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दुकानदार की हत्या में इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

Mon, 11 Jul 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 11 Jul 2016 01:12 AM IST
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Inspector line hazir
पुलिस
सहजनवां के चड़राव गांव में दुकानदार की हत्या के मामले में एसएसपी ने रविवार की सुबह इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। 16 जून को दुकान पर बम से हुए हमले की घटना में उन्होंने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। रविवार की घटना के बाद से गांव में तनाव है। दुकानदार के पिता ने गांव के एक व्यक्ति और उसके साथी पर पुरानी रंजिश में हत्या करने का केस दर्ज कराया है।
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पाली प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की देर शाम चड़राव निवासी अजय उर्फ गुड्डू (45) की चौराहे पर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। रविवार को थाने पहुंचे अजय के पिता राधेश्याम ने तहरीर दी। पुरानी रंजिश में गांव के बालगोविंद पर अपने सहयोगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया। परिवार के लोग पुलिस की लापरवाही से अजय की हत्या होने का आरोप लगा रहे हैं। 16 जून की शाम दुकान पर बम से हुए हमले की शिकायत पर भी इंस्पेक्टर के कोई कार्रवाई न करने की जानकारी उन्होंने मौके पर पहुंचे सीओ के साथ ही एसएसपी को दी।
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तथ्य की पड़ताल करने के बाद एसएसपी रामलाल वर्मा ने रविवार की सुबह इंस्पेक्टर सहजनवां यादवेंद्र पाल को लाइन हाजिर कर एसएसआई बृजेश यादव को कार्यवाहक थानेदार नियुक्त कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोगों ने दाह संस्कार कर दिया। 
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फरार हैं आरोपी के घरवाले 
सरेशाम हुई वारदात से पूरे चड़राव चौराहे पर सनसनी फैल गई। स्थानीय लोग अजय की हत्या में पुलिस को दोषी बता रहे हैं। लोगों ने कहा कि पुरानी घटनाओं में अगर कार्रवाई हुई होती तो अजय की जान बच जाती। घटना के बाद से बालगोविंद के साथ ही उसके परिवार के लोग फरार हैं। रविवार को पूरे दिन अजय के घर शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा रहा। 


इंस्पेक्टर पर दर्ज हुआ था मुकदमा 
गैंगरेप की एक घटना को फर्जी बताने और पीड़ित का कोर्ट में बयान न कराने पर इंस्पेक्टर यादवेंद्र पाल पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। सीजेएम के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई थी। कोर्ट की फटकार के बाद भी अधिकारियों ने यादवेंद्र पाल को नहीं हटाया। इंस्पेक्टर की लापरवाह कार्यप्रणाली का खामियाजा दुकानदार को जान देकर चुकानी पड़ी।
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