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जिला अस्पताल का रुपया हड़पा, केस दर्ज
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:25 AM IST
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- फोटो : demo
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गोरखपुर। जिला अस्पताल के रोगी कल्याण समिति का 36.38 लाख रुपये क्लर्क ने हड़प लिया था। खाते में रुपये न आने पर एसआईसी ने बैंक अफसरों से इसकी शिकायत की। विभागीय जांच शुरू होने की भनक पाते ही क्लर्क ने खाते में रुपये स्थानांतरित कर दिए। मुख्य प्रबंधक लेखा एवं प्रशासन की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मुख्य शाखा के वरिष्ठ सहायक पर जालसाजी कर रकम हड़पने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल के रोगी कल्याण समिति का खाता बैंक रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में है। खाते का संचालक जिला अस्पताल के एसआईसी करते हैं। आठ जून 2018 को एसआईसी ने बैंक के मुख्य प्रबंधक लेखा एवं प्रशासन मनोज कुमार को पत्र लिखकर जमा किए गए 36:38 लाख रुपये का हिसाब गड़बड़ होने की जानकारी दी। 21 अप्रैल 2017 से एक जून 2018 के बीच खाते में जमा किए गए रुपये की जमा रसीद की कॉपी भी उन्हें पत्र के साथ भेजी गई। मुख्य प्रबंधक ने जांच कराई तो पता चला कि रुपये खाते में जमा ही नहीं किए गए।
जांच में मुख्य शाखा में तैनात वरिष्ठ सहायक रवि प्रकाश श्रीवास्तव की भूमिका संदिग्ध मिली। विभागीय जांच के डर से कर्मचारी ने आनन फानन में खाते में रुपये भेज दिए। लेकिन प्रबंधक ने इसे जालसाजी मानते हुए कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर घनश्याम ने बताया कि जांच की जा रही है।
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जिला अस्पताल के रोगी कल्याण समिति का खाता बैंक रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में है। खाते का संचालक जिला अस्पताल के एसआईसी करते हैं। आठ जून 2018 को एसआईसी ने बैंक के मुख्य प्रबंधक लेखा एवं प्रशासन मनोज कुमार को पत्र लिखकर जमा किए गए 36:38 लाख रुपये का हिसाब गड़बड़ होने की जानकारी दी। 21 अप्रैल 2017 से एक जून 2018 के बीच खाते में जमा किए गए रुपये की जमा रसीद की कॉपी भी उन्हें पत्र के साथ भेजी गई। मुख्य प्रबंधक ने जांच कराई तो पता चला कि रुपये खाते में जमा ही नहीं किए गए।
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जांच में मुख्य शाखा में तैनात वरिष्ठ सहायक रवि प्रकाश श्रीवास्तव की भूमिका संदिग्ध मिली। विभागीय जांच के डर से कर्मचारी ने आनन फानन में खाते में रुपये भेज दिए। लेकिन प्रबंधक ने इसे जालसाजी मानते हुए कोतवाली थाने में केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर घनश्याम ने बताया कि जांच की जा रही है।
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