने जगह जगह बम रख भी दिए हैं।
पुलिस ने इस बारे में रेलवे अधिकारियों को जानकारी देने के बाद जीआरपी के साथ प्लेटफार्म नंबर एक पर तलाशी ली थी। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर, खोजी कुत्ते की मदद से यात्रियों का सामान के साथ-साथ पार्सल घर में रखे सभी सामानों को बारीकी से चेक किया था।
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छानबीन में पुलिस को कॉल कहा से आई थी इसकी जानकारी नहीं हो पाई। दो दिन लगातार ‘इंटरनेट कॉल’ से रेलवे स्टेशन, सिटी मॉल, नर्सिंग होम के साथ ही जेट एयरवेज की फ्लाइट को उड़ाने की धमकी ने पुलिस महकमे की परेशानी बढ़ा दी है।
एक ही व्यक्ति की हो सकती है शरारत
बुधवार और बृहस्पतिवार को धमकी देने के मामले में इंटरनेट कॉल का जो नंबर पुलिस के हाथ लगा है वह एक ही सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के होने की बात कही जा रही है। पुलिस इसे एक व्यक्ति की शरारत मान रही है।
विदेश में ऑफिस होने से आसानी से नहीं मिलती जानकारी
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इनफॉर्मेंशन टेक्नालॉजी के डिप्टी डायरेक्टर अभिनव मिश्रा का कहना है कि इंटरनेट से कॉल करने वाले को ट्रेस करना मुश्किल है। कॉल के लिए सर्विस प्रोवाइड करने वाली अधिकांश कंपनियों का ऑफिस विदेश में है इसलिए उसकी डिटेल आसानी से नहीं मिल पाती। राष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से पुलिस इस गुत्थी को सुलझा सकती है।
क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम ‘ इंटरनेट से कॉल’ करने वाले की छानबीन कर रही है। इंटरनेट के माध्यम से आए फोन का पता लगाने में कुछ मुश्किलें जरूरी होती है। लेकिन जल्द ही इसका पता लगा लिया जाएगा।
अनंत देव, एसएसपी
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28 अक्टूबर 2015 की रात नौ बजे पुलिस कंट्रोल रूम के सीयूजी मोबाइल नंबर पर इंटरनेट से कॉल आई जिस पर ‘प्राइवेट नंबर’ लिखा था। फोन करने वाले ने धमकी दी थी कि वह रेलवे स्टेशन को बम से उड़ा देगा और उसने जगह जगह बम रख भी दिए हैं।
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पुलिस ने इस बारे में रेलवे अधिकारियों को जानकारी देने के बाद जीआरपी के साथ प्लेटफार्म नंबर एक पर तलाशी ली थी। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर, खोजी कुत्ते की मदद से यात्रियों का सामान के साथ-साथ पार्सल घर में रखे सभी सामानों को बारीकी से चेक किया था।
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छानबीन में पुलिस को कॉल कहा से आई थी इसकी जानकारी नहीं हो पाई। दो दिन लगातार ‘इंटरनेट कॉल’ से रेलवे स्टेशन, सिटी मॉल, नर्सिंग होम के साथ ही जेट एयरवेज की फ्लाइट को उड़ाने की धमकी ने पुलिस महकमे की परेशानी बढ़ा दी है।
एक ही व्यक्ति की हो सकती है शरारत
बुधवार और बृहस्पतिवार को धमकी देने के मामले में इंटरनेट कॉल का जो नंबर पुलिस के हाथ लगा है वह एक ही सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के होने की बात कही जा रही है। पुलिस इसे एक व्यक्ति की शरारत मान रही है।
विदेश में ऑफिस होने से आसानी से नहीं मिलती जानकारी
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इनफॉर्मेंशन टेक्नालॉजी के डिप्टी डायरेक्टर अभिनव मिश्रा का कहना है कि इंटरनेट से कॉल करने वाले को ट्रेस करना मुश्किल है। कॉल के लिए सर्विस प्रोवाइड करने वाली अधिकांश कंपनियों का ऑफिस विदेश में है इसलिए उसकी डिटेल आसानी से नहीं मिल पाती। राष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से पुलिस इस गुत्थी को सुलझा सकती है।
क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम ‘ इंटरनेट से कॉल’ करने वाले की छानबीन कर रही है। इंटरनेट के माध्यम से आए फोन का पता लगाने में कुछ मुश्किलें जरूरी होती है। लेकिन जल्द ही इसका पता लगा लिया जाएगा।
अनंत देव, एसएसपी