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कैंट इलाके के 1800 असलहाधारी ‘लापता’ 

Sat, 21 Jan 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 21 Jan 2017 01:57 AM IST
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1800 gun holder are missing
बंदूक
किराए के मकान पर जारी असलहा लाइसेंस पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं। कैंट इलाके में 1800 असलहों के स्वामियों के मकानों का पता नहीं चल रहा है। इन असलहाधारियों के सत्यापन करने में पुलिस के भी पसीने छूट गए हैं। अब पुलिस की ओर से ऐसे लोगों के सत्यापन के लिए सही पता बताए जाने की रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंप दी गई है। नए फीडिंग में सैकड़ों असलहाधारियों के नाम के आगे महज जीकेपी शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
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चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही पुलिस अफसरों ने लाइसेंसी असलहों को जमा कराने का अभियान शुरू किया। जिले में 22 हजार से ज्यादा असलहाधारी हैं। अकेले कैंट में 3600 से ज्यादे हैं, जिसमें से 1800 का सत्यापन नहीं हो पाया है। यह हाल जिले के तकरीबन सभी थानों का है। कई असलहेधारी ऐसे हैं जो पुलिस को खोजे नहीं मिल रहे हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि ये वे लोग हैं जिन्होंने या तो किराए के मकान में रहने के दौरान असलहे के लाइसेंस ले लिए या फिर मोहल्ला बदल चुके हैं।
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बता दें अभी कुछ दिन पहले असलहों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दौरान बायोमेट्रिक मशीन पर उंगलियों के निशान भी देने थे। कैंट, खोराबार, शाहपुर इलाकों में ऐसे असलहाधारियों के सत्यापन के लिए सीओ कैंट की ओर से एक रिपोर्ट प्रशासन को भी सौंपी गई है और सही नाम पते मांगे गए हैं ताकि इनका सत्यापन किया जा सके। सीओ कैंट अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की ओर से प्रशासन को रिपोर्ट कर दिया गया है। सही नाम-पते मांगे गए हैं ताकि सत्यापन हो सके। 
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अफसरों के पद नाम पर जारी है लाइसेंस
जिले में तमाम ऐसे लाइसेंस जारी किए हैं जो अफसरों के पद नाम पर हैं। मसलन मनोरंजन आयुक्त, सुरक्षा आयुक्त आदि अब इन पदों पर अफसर बदल चुके हैं और उन अफसरों तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं है। डीएम रहे कालिका प्रसाद और आईजी के नाम भी लाइसेंस जारी हैं। कालिका प्रसाद के नाम से तीन असलहे के लाइसेंस हैं जो अभी भी कैंट थाने में ही दर्ज हैं। अब वह कहां हैं इसकी जानकारी किसी भी जिम्मेदार के पास नहीं है। हालांकि पुलिस की ओर से ऐसे विभागों को पत्र भी लिखा गया है कि वे पुराने अफसरों की वर्तमान पता बताएं, मगर किसी ने भी अभी जानकारी नहीं दी है।


एयरफोर्स और रेलवे को भी भेजा गया पत्र
एयरफोर्स और रेलवे के कई अफसरों ने भी असलहे के लाइसेंस लिए हैं। यहां से स्थानांतरित होने के बाद अब उनके भी पते नहीं मिल रहे हैं। इसे लेकर एयरफोर्स को कैंट पुलिस की ओर से पत्र भी लिखा गया है। एयरफोर्स के जिम्मेदार अफसर ने साफ कह दिया है वे तीन से चार साल के अफसरों या कर्मचारियों की ही सही जानकारी दे सकते हैं।
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