फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   देवरिया साइड स्टोरी

देवरिया साइड स्टोरी

Thu, 05 Apr 2018 11:08 PM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
देवरिया साइड स्टोरी
पुलिस की लापरवाही से बर्बाद हुआ कुनबा
विज्ञापन

पुलिस की कार्रवाई होती तो शायद बच जाती पीड़ित की जान
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीबाजार। घर की माली हालत कमजोर होने से इकलौता बेटा लुधियाना कमाने गया था। किसी प्राइवेट कंपनी में दिन-रात काम कर परिवार की गाड़ी खींचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पड़ोसी युवक की घिनौनी करतूत और पुलिस की लापरवाही से पूरा कुनबा बर्बाद हो गया।
बेटी के साथ हुई घटना की जानकारी पत्नी से मिलते ही वह खुद को रोक न सका और लुधियाना से तीसरे दिन घर पहुंच गया। उम्मीद के साथ पुलिस के पास तहरीर लेकर गया, तीन घंटे थाने पर इंतजार के बाद पुलिस ने उसकी बात सुनी और तहरीर बदलवाकर छेड़खानी का मामला लिखवाया। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। वह रोजाना थाने जाता और पुलिस जांच के नाम पर उसे एक हफ्ते तक टरकाती रही। वहीं आरोपी उसे सुबह-शाम उसे तहरीर वापस न लेने पर अंजाम भुगतने की धमकी देते बेधड़क घूमते रहे। इकलौते बेटे की हत्या से बदहवास बुजुर्ग पिता पुलिस को कोस रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस ने उसी समय केस दर्ज कर कार्रवाई की होती तो उनके बेटे की हत्या नहीं होती। इस वारदात से गांव के लोग अन्य लोग भी दहशत में हैं।
विज्ञापन


इनसेट ----
अफसरों की मेहनत पर मातहतों ने पानी फेरा
प्रदेश सरकार ने पिछले साल जब महिला सुरक्षा पर जोर दिया था तो पुलिस शहर से लेकर देहात तक सक्रिय हो गई थी। लड़कियों के स्कूलों में शिकायत पेटिका भी लगवाई गईं थीं। बालिकाओं को मजबूत बनाने के लिए ताइक्वांडो का प्रशिक्षण शुरू कराया गया। एंटी रोमियो स्क्वॉड ने धरपकड़ कर जिले में छह माह में 100 से अधिक युवकों पर कार्रवाई की। इसके बाद अफसरों की सक्रियता कम होते ही मातहत बेपरवाह हो गए। जिसका उदाहरण गौरीबाजार पुलिस है, जिसने मनबढ़ों पर कार्रवाई नहीं की और पीड़ित को टरकाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन



सुरक्षा तंत्र के बावजूद भयभीत हैं महिलाएं
एंडी रोमियो स्क्वॉड, 1090 सेवा और 100 डायल के बाद भी खौफ सताता है
महिलाएं बोलीं, थाने में पुलिस वाले उड़ाते हैं मजाक
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। एंटी स्क्वॉड टीम का गठन, 1090 विशेष सेवा, 100 नंबर डायल सहित महिला सुरक्षा को लेकर की गई कई सरकारी चौकसी के बाद भी जिले की महिलाएं अपने को सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हैं। घर से सड़क पर आने पर अनजाना सा खौफ सताता रहता है। छेड़छाड़ की बढ़ी घटनाओं से सबसे अधिक परेशान छात्राएं और कामकाजी महिलाएं हैं। माता-पिता भी इसे लेकर खासे चिंतित रहते हैं।
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष गीता पांडेय कहती हैं कि महिला सुरक्षा को लेकर भले ही कई कानून हैं। लेकिन निचले स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एंटी रोमियो स्क्वॉड के गठन के बाद तो घटनाएं और बढ़ी हैं। सरकार की चौकसी के बाद भी थाने में महिला उत्पीड़न ज्यादा हो रहा है। पिंकी तिवारी ने बताया कि सुरक्षा के संबंध में कानून का डर अभी भी लोगों में नहीं है। शादीशुदा महिलाओं से भी छेड़छाड़ बढ़ी है। इस मामले में थाने में केवल दलाली होती है।

सविता सिंह मानती हैं कि योगी सरकार में गरीब महिलाओं व लड़कियों से रेप व हत्या की घटनाएं और बढ़ गई हैं। रोज अखबार में इस तरह की खबरें मिल जाती हैं। सामाजिक कार्यकर्ता निर्मला मिश्रा ने बताया कि छेड़छाड़ करने वालों को कानून का भय नहीं है। पुलिस की लापरवाही भी इसमें सहायक बन रही है। मोबाइल और टीवी से उनके मन और बढ़े हैं। शोभा भारती ने कहा कि शाम को ही घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी जाती है। जरूरी काम से निकलना हुआ तो घरवाले परेशान होते हैं। पूरे प्रदेश में रोज ऐसी घटनाएं हो रही है, जिसे सुनकर चिंता होती है। क्या केवल लड़की होना ही हमारा गुनाह है। पुलिस से शिकायत करने पर वह अलग परेशान करती हैं। कई घटनाएं तो केवल इसलिए दबा दी जाती है कि पुलिस के चक्कर में कौन पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed