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चालक को नेपाल में बेचना था शराब और ट्रक
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Nov 2015 09:28 PM IST
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आईजीएल गीडा से 1500 पेटी शराब लेकर भागा ट्रक चालक पुलिस को दोबारा चकमा देकर फरार हो गया। शराब लदे ट्रक को रविवार की शाम क्राइम ब्रांच की टीम ने बाघागाड़ा से बरामद करने के साथ ही चालक के भाई को गिरफ्तार किया।
महराजगंज, श्यामदेउरवां के रहने वाले ट्रक चालक ने नेपाल ले जाकर शराब और ट्रक को बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस की नजर से बचने के लिए उसने ट्रक का नंबर प्लेट भी बदल दिया था।
सोमवार की दोपहर पुलिस लाइंस में एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सात नवंबर को आईजीएल गीडा की शराब फैक्ट्री से 42 लाख की शराब ट्रक से जौनपुर के लिए निकली थी। रुस्तमपुर दुबे ट्रांसपोर्ट एजेंसी के ट्रक को लेकर महराजगंज, परतावल के धरमौली का रहने वाला अदालत लेकर निकला था।
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तीन दिन बाद ट्रक जौनपुर न पहुंचने पर आईजीएल के अधिकारियों ने मामले की जानकारी ट्रांसपोर्टर शिवाकांत दुबे को दी। जिस पर ट्रांसपोर्टर ने सहजनवां पुलिस को तहरीर दी। पुलिस मामले में ड्राइवर पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया।
छानबीन में ड्राइवर अदालत की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस सर्विलांस के जरिए उसकी तलाश में जुटी थी। रविवार की रात बाघागाड़ा में क्राइम ब्रांच और सहजनवां थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रक पकड़ लिया। इस दौरान अदालत पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
ट्रक में बैठे उसके भाई रामप्रसाद चौधरी को गिरफ्तार कर 1500 पेटी शराब के को कब्जे में लिया। एसपी (ग्रामीण) ने बताया कि अदालत ने नेपाल में ट्रक और शराब बेचने की योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया था।
पहले भी ट्रक लेकर फरार हुआ था
चार साल पहले शराब लदा ट्रक लेकर अदालत फरार हो गया था। ट्रांसपोर्टर की मदद से पुलिस ने उसे महराजगंज में गिरफ्तार किया था। सात नवंबर को को गीडा से शराब लेकर निकले अदालत ने कौड़ीराम पहुंचने पर ट्रांसपोर्टर शिवकांत दुबे को फोन कर अपहरण होने की जानकारी दी थी। एक घंटे बाद बड़हलगंज पहुंचने पर मोबाइल स्विच आफ कर वापस लौट आया। सर्विलांस के जरिए मामले की छानबीन कर रही पुलिस दो दिन तक मऊ और आजमगढ़ के बीच में उसे ढूंढने में जुटी रही।
महराजगंज, श्यामदेउरवां के रहने वाले ट्रक चालक ने नेपाल ले जाकर शराब और ट्रक को बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस की नजर से बचने के लिए उसने ट्रक का नंबर प्लेट भी बदल दिया था।
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सोमवार की दोपहर पुलिस लाइंस में एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सात नवंबर को आईजीएल गीडा की शराब फैक्ट्री से 42 लाख की शराब ट्रक से जौनपुर के लिए निकली थी। रुस्तमपुर दुबे ट्रांसपोर्ट एजेंसी के ट्रक को लेकर महराजगंज, परतावल के धरमौली का रहने वाला अदालत लेकर निकला था।
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तीन दिन बाद ट्रक जौनपुर न पहुंचने पर आईजीएल के अधिकारियों ने मामले की जानकारी ट्रांसपोर्टर शिवाकांत दुबे को दी। जिस पर ट्रांसपोर्टर ने सहजनवां पुलिस को तहरीर दी। पुलिस मामले में ड्राइवर पर अमानत में खयानत का केस दर्ज किया।
छानबीन में ड्राइवर अदालत की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस सर्विलांस के जरिए उसकी तलाश में जुटी थी। रविवार की रात बाघागाड़ा में क्राइम ब्रांच और सहजनवां थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर ट्रक पकड़ लिया। इस दौरान अदालत पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
ट्रक में बैठे उसके भाई रामप्रसाद चौधरी को गिरफ्तार कर 1500 पेटी शराब के को कब्जे में लिया। एसपी (ग्रामीण) ने बताया कि अदालत ने नेपाल में ट्रक और शराब बेचने की योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया था।
पहले भी ट्रक लेकर फरार हुआ था
चार साल पहले शराब लदा ट्रक लेकर अदालत फरार हो गया था। ट्रांसपोर्टर की मदद से पुलिस ने उसे महराजगंज में गिरफ्तार किया था। सात नवंबर को को गीडा से शराब लेकर निकले अदालत ने कौड़ीराम पहुंचने पर ट्रांसपोर्टर शिवकांत दुबे को फोन कर अपहरण होने की जानकारी दी थी। एक घंटे बाद बड़हलगंज पहुंचने पर मोबाइल स्विच आफ कर वापस लौट आया। सर्विलांस के जरिए मामले की छानबीन कर रही पुलिस दो दिन तक मऊ और आजमगढ़ के बीच में उसे ढूंढने में जुटी रही।