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व्यापारी हत्याकांड : लेनदेन में हुई थी हत्या, एक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 17 Jun 2017 09:00 PM IST
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दवा व्यापारी के हत्यारोपी को गिरफ्तार करने के बाद मामले का पर्दाफाश करते एसएसपी।
- फोटो : Amar Ujala
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बेतियाहाता के दवा व्यापारी नीरज रामरायका की हत्या रुपये के लेनदेन में की गई थी। इसका पर्दाफाश गोरखपुर पुलिस ने शनिवार को कर दिया। पुलिस ने हत्यारे रोहित वर्मा को गिरफ्तार कर असलहा, कारतूस भी बरामद कर लिया। ‘अमर उजाला’ ने भी वारदात के पीछे रुपये के लेनदेन के विवाद की ओर इशारा किया था। पुलिस की छानबीन से पता चला है कि दवा व्यापारी ने आवास विकास कालोनी, शाहपुर की गीता वर्मा से 9.80 लाख रुपये लिए थे। गीता के पति शशिभूषण वर्मा को कैंसर है। रकम के अभाव में उनके इलाज में दिक्कत आ रही थी लेकिन नीरज ने पैसे वापस नहीं किए। इससे गुस्साए गीता के बड़े बेटे रोहित ने दवा व्यापारी को गोलियों से भून दिया। हत्या करके भागते वक्त रोहित की तस्वीर बेतियाहाता के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इससे पहचान स्पष्ट हुई। इसके बाद कैंट थाने में अज्ञात के खिलाफ दर्ज हत्या के मुकदमे में रोहित को नामजद कर दिया गया।
दवा व्यापारी नीरज रामरायका की 15 जून की रात कमिश्नर आवास के ठीक पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारा अकेला आया और घटना को अंजाम देकर भाग निकला। इससे नाराज दवा व्यापारी सड़क पर उतर आए। जाम लगाया और हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इस मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लिया। इसी का नतीजा रहा कि पुलिसिया कार्रवाई तेज हुई। पहले नीरज से संबंधित विवादों की जानकारी जुटाई गई, फिर छह लोगों को हिरासत में लेकर कैंट थाने में लंबी पूछताछ की गई। हाई प्रोफाइल मामले की जांच एसएसपी आरपी पांडेय ने खुद संभाली और शनिवार को दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर 48 घंटे के अंदर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी ने बताया कि मुखबिर की सूचना के जरिये शनिवार को मोहद्दीपुर से रोहित को उठाया गया। तलाशी में रोहित के पास से 32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद हुई। पुलिस की छानबीन से पता चला कि इसी पिस्टल से दवा व्यापारी की हत्या की गई थी। बाद में तथ्यों की गहराई से जांच हुई तो पुराना विवाद सामने आया।
दवा व्यापारी और हत्यारे के बीच रुपये के लेनदेन का विवाद था। यह मामला दो साल से चल रहा है। वर्ष 2015 में नीरज रामरायका के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। नीरज जेल भी गए थे। इसके बावजूद विवाद नहीं सुलझा और मामला हत्या तक पहुंच गया। रोहित ने 15 जून की रात नीरज के ऊपर चार फायर झोंका था। दो गोली मिस हो गई और दो सीने, सिर में जा धंसी। हत्या के समय रोहित ने गमछे से मुंह बांध रखा था लेकिन वारदात के बाद उसने गमछा और शर्ट उतारकर फेंक दी। पैदल भागते समय ही रोहित की तस्वीर क्षेत्र के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिससे उसकी पहचान हो गई।
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हत्यारा बोला आजिज होकर मारी गोली
पुलिस की गिरफ्त में आए शाहपुर के रोहित ने दवा व्यापारी नीरज की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। रोहित ने पुलिस को बताया कि नीरज ने 9.80 लाख रुपये लिए थे लेकिन वापस नहीं किए। पिता शशिभूषण वर्मा को कैंसर है लेकिन पैसों की कमी के कारण हम उनका इलाज नहीं करा पा रहे। कई बार नीरज से पैसे मांगे गए, कानून का सहारा लिया गया। पुलिस, प्रशासनिक अफसरों से मदद की गुहार लगाई गई लेकिन बात नहीं बनी। आजिज आकर नीरज को मौत के घाट उतारने का फैसला कर लिया।
