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गाड़ी खड़ी करने से रोकने पर ठेकेदार ने की फायरिंग
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2016 02:14 AM IST
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गाड़ी खड़ी करने के विवाद में बृहस्पतिवार की रात ठेकेदार ने विंध्यवासिनी नगर में 15 राउंड से अधिक फायरिंग कर दहशत फैला दी। बीमा कंपनी के सर्वेयर को गोली लगने के बाद कॉलोनी के लोगों ने ठेकेदार का घर घेर लिया। उसकी दो कार समेत तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ ही पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे प्रभारी एसएसपी ने कार्रवाई का भरोसा देकर गुस्साए लोगों को शांत कराया। पुलिस ने ठकेदार के पिता को हिरासत में लिया है।
माया बाजार के रहने जितेंद्र सिंह नगर निगम में ठेकेदारी करते हैं। घर के पीछे विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में पार्क के पास अपनी कार खड़ी करते हैं। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका की हत्या के बाद कॉलोनी के लोगों ने मोहल्ले में आने वाले सभी अस्थायी रास्तों को बंद करने के साथ ही मुख्य मार्ग पर दो जगह गेट लगवाने का निर्णय लिया था। गेट लगवाने की जिम्मेदारी कॉलोनी के आलोक श्रीवास्तव, अतुल कालिया, सौरभ श्रीवास्तव, अजय द्विवेदी ने ली थी। उत्तर तरफ गेट लगा दिया गया है। दक्षिण तरफ गेट लगाने का काम चल रहा है। न्यू इंडिया इंश्योरेंश कंपनी में सर्वेयर के पद पर कार्यरत आलोक श्रीवास्तव ने सुरक्षा का हवाला देते हुए बुधवार की शाम जितेंद्र से कॉलोनी में कार न खड़ा करने के साथ ही अपनी व्यवस्था करने के लिए कहा था।
बृहस्पतिवार की रात 10:30 बजे जितेंद्र कार खड़ी करने विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में पहुंचे थे। आलोक कॉलोनी के लोगों को लेकर उलहना देने जितेंद्र के घर पहुंचे। घर पर केवल महिलाओं के होने पर सभी लोग लौट आए। मोहल्ले वालों का आरोप है कि रात 11 बजे जितेंद्र अपने भाई सुजीत के साथ आठ - दस अज्ञात लोगों के साथ असलहा लेकर कॉलोनी में पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी। अंधाधुंध फायरिंग से कॉलोनी में भगदड़ मच गई। हाथ और पैर में गोली लगने से आलोक घायल हो गए जिन्हें मोहल्ले के लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से परिवार के लोग निजी अस्पताल लेकर चले गए। घटना के बाद विंध्यवासिनी नगर के लोगों ने ठेकेदार की दो कार समेत तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ ही घर घेर लिया।
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कोतवाली पुलिस, क्राइम ब्रांच के साथ फोर्स को लेकर पहुंचे एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल, प्रभारी एसएसपी / एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जितेंद्र के पिता लक्ष्मी शंकर सिंह को हिरासत में लेकर लोगों को शांत कराया। आरोपी ठेकेदार जितेंद्र की कार में पुलिस को शराब और पानी की बोतल मिली है। मोहल्ले के लोगों ने एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल से कोतवाली थाने के एक दरोगा पर ठेेकेदार और उसके साथियों को मौके से भगाने का आरोप लगाया है।
बेटी की शादी के लिए खुलवाया था रास्ता
गोरखपुर। कोतवाली के माया बाजार निवासी जितेंद्र सिंह के पिता लक्ष्मी शंकर सिंह ने बेटी की शादी के लिए दस साल पहले विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी की तरफ रास्ता खुलवाया था। मोहल्ले के लोगों का आरोप था कि शादी के बाद लक्ष्मी शंकर सिंह ने रास्ता बंद न करके अपनी गाड़ियां विंध्यवासिनी नगर में खड़ी करना शुरू कर दिया था। जबकि लक्ष्मी शंकर का मेन दरवाजा माया बाजार की तरफ है।
कॉलोनी में तैनात होंगे दो चौकीदार
डबल मर्डर के बाद कॉलोनी के लोगों ने मोहल्ले की एक सुरक्षा समिति बनाई है। जिसमें आलोक कुमार श्रीवास्तव, अतुल कालिया, सौरभ श्रीवास्तव और अजय द्विवेदी मुख्य रूप से है। लेकिन कॉलोनी में गेट लगाने से लेकर अन्य काम की जिम्मेदारी आलोक कुमार को दी गई है। कॉलोनी में कोई बाहरी व्यक्ति न आ सके इसलिए आलोक ने जितेंद्र का विंध्यवासिनी नगर में आने का रास्ता मोहल्ले वालों की सहमती पर रोकने को कहा था। अतुल कालिया ने बताया कि विंध्यवासिनी नगर में दो गेट लग रहे है। एक स्टार हॉस्पिटल के सामने और दूसरा उसके बगल में। जहां दो चौकीदार तैनात किया जाएगा। चौकीदारों के पास मोहल्ले वालों के नाम और उनकी गाड़ी के नंबर होंगे। क्योंकि जितेंद्र मोहल्ले के नहीं है इसलिए उनकी गाड़ी को खड़ा करने से रोका जा रहा है।
जितेंद्र के घर के बगल में बंद हुआ है रास्ता
इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका श्रीवास्तव की हत्या के बाद मोहल्ले वालों ने सबसे पहले मोहल्ले से माया बाजार जाने वाले रास्ता को बंद कर दिया था। जहां रास्ता बंद किया गया था ठीक उसी के बगल में जितेंद्र सिंह का मकान है। रास्ता बंद होने के बाद से ही जितेंद्र सिंह परेशान था।
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माया बाजार के रहने जितेंद्र सिंह नगर निगम में ठेकेदारी करते हैं। घर के पीछे विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में पार्क के पास अपनी कार खड़ी करते हैं। रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका की हत्या के बाद कॉलोनी के लोगों ने मोहल्ले में आने वाले सभी अस्थायी रास्तों को बंद करने के साथ ही मुख्य मार्ग पर दो जगह गेट लगवाने का निर्णय लिया था। गेट लगवाने की जिम्मेदारी कॉलोनी के आलोक श्रीवास्तव, अतुल कालिया, सौरभ श्रीवास्तव, अजय द्विवेदी ने ली थी। उत्तर तरफ गेट लगा दिया गया है। दक्षिण तरफ गेट लगाने का काम चल रहा है। न्यू इंडिया इंश्योरेंश कंपनी में सर्वेयर के पद पर कार्यरत आलोक श्रीवास्तव ने सुरक्षा का हवाला देते हुए बुधवार की शाम जितेंद्र से कॉलोनी में कार न खड़ा करने के साथ ही अपनी व्यवस्था करने के लिए कहा था।
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बृहस्पतिवार की रात 10:30 बजे जितेंद्र कार खड़ी करने विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में पहुंचे थे। आलोक कॉलोनी के लोगों को लेकर उलहना देने जितेंद्र के घर पहुंचे। घर पर केवल महिलाओं के होने पर सभी लोग लौट आए। मोहल्ले वालों का आरोप है कि रात 11 बजे जितेंद्र अपने भाई सुजीत के साथ आठ - दस अज्ञात लोगों के साथ असलहा लेकर कॉलोनी में पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी। अंधाधुंध फायरिंग से कॉलोनी में भगदड़ मच गई। हाथ और पैर में गोली लगने से आलोक घायल हो गए जिन्हें मोहल्ले के लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से परिवार के लोग निजी अस्पताल लेकर चले गए। घटना के बाद विंध्यवासिनी नगर के लोगों ने ठेकेदार की दो कार समेत तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ ही घर घेर लिया।
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कोतवाली पुलिस, क्राइम ब्रांच के साथ फोर्स को लेकर पहुंचे एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल, प्रभारी एसएसपी / एसपी (ग्रामीण) ब्रजेश सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जितेंद्र के पिता लक्ष्मी शंकर सिंह को हिरासत में लेकर लोगों को शांत कराया। आरोपी ठेकेदार जितेंद्र की कार में पुलिस को शराब और पानी की बोतल मिली है। मोहल्ले के लोगों ने एसपी (सिटी) हेमंत कुटियाल से कोतवाली थाने के एक दरोगा पर ठेेकेदार और उसके साथियों को मौके से भगाने का आरोप लगाया है।
बेटी की शादी के लिए खुलवाया था रास्ता
गोरखपुर। कोतवाली के माया बाजार निवासी जितेंद्र सिंह के पिता लक्ष्मी शंकर सिंह ने बेटी की शादी के लिए दस साल पहले विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी की तरफ रास्ता खुलवाया था। मोहल्ले के लोगों का आरोप था कि शादी के बाद लक्ष्मी शंकर सिंह ने रास्ता बंद न करके अपनी गाड़ियां विंध्यवासिनी नगर में खड़ी करना शुरू कर दिया था। जबकि लक्ष्मी शंकर का मेन दरवाजा माया बाजार की तरफ है।
कॉलोनी में तैनात होंगे दो चौकीदार
डबल मर्डर के बाद कॉलोनी के लोगों ने मोहल्ले की एक सुरक्षा समिति बनाई है। जिसमें आलोक कुमार श्रीवास्तव, अतुल कालिया, सौरभ श्रीवास्तव और अजय द्विवेदी मुख्य रूप से है। लेकिन कॉलोनी में गेट लगाने से लेकर अन्य काम की जिम्मेदारी आलोक कुमार को दी गई है। कॉलोनी में कोई बाहरी व्यक्ति न आ सके इसलिए आलोक ने जितेंद्र का विंध्यवासिनी नगर में आने का रास्ता मोहल्ले वालों की सहमती पर रोकने को कहा था। अतुल कालिया ने बताया कि विंध्यवासिनी नगर में दो गेट लग रहे है। एक स्टार हॉस्पिटल के सामने और दूसरा उसके बगल में। जहां दो चौकीदार तैनात किया जाएगा। चौकीदारों के पास मोहल्ले वालों के नाम और उनकी गाड़ी के नंबर होंगे। क्योंकि जितेंद्र मोहल्ले के नहीं है इसलिए उनकी गाड़ी को खड़ा करने से रोका जा रहा है।
जितेंद्र के घर के बगल में बंद हुआ है रास्ता
इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका श्रीवास्तव की हत्या के बाद मोहल्ले वालों ने सबसे पहले मोहल्ले से माया बाजार जाने वाले रास्ता को बंद कर दिया था। जहां रास्ता बंद किया गया था ठीक उसी के बगल में जितेंद्र सिंह का मकान है। रास्ता बंद होने के बाद से ही जितेंद्र सिंह परेशान था।