{"_id":"57923a4f4f1c1b5a3dc4be8c","slug":"dhirendra-died-to-complete-his-duty","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्ज पूरा करने की जिद में चली गई धीरेंद्र राव की जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फर्ज पूरा करने की जिद में चली गई धीरेंद्र राव की जान
सतीश कुमार पांडेय, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 22 Jul 2016 08:52 PM IST
विज्ञापन
पुलिस लाइंस में सीओ धीरेंद्र राव काो अंतिम विदाई दी गई।
- फोटो : Rajesh Kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीएम की रैली की सुरक्षा में आए सीओ गोला धीरेंद्र कुमार राव की तबीयत बृहस्पतिवार की शाम ही अचानक बिगड़ गई थी। गनर और ड्राइवर के साथ जब वह जिला अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने तेज बुखार और ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात कहकर भर्ती होने की सलाह दी थी, मगर वीआईपी ड्यूटी का हवाला देकर उन्होंने भर्ती होने से इन्कार कर दिया और दवा लेकर होटल लौट आए, जहां देर रात उनकी मौत हो गई।
उनके साथी अधिकारियों को कहना है कि धीरेंद्र एक ईमानदार पुलिस अधिकारी थे। वह अपनी ड्यूटी से कभी कोई समझौता नहीं करते थे। इसी के चलते जब बृहस्पतिवार को उनकी तबीयत खराब हुई तो जिला अस्पताल के डॉक्टर ने तेज बुखार और हाई ब्लड प्रेशर की जानकारी देकर उन्हें भर्ती होने की सलाह दी थी। लेकिन हमेशा ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से निभाने वाले धीरेंद्र ने प्रधानमंत्री की फ्लीट में शामिल होने की बात कहकर फर्ज से पीछे हटने से इन्कार कर दिया और शुक्रवार को ड्यूटी पूरी करने के बाद चेकअप कराने और भर्ती होने की बात कहकर होटल लौट गए। रात में आठ बजे के करीब घरवालों से उन्होंने बात भी की। दवा खाने के बाद गर्मी लगने पर उन्होंने कपड़े उतार दिए।
सुबह जब आठ बजे ड्यूटी प्वाइंट पर न पहुंचने के बाद कंट्रोल रूम से उनके अनुपस्थित होने का मैसेज जारी हुआ तो उनके गनर और ड्राइवर भागते हुए कमरे तक पहुंचे और दरवाजा खटखटाने और कई बार फोन करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो गनर ने बगल के कमरे में ठहरे इलाहाबाद से आए सीओ को मामले की जानकारी कंट्रोल रूम में भी सूचना दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी भी होटल पहुंच गए। जब दरवाजा तोड़ा गया तो बेड पर उनकी लाश पड़ी मिली। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड टीम ने छानबीन की। दोपहर एक बजे घरवालों के पहुंचने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
अंतिम विदाई में पहुंचा प्रशासनिक अमला
शाम 4:30 बजे सीओ धीरेंद्र राव को पुलिस लाइंस में अंतिम विदाई दी गई। आईजी मोहित अग्रवाल, कमिश्नर पी. गुरु प्रसाद, डीआईजी शिवसागर सिंह, डीएम ओएन सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा, एसपी (सिटी) हेमराज मीणा, एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह के साथ ही सीओ गोरखनाथ, कैंट, कोतवाली, बांसगांव, चौरीचौरा, कैंपियरगंज, खजनी ने उन्हें पुष्प अर्पित पर सलामी दी।
दो भाईयों में छोटे थे धीरेंद्र राव
1962 में जन्मे धीरेंद्र राव दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई जयहिंद शिक्षक हैं। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। घटना की जानकारी के बाद होटल पहुंचे परिवार और रिश्तेदार ने बताया की धीरेंद्र राव ने दो शादी की थी। पहली पत्नी से एक बेटा है और दूसरी से एक बेटी है। गाजीपुर में आरआई के पद पर तैनाती के दौरान प्रोन्नत होने पर वह गोरखपुर आए थे।
विज्ञापन
उनके साथी अधिकारियों को कहना है कि धीरेंद्र एक ईमानदार पुलिस अधिकारी थे। वह अपनी ड्यूटी से कभी कोई समझौता नहीं करते थे। इसी के चलते जब बृहस्पतिवार को उनकी तबीयत खराब हुई तो जिला अस्पताल के डॉक्टर ने तेज बुखार और हाई ब्लड प्रेशर की जानकारी देकर उन्हें भर्ती होने की सलाह दी थी। लेकिन हमेशा ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से निभाने वाले धीरेंद्र ने प्रधानमंत्री की फ्लीट में शामिल होने की बात कहकर फर्ज से पीछे हटने से इन्कार कर दिया और शुक्रवार को ड्यूटी पूरी करने के बाद चेकअप कराने और भर्ती होने की बात कहकर होटल लौट गए। रात में आठ बजे के करीब घरवालों से उन्होंने बात भी की। दवा खाने के बाद गर्मी लगने पर उन्होंने कपड़े उतार दिए।
विज्ञापन
सुबह जब आठ बजे ड्यूटी प्वाइंट पर न पहुंचने के बाद कंट्रोल रूम से उनके अनुपस्थित होने का मैसेज जारी हुआ तो उनके गनर और ड्राइवर भागते हुए कमरे तक पहुंचे और दरवाजा खटखटाने और कई बार फोन करने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो गनर ने बगल के कमरे में ठहरे इलाहाबाद से आए सीओ को मामले की जानकारी कंट्रोल रूम में भी सूचना दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी भी होटल पहुंच गए। जब दरवाजा तोड़ा गया तो बेड पर उनकी लाश पड़ी मिली। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉयड टीम ने छानबीन की। दोपहर एक बजे घरवालों के पहुंचने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
विज्ञापन
अंतिम विदाई में पहुंचा प्रशासनिक अमला
शाम 4:30 बजे सीओ धीरेंद्र राव को पुलिस लाइंस में अंतिम विदाई दी गई। आईजी मोहित अग्रवाल, कमिश्नर पी. गुरु प्रसाद, डीआईजी शिवसागर सिंह, डीएम ओएन सिंह, एसएसपी रामलाल वर्मा, एसपी (सिटी) हेमराज मीणा, एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह के साथ ही सीओ गोरखनाथ, कैंट, कोतवाली, बांसगांव, चौरीचौरा, कैंपियरगंज, खजनी ने उन्हें पुष्प अर्पित पर सलामी दी।
दो भाईयों में छोटे थे धीरेंद्र राव
1962 में जन्मे धीरेंद्र राव दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई जयहिंद शिक्षक हैं। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। घटना की जानकारी के बाद होटल पहुंचे परिवार और रिश्तेदार ने बताया की धीरेंद्र राव ने दो शादी की थी। पहली पत्नी से एक बेटा है और दूसरी से एक बेटी है। गाजीपुर में आरआई के पद पर तैनाती के दौरान प्रोन्नत होने पर वह गोरखपुर आए थे।