पर्दाफाश की रिपोर्ट सीएम दफ्तर भेजी
दवा व्यापारी हत्याकांड के पर्दाफाश की रिपोर्ट पुलिस के आला अधिकारियोें ने मुख्यमंत्री दफ्तर भेज दी है। इसमें पूरे विवाद, घटनाक्रम की जानकारी है। सीएम दफ्तर को रिपोर्ट भेजने के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली। उन्हें लग रहा है कि निर्धारित समय सीमा के अंदर उन्होंने वारदात का खुलासा कर सीएम का भरोसा जीता है। अब कुर्सी पर आंच नहीं आएगी।
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दवा व्यापारी नीरज रामरायका की 15 जून की रात कमिश्नर आवास के ठीक पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्यारा अकेला आया और घटना को अंजाम देकर भाग निकला। इससे नाराज दवा व्यापारी सड़क पर उतर आए। जाम लगाया और हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इस मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लिया। इसी का नतीजा रहा कि पुलिसिया कार्रवाई तेज हुई। पहले नीरज से संबंधित विवादों की जानकारी जुटाई गई, फिर छह लोगों को हिरासत में लेकर कैंट थाने में लंबी पूछताछ की गई। हाई प्रोफाइल मामले की जांच एसएसपी आरपी पांडेय ने खुद संभाली और शनिवार को दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर 48 घंटे के अंदर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी ने बताया कि मुखबिर की सूचना के जरिये शनिवार को मोहद्दीपुर से रोहित को उठाया गया। तलाशी में रोहित के पास से 32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद हुई। पुलिस की छानबीन से पता चला कि इसी पिस्टल से दवा व्यापारी की हत्या की गई थी। बाद में तथ्यों की गहराई से जांच हुई तो पुराना विवाद सामने आया।
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दवा व्यापारी और हत्यारे के बीच रुपये के लेनदेन का विवाद था। यह मामला दो साल से चल रहा है। वर्ष 2015 में नीरज रामरायका के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। नीरज जेल भी गए थे। इसके बावजूद विवाद नहीं सुलझा और मामला हत्या तक पहुंच गया। रोहित ने 15 जून की रात नीरज के ऊपर चार फायर झोंका था। दो गोली मिस हो गई और दो सीने, सिर में जा धंसी। हत्या के समय रोहित ने गमछे से मुंह बांध रखा था लेकिन वारदात के बाद उसने गमछा और शर्ट उतारकर फेंक दी। पैदल भागते समय ही रोहित की तस्वीर क्षेत्र के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई जिससे उसकी पहचान हो गई।
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हत्यारा बोला आजिज होकर मारी गोली
पुलिस की गिरफ्त में आए शाहपुर के रोहित ने दवा व्यापारी नीरज की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। रोहित ने पुलिस को बताया कि नीरज ने 9.80 लाख रुपये लिए थे लेकिन वापस नहीं किए। पिता शशिभूषण वर्मा को कैंसर है लेकिन पैसों की कमी के कारण हम उनका इलाज नहीं करा पा रहे। कई बार नीरज से पैसे मांगे गए, कानून का सहारा लिया गया। पुलिस, प्रशासनिक अफसरों से मदद की गुहार लगाई गई लेकिन बात नहीं बनी। आजिज आकर नीरज को मौत के घाट उतारने का फैसला कर लिया।
पर्दाफाश की रिपोर्ट सीएम दफ्तर भेजी
दवा व्यापारी हत्याकांड के पर्दाफाश की रिपोर्ट पुलिस के आला अधिकारियोें ने मुख्यमंत्री दफ्तर भेज दी है। इसमें पूरे विवाद, घटनाक्रम की जानकारी है। सीएम दफ्तर को रिपोर्ट भेजने के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली। उन्हें लग रहा है कि निर्धारित समय सीमा के अंदर उन्होंने वारदात का खुलासा कर सीएम का भरोसा जीता है। अब कुर्सी पर आंच नहीं आएगी।