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झंगहा में पकड़ी गई तमंचे की फैक्ट्री
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:13 AM IST
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झंगहा में तमंचे की फैक्ट्री के साथ पकड़े गए कारीगर से पूछताछ करते सीओ राजेश भारती।
- फोटो : satish pandey
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झंगहा के टमठा में शुक्रवार की दोपहर छापेमारी करके पुलिस ने तमंचे की फैक्ट्री पकड़ी। इस दौरान निर्मित और अर्द्धनिर्मित 12 तमंचे के साथ फैक्ट्री संचालक और तस्कर को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि डिमांड करने पर वे तमंचा बनाकर बेचते हैं। पूछताछ के बाद पुलिस तमंचा खरीदने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। तलाशी में पुलिस को तमंचा बनाने के उपकरण भी मिले हैं।
झंगहा, थुन्ही प्रतिनिधि के अनुसार एसओ अनिल यादव ने शुक्रवार की दोपहर टमठा गांव में सोहन लाल विश्वकर्मा के घर दबिश दी। छानबीन के बाद खेत में स्थित उसकी झोपड़ी में जाकर जब तलाशी ली गई तो वहां निर्मित और अर्द्धनिर्मित 12 तमंचे व उपकरण मिले। सोहन ने बताया कि गांव का रहने वाला नरसिंह पासवान असलहे की तस्करी करता है। एक घंटे बाद पुलिस ने नरसिंह को भी हिरासत में ले लिया।
घटना की जानकारी के बाद पहुंचे सीओ चौरीचौरा राजेश भारती ने थाने में दोनों अभियुक्तों से पूछताछ की। सोहन ने बताया कि उसके बनाए असलहे दो से तीन हजार रुपये में नरसिंह आजमगढ़, संतकबीरनगर के अलावा देवरिया, मऊ में ले जाकर बेचता था। अब तक एक हजार से अधिक तमंचे दोनों बेच चुके हैं।
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पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
सोहन लाल के यहां पुलिस ने वर्ष 1990, 2012 में भी अवैध असलहे की फैक्ट्री पकड़ी थी। इससे पहले 2002 व 2011 में अवैध असलहे रखने के जुर्म में उसे पकड़ा गया था। इसका चचेरा भाई प्रेम 2007 में अवैध असलहे रखने के जुर्म में जेल जा चुका है।
रिवाल्वर बनाने की तैयारी में थे
तमंचा बनाने में माहिर सोहनलाल रिवाल्वर बनाने की तैयारी में था। जरूरी सामान जुटाने के बाद नरसिंह के साथ मिलकर वह रिवाल्वर बनाने में जुटा था। हाल के दिनों में उसने कई रिवाल्वर बनाए भी थे। सफल होने पर बड़े पैमाने पर रिवाल्वर बेचने की योजना थी। रिवाल्वर की बिक्री में तमंचा से चार गुना फायदा होता था। तलाशी में पुलिस को सोहनलाल के पास एक अर्द्धनिर्मित रिवाल्वर भी मिला।
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झंगहा, थुन्ही प्रतिनिधि के अनुसार एसओ अनिल यादव ने शुक्रवार की दोपहर टमठा गांव में सोहन लाल विश्वकर्मा के घर दबिश दी। छानबीन के बाद खेत में स्थित उसकी झोपड़ी में जाकर जब तलाशी ली गई तो वहां निर्मित और अर्द्धनिर्मित 12 तमंचे व उपकरण मिले। सोहन ने बताया कि गांव का रहने वाला नरसिंह पासवान असलहे की तस्करी करता है। एक घंटे बाद पुलिस ने नरसिंह को भी हिरासत में ले लिया।
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घटना की जानकारी के बाद पहुंचे सीओ चौरीचौरा राजेश भारती ने थाने में दोनों अभियुक्तों से पूछताछ की। सोहन ने बताया कि उसके बनाए असलहे दो से तीन हजार रुपये में नरसिंह आजमगढ़, संतकबीरनगर के अलावा देवरिया, मऊ में ले जाकर बेचता था। अब तक एक हजार से अधिक तमंचे दोनों बेच चुके हैं।
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पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
सोहन लाल के यहां पुलिस ने वर्ष 1990, 2012 में भी अवैध असलहे की फैक्ट्री पकड़ी थी। इससे पहले 2002 व 2011 में अवैध असलहे रखने के जुर्म में उसे पकड़ा गया था। इसका चचेरा भाई प्रेम 2007 में अवैध असलहे रखने के जुर्म में जेल जा चुका है।
रिवाल्वर बनाने की तैयारी में थे
तमंचा बनाने में माहिर सोहनलाल रिवाल्वर बनाने की तैयारी में था। जरूरी सामान जुटाने के बाद नरसिंह के साथ मिलकर वह रिवाल्वर बनाने में जुटा था। हाल के दिनों में उसने कई रिवाल्वर बनाए भी थे। सफल होने पर बड़े पैमाने पर रिवाल्वर बेचने की योजना थी। रिवाल्वर की बिक्री में तमंचा से चार गुना फायदा होता था। तलाशी में पुलिस को सोहनलाल के पास एक अर्द्धनिर्मित रिवाल्वर भी मिला।