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जंगल में बछड़ा छोड़ने गए दरोगा पर हमला
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 08 Jul 2016 09:31 PM IST
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पुलिस
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कुसम्ही जंगल में बछड़ा छोड़ने गए दरोगा के बेटे से वनटांगियां मजूदरों का विवाद हो गया। सूचना देने पर पहुंचे दरोगा ने विरोध करने वाले लोगों की पिटाई कर दी। घटना की जानकारी के बाद जुटे मजूदरों ने दरोगा पर हमला कर दिया। सूचना पर पहुंचे सिपाहियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया तो दरोगा की उनसे भी नोकझोंक हो गई। दोपहर बाद डीआईजी ऑफिस पहुंचे वनटांगियां मजदूरों ने दरोगा की शिकायत की।
जगदीशपुर प्रतिनिधि के अनुसार बहरामपुर के जर्दा टोला निवासी ओमप्रकाश पासवान उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा है। उनकी पोस्टिंग वर्तमान में एसपी देवरिया के ऑफिस में हैं। शुक्रवार की दोपहर उनका बेटा परिवार के लोगों संग कुसम्ही जंगल में बछड़ा छोड़ने आया था। वनटांगिया बस्ती के मजदूरों ने बछड़े को देख फसल बर्बाद करने की बात कह विरोध शुरू कर दिया। दरोगा के बेटे से इसी बात को लेकर मजदूरों की बहस हो गई। फोन से जानकारी देने पर ओमप्रकाश मौके पर पहुंच गए।
आरोप है कि उन्होंने एक मजदूर की पिटाई कर दी जिसके बाद वनटांगियां मजदूरों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर खोराबार थाने के दो सिपाही मौके पर पहुंचे तो दरोगा की उनसे भी नोकझोंक हो गई। घटना को देख मजदूर दोबारा उग्र हो गए और सिपाहियों के सामने ही दरोगा को दौड़ा लिया। मौके से भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई। भागते समय ओमप्रकाश का परिचय पत्र जेब से गिर गया जिससे उनकी पहचान हुई। घटना के बाद डीआईजी ऑफिस पहुंचे वनटांगियां मजदूरों ने दरोगा पर मारपीट करने और धमकी देने की शिकायत की। डीआईजी शिवसागर सिंह ने कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें घर भेजा।
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जगदीशपुर प्रतिनिधि के अनुसार बहरामपुर के जर्दा टोला निवासी ओमप्रकाश पासवान उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा है। उनकी पोस्टिंग वर्तमान में एसपी देवरिया के ऑफिस में हैं। शुक्रवार की दोपहर उनका बेटा परिवार के लोगों संग कुसम्ही जंगल में बछड़ा छोड़ने आया था। वनटांगिया बस्ती के मजदूरों ने बछड़े को देख फसल बर्बाद करने की बात कह विरोध शुरू कर दिया। दरोगा के बेटे से इसी बात को लेकर मजदूरों की बहस हो गई। फोन से जानकारी देने पर ओमप्रकाश मौके पर पहुंच गए।
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आरोप है कि उन्होंने एक मजदूर की पिटाई कर दी जिसके बाद वनटांगियां मजदूरों ने उनके ऊपर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर खोराबार थाने के दो सिपाही मौके पर पहुंचे तो दरोगा की उनसे भी नोकझोंक हो गई। घटना को देख मजदूर दोबारा उग्र हो गए और सिपाहियों के सामने ही दरोगा को दौड़ा लिया। मौके से भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई। भागते समय ओमप्रकाश का परिचय पत्र जेब से गिर गया जिससे उनकी पहचान हुई। घटना के बाद डीआईजी ऑफिस पहुंचे वनटांगियां मजदूरों ने दरोगा पर मारपीट करने और धमकी देने की शिकायत की। डीआईजी शिवसागर सिंह ने कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें घर भेजा।
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