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जाली नोट छाप रहे युवक को पुलिस ने पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 12 Apr 2016 09:09 PM IST
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गोरखनाथ थाना क्षेत्र मे पकड़ा गया जाली नोट बनाने वाला अक्षय।
- फोटो : rajesh kumar
जाली नोट छापने वाले एक युवक को गोरखनाथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तलाशी में उसके पास से 54 हजार रुपये के जाली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर, कटर और नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल भी मिला। पकड़ा गया युवक आजमगढ़ का रहने वाला है। दस साल से वह शहर में रहकर होटल में बैरा का काम करता था। एक महीने से वह 100 रुपये के जाली नोट छाप रहा था।
पुलिस लाइंस में मंगलवार दोपहर प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने मामले का पर्दाफाश किया। उन्होेंने बताया कि आजमगढ़, रौनापार के इस्माइलपुर निवासी अक्षय कुमार यादव गोरखनाथ के हुमायूंपुर में किराए के कमरे में रहता था। एक महीने से वह 100 रुपये के नकली नोटों की छपाई कर रहा था। इस दौरान वह करीब पांच से छह हजार रुपये बाजार में चला चुका था।
मुखबिर की सूचना पर एसओ गोरखनाथ सदानंद सिंह ने सोमवार रात छापा मारकर उसे उसके कमरे से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में बिस्तर के नीचे रखे 54,200 रुपये के जाली नोट, 100 रुपये के 43 अर्द्धनिर्मित जाली नोट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, पेपर कटर, पेन ड्राइव और अन्य उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में उसने अकेले ही यह काम करने की जानकारी दी। आरोपी के खिलाफ जालसाजी कर जाली नोट छापने का केस दर्ज किया गया है।
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कई होटलों में कर चुका है काम
पकड़ा गया अक्षय यादव हाईस्कूल पास है। वह दस साल से गोरखपुर में रह रहा है। शहर के कई अच्छे होटलों में वह बैरा का काम कर चुका है। काम काज के दौरान ही उसने होटल में कंप्यूटर चलाना सीखा था। लैपटॉप, प्रिंटर, खरीदने के बाद उसने असली नोट को स्कैन कर कई बार जाली नोट छापने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।
यू ट्यूब से मिली नोट छापने की जानकारी
यू ट्यूब की मदद से अक्षय ने जाली नोट बनाने की जानकारी हासिल की थी। उसी के अनुसार बढ़िया क्वालिटी के ए-4 साइज पेपर खरीदकर वह जाली नोट छाप रहा था। किसी को संदेह न हो इसलिए वह 100 रुपये के नोट छाप रहा था और शाम के समय दुकान पर रुपये देकर सामान खरीदता था।
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पुलिस लाइंस में मंगलवार दोपहर प्रेस वार्ता कर एसएसपी अनंत देव ने मामले का पर्दाफाश किया। उन्होेंने बताया कि आजमगढ़, रौनापार के इस्माइलपुर निवासी अक्षय कुमार यादव गोरखनाथ के हुमायूंपुर में किराए के कमरे में रहता था। एक महीने से वह 100 रुपये के नकली नोटों की छपाई कर रहा था। इस दौरान वह करीब पांच से छह हजार रुपये बाजार में चला चुका था।
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मुखबिर की सूचना पर एसओ गोरखनाथ सदानंद सिंह ने सोमवार रात छापा मारकर उसे उसके कमरे से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में बिस्तर के नीचे रखे 54,200 रुपये के जाली नोट, 100 रुपये के 43 अर्द्धनिर्मित जाली नोट, एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, पेपर कटर, पेन ड्राइव और अन्य उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में उसने अकेले ही यह काम करने की जानकारी दी। आरोपी के खिलाफ जालसाजी कर जाली नोट छापने का केस दर्ज किया गया है।
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कई होटलों में कर चुका है काम
पकड़ा गया अक्षय यादव हाईस्कूल पास है। वह दस साल से गोरखपुर में रह रहा है। शहर के कई अच्छे होटलों में वह बैरा का काम कर चुका है। काम काज के दौरान ही उसने होटल में कंप्यूटर चलाना सीखा था। लैपटॉप, प्रिंटर, खरीदने के बाद उसने असली नोट को स्कैन कर कई बार जाली नोट छापने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।
यू ट्यूब से मिली नोट छापने की जानकारी
यू ट्यूब की मदद से अक्षय ने जाली नोट बनाने की जानकारी हासिल की थी। उसी के अनुसार बढ़िया क्वालिटी के ए-4 साइज पेपर खरीदकर वह जाली नोट छाप रहा था। किसी को संदेह न हो इसलिए वह 100 रुपये के नोट छाप रहा था और शाम के समय दुकान पर रुपये देकर सामान खरीदता था।