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ऋषिमुनि के नाम पर मांगी पांच करोड़ रंगदारी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Fri, 06 May 2016 01:17 AM IST
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अपराध
- फोटो : desk
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आजमगढ़ में अपर निदेशक कोषागार के पद पर तैनात अधिकारी से बदमाशों ने ऋषिमुनि तिवारी के नाम पर पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगी है। देवरिया, रामपुर कारखाने के महुआडीह के रहने वाले अधिकारी के घर पर तीन अप्रैल को फायरिंग हुई थी। इस संबंध में उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था। रंगदारी मांगने वाले बदमाश नेपाल के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के मोबाइल नंबर से भी फोन कर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अधिकारी ने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दे दी है।
अपर निदेशक कोषागार ने कैंट क्षेत्र में दिव्यनगर के पास स्थित प्रेम नगर कालोनी में मकान बनवाया है। वहां उनकी पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा रहता है। पिछले महीने तीन अप्रैल को बाइक से आए दो बदमाशों ने उनके रामपुर-कारखाने के महुआडीह स्थित घर के सामने फायरिंग की थी। उनके नौकर ने इस मामले में रामपुर कारखाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस घटना के बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में बदमाशों ने अपर निदेशक कोषागार के गोरखपुर स्थित आवास पर चिट्ठी फेंककर ऋषिमुनि तिवारी के नाम पर पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगी। अधिकारी के शिकायत करने पर दो सिपाहियों की उनके आवास पर ड्यूटी लगाई गई, लेकिन बाद में उन्हें हटा लिया गया। सिपाहियों के हटने पर बदमाश अपर निदेशक के पास नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मोबाइल नंबरों से फोन कर परिवार पर नजर रखने के साथ ही रुपये न मिलने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। लगातार फोन आने से अधिकारी का परिवार दहशत में है।
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इनसेट
2008 में पुलिस कस्टडी से भागा था ऋषिमुनि
गोरखपुर। 22 दिसंबर 2008 को सिवान के सेशन कोर्ट में पेशी से गोपालगंज जेल लौट रहा ऋषिमुनि तिवारी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में है। पूर्वांचल के गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती में ऋषिमुनि तिवारी के खिलाफ अपहरण, हत्या, लूट, रंगदारी मांगने और गैंगेस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। बिहार और नेपाल में सक्रिय ऋषिमुनि बम बनाने में माहिर है। पूर्व में वह श्रीपत गैंग से जुड़ा था।
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अपर निदेशक कोषागार ने कैंट क्षेत्र में दिव्यनगर के पास स्थित प्रेम नगर कालोनी में मकान बनवाया है। वहां उनकी पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा रहता है। पिछले महीने तीन अप्रैल को बाइक से आए दो बदमाशों ने उनके रामपुर-कारखाने के महुआडीह स्थित घर के सामने फायरिंग की थी। उनके नौकर ने इस मामले में रामपुर कारखाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस घटना के बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में बदमाशों ने अपर निदेशक कोषागार के गोरखपुर स्थित आवास पर चिट्ठी फेंककर ऋषिमुनि तिवारी के नाम पर पांच करोड़ रुपये रंगदारी मांगी। अधिकारी के शिकायत करने पर दो सिपाहियों की उनके आवास पर ड्यूटी लगाई गई, लेकिन बाद में उन्हें हटा लिया गया। सिपाहियों के हटने पर बदमाश अपर निदेशक के पास नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मोबाइल नंबरों से फोन कर परिवार पर नजर रखने के साथ ही रुपये न मिलने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। लगातार फोन आने से अधिकारी का परिवार दहशत में है।
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2008 में पुलिस कस्टडी से भागा था ऋषिमुनि
गोरखपुर। 22 दिसंबर 2008 को सिवान के सेशन कोर्ट में पेशी से गोपालगंज जेल लौट रहा ऋषिमुनि तिवारी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में है। पूर्वांचल के गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती में ऋषिमुनि तिवारी के खिलाफ अपहरण, हत्या, लूट, रंगदारी मांगने और गैंगेस्टर एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। बिहार और नेपाल में सक्रिय ऋषिमुनि बम बनाने में माहिर है। पूर्व में वह श्रीपत गैंग से जुड़ा था।