शक ने बर्बाद कर दिया कुनबा, रिश्ते को बचाने के लिए मारा था बेटी को
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कैंपियरगंज के गुलहरिहा गांव के उमेश राजभर की शादी पांच साल पहले गुलहरिहा के करमहां बुजुर्ग गांव के बाबूराम की बेटी सुनीता के साथ हुई थी। दो साल बाद ही दोनों में इस कदर विवाद हो गया कि मामला कोर्ट पहुंच गया। मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले उमेश को कोर्ट ने पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया, लेकिन वह मुआवजा देने के बजाय पत्नी को साथ रखने पर राजी हो गया। इधर, एक महीने पहले घर लौटी पत्नी से बेटी सोनाली को लेकर उसका फिर विवाद हो गया। वह उसे अपनी संतान नहीं मानता था। उसे रास्ते से हटाने के बाद ही वह पत्नी को साथ रखने पर राजी था। खुद को सही साबित करने के लिए मां सुनीता भी बेटी को मारने के लिए तैयार हो गई।
इसके बाद दोनों ने मिलकर सोनाली की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने गांव के सुरेंद्र और लल्लू की मदद से शव को नदी के किनारे दफना दिया। उधर, बच्ची को घर में न पाकर नाना को शक हो गया। उन्होंने बेटी और दामाद के खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी। पुलिस ने हिरासत में लेकर जब दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने सारा वाकया बयां कर दिया। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज कर मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया। गांव के दो और लोगों के नाम सामने पर पुलिस ने उन दोनों को भी मुल्जिम बनाया है। दोनों फरार हैं। उनकी तलाश में टीम लगाई गई है।
थाने से भागा आरोपी, पुलिस के छूटे पसीने
बेटी की हत्या का आरोपी पिता उमेश राजभर गुरुवार को अचानक थाने से फरार हो गया। जैसे ही इसकी भनक पुलिस को लगी, उसके होश उड़ गए। अफसरों ने तत्काल घेरेबंदी कर उसकी धरपकड़ के लिए तीन थाने की फोर्स लगा दी। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।