{"_id":"5808ebdc4f1c1b434b7042cc","slug":"demonds-of-weapons-to-cm","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री जी! खतरा है, असलहा चाहिए","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुख्यमंत्री जी! खतरा है, असलहा चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
बंदूक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही असलहे को लेकर एक बार फिर सिफारिशों का दौर तेज हो गया है। आवेदन करने के महीनों बाद भी जिला स्तर पर कोई उम्मीद नहीं बनती देख कई असलहा प्रेमियों ने डीएम को छोड़ सीधे सीएम तक सिफारिश कर डाली। सभी ने जान को खतरा बताते हुए लाइसेंस मांगा है ताकि वे असलहा खरीद सकें। किसी ने अपने साथ हुई घटना का जिक्र किया है तो किसी ने खुद को किसी घटना का गवाह बताया है। इनमें से ज्यादातर ने सुरक्षा के लिए पिस्टल पर भरोसा जताया है।
इन सिफारिशों से जुड़े दो दर्जन मामलों में सीएम दफ्तर से जवाब मांगा गया है। चूंकि मामला सीएम संदर्भ का है लिहाजा प्रशासन भी इनके आवेदनों को निरस्त करने की वजहों को सहेजने में जुट गया है। जिन आवेदनों में कोई वाजिब वजह नहीं है, उन मामलों में वजहें तैयार की जा रही हैं। इसमें पुलिस महकमे की भी मदद ली जी रही है। हालांकि कोर्ट के आदेश पर असलहा लाइसेंस को लेकर सख्ती होने की वजह से जिला प्रशासन भी आश्वस्त है कि लाइसेंस को लेकर शासन स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होने जा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन सिफारिशों से जुड़े दो दर्जन मामलों में सीएम दफ्तर से जवाब मांगा गया है। चूंकि मामला सीएम संदर्भ का है लिहाजा प्रशासन भी इनके आवेदनों को निरस्त करने की वजहों को सहेजने में जुट गया है। जिन आवेदनों में कोई वाजिब वजह नहीं है, उन मामलों में वजहें तैयार की जा रही हैं। इसमें पुलिस महकमे की भी मदद ली जी रही है। हालांकि कोर्ट के आदेश पर असलहा लाइसेंस को लेकर सख्ती होने की वजह से जिला प्रशासन भी आश्वस्त है कि लाइसेंस को लेकर शासन स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होने जा रही।
विज्ञापन
धूल फांक रहे हजारों आवेदन
थाने से लेकर डीसीआरबी, एसपी, एसएसपी और डीएम स्तर पर शस्त्र लाइसेंस के दो हजार से अधिक आवेदन धूल फांक रहे हैं। जिले में करीब पांच साल से लाइसेंस पर रोक लगी होने के बावजूद असलहे के शौकीनों को उम्मीद रहती है कि जल्द ही यह रोक हट सकती है। ऐसे में विलंब न हो, इसलिए वे आवेदन पत्रों की जांच आदि की कार्रवाई पूरी रखना चाहते हैं। यही वजह है कि छह महीने में आवेदन निरस्त होने के बाद भी तमाम लोग दोबारा आवेदन कर देते हैं।
विज्ञापन