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जेल के बवाल में 13 नामजद, सैकड़ों अज्ञात पर केस

Fri, 14 Oct 2016 08:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 14 Oct 2016 08:53 PM IST
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Case on more than 100 captives in the matter of scourge in jail
हंगामा मचाते हुए कैदी जेल की दीवारों पर चढ़ गए थे। - फोटो : Amar Ujala
जेल में गुरुवार को हुए बवाल में शाहपुर पुलिस ने 13 नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात बंदियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जेल अधीक्षक ने देर रात पुलिस को इस बाबत तहरीर दी। नामजद बंदियों पर बंदी रक्षकों पर जानलेवा हमला करने, आगजनी और तोड़फोड़ कर अफरातफरी फैलाने का आरोप है। यही नहीं, जेल प्रशासन बवाल करने वाले बंदियों को चिह्नित कर दूसरे जेल में शिफ्ट करने की भी तैयारी में है।
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जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने गुरुवार की देर रात शाहपुर थाने तहरीर भेजी। इसमें बंदी मनोज ओझा, राजकुमार वाजपेयी, आनंद तिवारी, दीपक, शेरू, चंदन यादव, आरफीन, करुणेश तिवारी, बुद्धिसागर शुक्ला, राकेश मणि, नंदन सिंह, राकेश सिंह, विवेक तिवारी के खिलाफ नामजद और समेत सैकड़ों अज्ञात बंदियों को आरोपी बनाया गया है। तहरीर में समझाने गए बंदीरक्षकों पर जानलेवा हमला करने, तोड़फोड़, आगजनी के साथ ही जेल का माहौल बिगाड़कर अफरातफरी मचाने का आरोप है।
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शाहपुर पुलिस ने सभी बंदियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी बंदियों में मनोज ओझा तिहाड़ जेल में बंद शातिर मनोज का भाई है जिसने एक महीने पहले मेयर को पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी, जबकि नंदन सिंह पुलिस कस्टडी से फरार हुए 50 हजार रुपये के इनामी चंदन का छोटा भाई है। अन्य आरोपी हत्या, लूट, चोरी के मामले में बंद हैं।
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जेल में बवाल मामले की जांच शासन ने आईजी एसटीएफ को दी है। इसके अलावा जेल प्रशासन ने बवाल बढ़ाने वाले बैरक नंबर नौ के बंदी रमाकांत यादव, जोगिंदर पाल, संदीप यादव, गामा यादव, राजीव मिश्रा, संजीव श्रीवास्तव, शैलेश यादव समेत कई बंदियों को चिह्नित किया है जिन्हें दूसरे जेल में शिफ्ट करने की तैयारी है। इस घटना के बाद जेल अधीक्षक, जेलर समेत कई अन्य अफसरों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ल शुक्रवार के पूरे दिन जेल में मौजूद रहे। घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर छानबीन करने के बाद वे अधिकारियों को इसकी जानकारी देते रहे। इस बीच शुक्रवार को जेल में तनावपूर्ण शांति रही।

जेलर, डिप्टी जेलरों को मिली हत्या की धमकी

जेलर डॉक्टर आरके सिंह, डिप्टी जेलर प्रणय और डीडी सिंह को बंदियों ने जान से मारने की धमकी दी है। यही वजह है कि अफसर जेल के अंदर नहीं जा रहे हैं। कार्यालय में ही बैठकर अपना कामकाज निपटा रहे हैं। जेलर, डिप्टी जेलर ने तो अफसरों को मामले की जानकारी देते हुए स्थानांतरण कराने का आग्रह किया है। यही नहीं, कुछ बंदीरक्षकों ने भी बंदियों से खुद की जान का खतरा बताया है। बवाल के दौरान बीच-बचाव की कोशिश वाले आदर्श कैदी (राइटर) का भी बंदियों ने सामान जला दिया था। जेल में बवाल के दूसरे दिन अनहोनी की आशंका में ये लोग सोने के लिए बैरक तक में नहीं गए। मिलेनियम बैरक में ही रात बिताई।


हत्या की धमकी मिलने के बाद जेलर और डिप्टी जेलरों ने आईजी जेल से बात कर खुद को हटाने की सिफारिश की है। यह भी पता चला है कि उन्होंने गोपनीय पत्र लिखकर जेल अधीक्षक के रहते ठीक ढंग से काम कर पाने में असमर्थता जताई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके शर्मा ने भी इस घटना के बाद अफसरों से बातचीत कर खुद को हटाने की सिफारिश की। जेल अधीक्षक छह साल से गोरखपुर जेल में तैनात हैं। जेल में बवाल की वजह जानने के लिए जेल प्रशासन के अलावा एसपी (सिटी) और सिटी मजिस्ट्रेट भी जांच कर रहे हैं।
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