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आयकर टीम ने जब्त किए 93 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:50 AM IST
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बडे़ नोटों की पाबंदी के बाद बैंक खाते में बेहिसाब रकम जमा करने वालों पर अब आयकर विभाग की कार्रवाई शुरू हो गई है। देश भर में कई ऐसे खातों को चिह्नित किया गया है। गोरखपुर में ऐसे ही एक खाते की पड़ताल के बाद आयकर विभाग ने खाते में जमा करीब 93 लाख रुपये जब्त कर लिया है।
तारामंडल रोड स्थित मत्स्य जीवी सहकारी समिति की ओर से बडे़ नोटों की पाबंदी के बाद अपने खाते में 93 लाख रुपये जमा किए गए। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के बाद आयकर विभाग ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी। शनिवार को सहायक निदेशक जांच अजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम ने सहकारी समिति के कार्यालय जाकर कागजातों की जांच की। दिन भर चली पड़ताल के दौरान भी मत्स्य जीवी सहकारी समिति की ओर से जमा 93 लाख रुपये का हिसाब किताब उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके बाद टीम ने मत्स्य जीवी सहकारी समिति का खाता सीज कर रकम जब्त कर लिया।
सहायक निदेशक जांच अजय शुक्ला ने बताया कि बडे़ नोटों की पाबंदी के बाद एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा होने पर बैंकों द्वारा आयकर विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया गया था। मत्स्य जीवी सहकारी समिति के खाते में 93 लाख रुपये जमा किए गए, लेकिन समिति की ओर से इस संबंध में कोई हिसाब नहीं दिया गया। लिहाजा पूरी रकम जब्त कर सरकारी खाते में डाल दी गई है। इसके साथ ही सहकारी समिति के खिलाफ केस दर्ज कराने की भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कुशीनगर के ठेकेदार का 10.44 लाख रुपये जब्त
कुशीनगर में पुलिस की सूचना के बाद ठेकेदार से मिले 10.44 लाख रुपये को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस ने रवींद्र सिंह नामक ठेकेदार के पास से 10.44 लाख रुपये पकड़ा था। सूचना के बाद आयकर विभाग जांच के लिए पहुंची थी। सहायक निदेशक जांच अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार से पूछताछ के दौरान रकम के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया। इसके बाद रकम जब्त कर सरकारी खाते में डाल दी गई है।
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तारामंडल रोड स्थित मत्स्य जीवी सहकारी समिति की ओर से बडे़ नोटों की पाबंदी के बाद अपने खाते में 93 लाख रुपये जमा किए गए। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के बाद आयकर विभाग ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी। शनिवार को सहायक निदेशक जांच अजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीम ने सहकारी समिति के कार्यालय जाकर कागजातों की जांच की। दिन भर चली पड़ताल के दौरान भी मत्स्य जीवी सहकारी समिति की ओर से जमा 93 लाख रुपये का हिसाब किताब उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके बाद टीम ने मत्स्य जीवी सहकारी समिति का खाता सीज कर रकम जब्त कर लिया।
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सहायक निदेशक जांच अजय शुक्ला ने बताया कि बडे़ नोटों की पाबंदी के बाद एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम जमा होने पर बैंकों द्वारा आयकर विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया गया था। मत्स्य जीवी सहकारी समिति के खाते में 93 लाख रुपये जमा किए गए, लेकिन समिति की ओर से इस संबंध में कोई हिसाब नहीं दिया गया। लिहाजा पूरी रकम जब्त कर सरकारी खाते में डाल दी गई है। इसके साथ ही सहकारी समिति के खिलाफ केस दर्ज कराने की भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कुशीनगर के ठेकेदार का 10.44 लाख रुपये जब्त
कुशीनगर में पुलिस की सूचना के बाद ठेकेदार से मिले 10.44 लाख रुपये को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस ने रवींद्र सिंह नामक ठेकेदार के पास से 10.44 लाख रुपये पकड़ा था। सूचना के बाद आयकर विभाग जांच के लिए पहुंची थी। सहायक निदेशक जांच अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार से पूछताछ के दौरान रकम के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया। इसके बाद रकम जब्त कर सरकारी खाते में डाल दी गई है।