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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वरी पर केस
Updated Fri, 23 Jun 2017 08:59 PM IST
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गोरखपुर।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी गुप्ता के खिलाफ पत्नी डॉ. अनामिका ने दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का केस राजघाट थाने में दर्ज कराया है। डॉ. अनामिका ने सास-ससुर पर भी साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस को बताया है कि छह साल पहले शादी हुई थी लेकिन ससुराल वालों ने जिंदगी नर्क बना दी। प्रताड़ित किया और घर से अलग रहने को मजबूर कर दिया। डॉक्टर दंपती का एक बेटा भी है।
राजघाट क्षेत्र के रायगंज के बनकटी चक निवासी डॉ. अनामिका गुप्ता ने पुलिस को बताया कि छह फरवरी 2011 को उनकी शादी डॉ. अश्वनी गुप्ता के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से ही सुसराल में उनका उत्पीड़न होने लगा। सास-ससुर के उकसाने पर पति मारपीट करने लगे। डॉक्टर पत्नी के पिता ने दोनों के रिश्तों को ठीक करने की पहल की लेकिन बात नहीं बन सकी। पति की मनमानी जारी रही। इस बीच बेटा हुआ। इसके बाद कुछ दिन तक प्रताड़ना बंद रही। छह महीने बाद परिवार वालों का रुख फिर बदल गया। पति डा. अश्वनी प्रताड़ित करने लगे। सास-ससुर के उकसाने पर दहेज में चार पहिया वाहन की मांग भी की। पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्लीनिक से लौटने के बाद डॉ. अश्वनी शराब के नशे में धुत रहते हैं। कुछ बोलने पर गाली, गलौज और मारपीट करते हैं। डॉ. अनामिका का आरोप है कि स्वयं की अर्जित संपत्ति से अपना और बेटे की जीविकोपार्जन करती हैं। डॉ. अश्वनी कोई सहयोग नहीं करते हैं। बेटे के पालन-पोषण में दिक्कत हो रही है। इसका खर्च डॉ. अश्वनी से दिलवाया जाए। एसएसपी आरपी पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पूरे मामले की विवेचना की जा रही है। विवेचना के तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी गुप्ता के खिलाफ पत्नी डॉ. अनामिका ने दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का केस राजघाट थाने में दर्ज कराया है। डॉ. अनामिका ने सास-ससुर पर भी साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस को बताया है कि छह साल पहले शादी हुई थी लेकिन ससुराल वालों ने जिंदगी नर्क बना दी। प्रताड़ित किया और घर से अलग रहने को मजबूर कर दिया। डॉक्टर दंपती का एक बेटा भी है।
राजघाट क्षेत्र के रायगंज के बनकटी चक निवासी डॉ. अनामिका गुप्ता ने पुलिस को बताया कि छह फरवरी 2011 को उनकी शादी डॉ. अश्वनी गुप्ता के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद से ही सुसराल में उनका उत्पीड़न होने लगा। सास-ससुर के उकसाने पर पति मारपीट करने लगे। डॉक्टर पत्नी के पिता ने दोनों के रिश्तों को ठीक करने की पहल की लेकिन बात नहीं बन सकी। पति की मनमानी जारी रही। इस बीच बेटा हुआ। इसके बाद कुछ दिन तक प्रताड़ना बंद रही। छह महीने बाद परिवार वालों का रुख फिर बदल गया। पति डा. अश्वनी प्रताड़ित करने लगे। सास-ससुर के उकसाने पर दहेज में चार पहिया वाहन की मांग भी की। पत्नी ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्लीनिक से लौटने के बाद डॉ. अश्वनी शराब के नशे में धुत रहते हैं। कुछ बोलने पर गाली, गलौज और मारपीट करते हैं। डॉ. अनामिका का आरोप है कि स्वयं की अर्जित संपत्ति से अपना और बेटे की जीविकोपार्जन करती हैं। डॉ. अश्वनी कोई सहयोग नहीं करते हैं। बेटे के पालन-पोषण में दिक्कत हो रही है। इसका खर्च डॉ. अश्वनी से दिलवाया जाए। एसएसपी आरपी पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पूरे मामले की विवेचना की जा रही है। विवेचना के तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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