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गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसर के खिलाफ एससी, एसटी का केस

Tue, 25 Sep 2018 01:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Tue, 25 Sep 2018 01:17 AM IST
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसर के खिलाफ एससी, एसटी का केस
फाइल
गोरखपुर। कैंट पुलिस ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में डीन कला संकाय प्रो. सीपी श्रीवास्तव और दर्शनशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. द्वारिकानाथ श्रीवास्तव के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट का केस दर्ज किया है। दोनों शिक्षकों पर दलित शोध छात्र दीपक कुमार ने उत्पीड़न और जातिसूचक शब्द के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। साथ ही जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी। इस मामले की विवेचना अब सीओ कैंट करेंगे। दूसरी तरफ शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे पर गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ के अध्यक्ष प्रो. वीके सिंह का कहना है कि मंगलवार को सुबह 11 बजे कुलपति से मिलकर अपनी बात रखेंगे, फिर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
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दर्शनशास्त्र विभाग के शोध छात्र दीपक कुमार ने 20 सितंबर को जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी। दीपक ने डीन कला संकाय और पूर्व विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर कुलपति प्रो. वीके सिंह को शिकायती पत्र भी दिया था। उसका आरोप था कि विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कुछ लोग मिले और दोनों शिक्षकों का नाम लेकर मारने, पीटने की धमकी दी। शिकायती पत्र को चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद ने कैंट पुलिस के पास भेज दिया था। 21 सितंबर को कैंट पुलिस ने दो अज्ञात लोगों पर धमकी देने की धारा में एफआईआर दर्ज करके विवेचना शुरू की थी।
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वेचना के बाद पुलिस ने डीन, पूर्व विभागाध्यक्ष के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि दीपक के पिता जगदीश प्रसाद ने भी तहरीर दी थी। जगदीश का आरोप था कि दीपक के खिलाफ जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया गया और आत्महत्या के लिए उकसाया गया। अब इस तहरीर को भी विवेचना का हिस्सा बना लिया गया है। सोमवार को दीपक का बयान दर्ज करने के बाद पहले से दर्ज धमकी देने के केस में एससी-एसटी की धारा को बढ़ा दी गई है।
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विवेचना के दौरान प्रो. द्वारिकानाथ श्रीवास्तव और प्रो. सीपी श्रीवास्तव का नाम प्रकाश में आने पर एससी-एसटी की धारा बढ़ाई गई है। इसकी विवेचना पहले विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज कर रहे थे। अब विवेचक सीओ कैंट होंगे। - प्रभात राय, सीओ कैंट



शोध छात्र का आरोप निराधार था। एससी, एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई अनुचित है। कुलपति से मिलने के बाद मामला आम सभा की बैठक में लाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो शिक्षक धरना-प्रदर्शन भी करेंगे। - प्रो. विनोद कुमार सिंह, अध्यक्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ
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