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दस्तावेज जुटाकर लौट गई सीबीआई टीम
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 20 Jan 2017 01:39 AM IST
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sara singh
- फोटो : अमर उजाला
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सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पुत्रवधू सारा की मौत की जांच के सिलसिले में गोरखपुर आई सीबीआई टीम बृहस्पतिवार को लौट गई। सूत्रों की मानें तो गोरखपुर और महराजगंज में 10 दिनों तक चली पड़ताल में अमरमणि के बेटे अमनमणि त्रिपाठी के करीबियों से पूछताछ में सीबीआई के हाथ कुछ अहम दस्तावेज भी हाथ लगे हैं, जो सारा की मौत से पर्दा उठा सकते हैं। टीम ने लौटने से पहले नगर निगम कर्मी और एक छात्रनेता से दोबारा पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि अमनमणि शहर में रहने के दौरान इन दोनों के संपर्क में रहता था।
बता दें कि नौ जुलाई 2015 को दिल्ली जाते समय सारा की कथित सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सारा की मां ने हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने अमनमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। अमन इस समय जेल में हैं। इस प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है। जांच के दौरान ही सीबीआई को पता चला कि सारा की मौत से पांच दिन पहले उसके मोबाइल की कॉल डिटेल गोरखपुर से निकाली गई थी। इसके बाद ही सीबीआई ने गोरखपुर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। टीम ने इन 10 दिनों में कॉल डिटेल निकलवाने वाले सर्विलांस सेल के सिपाही से पूछताछ करने के साथ ही अमन के कई करीबियों से भी पूछताछ की। बृहस्पतिवार को महराजगंज में रहने वाले ठेकेदार और पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के करीबी से भी पूछताछ की गई। इसके बाद सीबीआई ने गोरखपुर के नगर निगम कर्मी और छात्रनेता से दोबारा पूछताछ की।
एसएसपी से मांगी रिपोर्ट
सीबीआई ने सर्विलांस द्वारा सारा के फोन की कॉल डिटेल निकाले जाने में संलिप्त पुलिस वाले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीबीआई ने कॉल डिटेल निकालने की वजह और यदि थानेदार को इसकी जरूरत नहीं थी तो सिपाही की भूमिका के बारे में पूछा है। एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि कॉल डिटेल प्रकरण की जांच सीओ कैंट को सौंपी गई है। जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई को भेजी जाएगी और दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई होगी।
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30 से हुई पूछताछ, 15 को नोटिस
सीबीआई ने 10 दिनों में 30 लोगों से पूछताछ की। सभी अमनमणि या फिर उनके पिता अमरमणि के करीबी हैं। टीम ने इसमें से 15 लोगों को नोटिस जारीकर जवाब भी मांगा है। सूत्रों ने बताया कि नोटिस में कई सवाल भी किए गए हैं।
आरटीओ जाकर कागजात देखे
अमन और उसके सहयोगियों के वाहनों के कागजात भी सीबीआई ने आरटीओ में जाकर चेक किए। बताया जा रहा है कि कुछ ऐसी गाड़ियां दिखाई दी हैं, जो गोरखपुर की है और सारा के कथित सड़क हादसे के दौरान उधर से गुजरी थीं।
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बता दें कि नौ जुलाई 2015 को दिल्ली जाते समय सारा की कथित सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सारा की मां ने हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने अमनमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। अमन इस समय जेल में हैं। इस प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है। जांच के दौरान ही सीबीआई को पता चला कि सारा की मौत से पांच दिन पहले उसके मोबाइल की कॉल डिटेल गोरखपुर से निकाली गई थी। इसके बाद ही सीबीआई ने गोरखपुर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। टीम ने इन 10 दिनों में कॉल डिटेल निकलवाने वाले सर्विलांस सेल के सिपाही से पूछताछ करने के साथ ही अमन के कई करीबियों से भी पूछताछ की। बृहस्पतिवार को महराजगंज में रहने वाले ठेकेदार और पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के करीबी से भी पूछताछ की गई। इसके बाद सीबीआई ने गोरखपुर के नगर निगम कर्मी और छात्रनेता से दोबारा पूछताछ की।
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एसएसपी से मांगी रिपोर्ट
सीबीआई ने सर्विलांस द्वारा सारा के फोन की कॉल डिटेल निकाले जाने में संलिप्त पुलिस वाले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीबीआई ने कॉल डिटेल निकालने की वजह और यदि थानेदार को इसकी जरूरत नहीं थी तो सिपाही की भूमिका के बारे में पूछा है। एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि कॉल डिटेल प्रकरण की जांच सीओ कैंट को सौंपी गई है। जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई को भेजी जाएगी और दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई होगी।
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30 से हुई पूछताछ, 15 को नोटिस
सीबीआई ने 10 दिनों में 30 लोगों से पूछताछ की। सभी अमनमणि या फिर उनके पिता अमरमणि के करीबी हैं। टीम ने इसमें से 15 लोगों को नोटिस जारीकर जवाब भी मांगा है। सूत्रों ने बताया कि नोटिस में कई सवाल भी किए गए हैं।
आरटीओ जाकर कागजात देखे
अमन और उसके सहयोगियों के वाहनों के कागजात भी सीबीआई ने आरटीओ में जाकर चेक किए। बताया जा रहा है कि कुछ ऐसी गाड़ियां दिखाई दी हैं, जो गोरखपुर की है और सारा के कथित सड़क हादसे के दौरान उधर से गुजरी थीं।