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आस्ट्रेलिया एंबेसी की फर्जी वेबसाइट बनाकर 27 लाख ठगे, नाईजीरियाई नागरिक समेत तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 26 Dec 2017 07:43 PM IST
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जालसाजी में गिरफ्तार युवक और बरामद मोबाइल फोन
- फोटो : Amar Ujala
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आस्ट्रेलिया एंबेसी की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। महाराष्ट्र के रहने वाले एक शख्स की मदद से नाइजीरिया के दो जालसाज नेटवर्क फैलाए थे। गोरखपुर पुलिस ने तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर गोरखपुर लाई है। ठगी के शिकार राजेंद्रनगर के सन्नी ने गोरखनाथ थाने में केस दर्ज कराया था।
एसपी सिटी विनय सिंह ने मंगलवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए जालसाजों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजेंद्रनगर पश्चिमी के सन्नी कनाडा से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद आस्ट्रेलिया जाना चाहते थे। उन्होंने विदेश में नौकरी के लिए ही ऑनलाइन आवेदन किया था। इसी दौरान जालसाज ने एंबेसी की फर्जी वेबसाइट के जरिए आवेदन को हैक कर सन्नी से कागजात की मांग की। धीरे-धीरे कर 27 लाख रुपये ऐंठने के बाद भी जब नौकरी के लिए ज्वाइनिंग लेटर नहीं आया तो सन्नी को शक हो गया।
गोरखनाथ थाने में उन्होंने केस दर्ज कराया। इसके बाद धर्मशाला चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह ने मामले की जांच शुरू की। छानबीन के दौरान कुछ दिनों पूर्व मुंबई में इस नेटवर्क से जुड़े तीन लोग पकड़ा। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर गोरखपुर लाई। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान नाइजीरियन नागरिक हेनरी जॉन वर्तमान पता कमरा नंबर 206 जीसीबी क्लब मारिया रोड ईस्ट मुंबई, अजा वोकोरो मकान नंबर 301 रेशमा अपार्टमेंट मोरे गांव नाला सोपारा ईस्ट मुंबई, इफ्तेखार दादा निवासी अपार्टमेंट नंबर 207 रहमतनगर नाता सोपारा ईस्ट मुंबई के रूप में हुई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार सिंह, गोपाल प्रसाद, सिपाही धर्मेंद्र नाथ तिवारी, कुतुबुद्दीन, मनोज चौरसिया शामिल थे।
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ऐसे करते थे जालसाजी
एंबेसी का फर्जी वेबसाइट बनाकर आवेदकों से संपर्क करते थे। फोन नंबर व ईमेल से संपर्क कर प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, वीजा वेरिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन फीस व उस देश में नौकरी दिलाने के नाम पर विभिन्न खातों में रुपये जमा करा लेते थे। खाता खुलवाने वाले धारकों को रुपया आने पर दस प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
यह तीन हैं फरार
केली वोकोरोडुडु पुत्र वोकोरो, हुमा पत्नी इफ्तेखार, रोहन हंस बंसल पुत्र हंस बसल की तलाश में अभी पुलिस टीम लगी है। यह तीनों भी मुंबई में ही साथ रहते थे।
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एसपी सिटी विनय सिंह ने मंगलवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए जालसाजों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजेंद्रनगर पश्चिमी के सन्नी कनाडा से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद आस्ट्रेलिया जाना चाहते थे। उन्होंने विदेश में नौकरी के लिए ही ऑनलाइन आवेदन किया था। इसी दौरान जालसाज ने एंबेसी की फर्जी वेबसाइट के जरिए आवेदन को हैक कर सन्नी से कागजात की मांग की। धीरे-धीरे कर 27 लाख रुपये ऐंठने के बाद भी जब नौकरी के लिए ज्वाइनिंग लेटर नहीं आया तो सन्नी को शक हो गया।
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गोरखनाथ थाने में उन्होंने केस दर्ज कराया। इसके बाद धर्मशाला चौकी इंचार्ज प्रमोद सिंह ने मामले की जांच शुरू की। छानबीन के दौरान कुछ दिनों पूर्व मुंबई में इस नेटवर्क से जुड़े तीन लोग पकड़ा। तीनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर गोरखपुर लाई। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान नाइजीरियन नागरिक हेनरी जॉन वर्तमान पता कमरा नंबर 206 जीसीबी क्लब मारिया रोड ईस्ट मुंबई, अजा वोकोरो मकान नंबर 301 रेशमा अपार्टमेंट मोरे गांव नाला सोपारा ईस्ट मुंबई, इफ्तेखार दादा निवासी अपार्टमेंट नंबर 207 रहमतनगर नाता सोपारा ईस्ट मुंबई के रूप में हुई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार सिंह, गोपाल प्रसाद, सिपाही धर्मेंद्र नाथ तिवारी, कुतुबुद्दीन, मनोज चौरसिया शामिल थे।
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ऐसे करते थे जालसाजी
एंबेसी का फर्जी वेबसाइट बनाकर आवेदकों से संपर्क करते थे। फोन नंबर व ईमेल से संपर्क कर प्रोसेसिंग फीस, टैक्स, वीजा वेरिफिकेशन, रजिस्ट्रेशन फीस व उस देश में नौकरी दिलाने के नाम पर विभिन्न खातों में रुपये जमा करा लेते थे। खाता खुलवाने वाले धारकों को रुपया आने पर दस प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
यह तीन हैं फरार
केली वोकोरोडुडु पुत्र वोकोरो, हुमा पत्नी इफ्तेखार, रोहन हंस बंसल पुत्र हंस बसल की तलाश में अभी पुलिस टीम लगी है। यह तीनों भी मुंबई में ही साथ रहते थे।