फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   सीओ सस्पेंड

सीओ सस्पेंड

Mon, 19 Nov 2018 01:14 AM IST
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:14 AM IST
विज्ञापन
सीओ सस्पेंड
बेवजह रंगदारी मांगने का आरोप लगा बस संचालक को जेल भेजने पर सीओ ट्रैफिक सस्पेंड
विज्ञापन

मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पैडलेगंज से प्राइवेट बसों के संचालन के विवाद और बस मालिक विनय सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप का मामला जांच में संदिग्ध मिला है। इस मामले में जांच करने गए सीओ ट्रैफिक के गनर से मारपीट के आरोप में भी कोई दम नहीं मिला। प्रारंभिक जांच के बाद ही रविवार को सीओ ट्रैफिक सन्तोष सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। आरोप है कि सीओ ने अपने रिश्तेदार के कहने पर विनय के खिलाफ कार्रवाई की थी।

घटना के मुताबिक सीओ ट्रैफि क संतोष सिंह को सूचना मिली थी कि विनय सिंह नाम पैडलेगंजग से निजी वाहनों का संचालन करते हैं। साथ ही अन्य निजी वाहन संचालकों से वसूली करते हैं। इस शिकायत पर सीओ ट्रैफिक गत शुक्रवार को मौके पर गए। सीओ का आरोप था कि विनय और साथियों ने उनके गनर के साथ मारपीट की। साथ ही उनके साथ भी बदसलूकी की गई। मामले में मुकदमा दर्ज करके विनय को जेल भेज दिया था। इस घटना से नाराज विनय सिंह की पत्नी सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। सीमा ने कहा कि उनके पति को बेवजह फंसाया गया है। सीओ ट्रैफि क के रिश्तेदार वाहन का संचालन कराते हैं और आरोप उनके पति पर लगाया जा रहा है। जिस दिन की घटना बताई जा रही हैए उस दिन कोई मारपीट नहीं हुई थी, मुख्यमंत्री ने मामले की जांच आईजी जय नारायण सिंह को दी। रविवार की देररात वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने मामले की जानकारी ली तो सीओ ट्रैफिक की मनमानी सामने आ गई। मुख्यमंत्री के कहने पर ही सीओ को देररात निलंबित कर दिया गया। इसकी पुष्टि आईजी और डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed