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गैस सिलेंडर में विस्फोट, मां बेटा जिंदा जले
Updated Fri, 07 Jul 2017 08:43 PM IST
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गोरखपुर (पिपरौली)।
गीडा स्थित एक मकान में शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे गैस सिलेंडर फटने से लगी आग में मां-बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना के वक्त महिला का पति घर से बाहर ड्यूटी पर था और छोटा बेटा बाहर ब्रश कर रहा था। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, मगर तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। बाद में पहुंची दमकल और पुलिस ने आग पर काबू पाया और पूरी तरह से झुलस चुके शव को बाहर निकाला।
महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र स्थित सीयर गांव के मूल निवासी अजय त्रिपाठी गीडा स्थित एक ब्रेड फैक्ट्री में डाइवर हैं। गीडा में ही वह गोविंद जायसवाल का मकान में किराए पर रहते हैं। इसी मकान के निचले तल में सीमेंट की ईंट बनाने की फैक्ट्री है, जबकि ऊपरी तल पर अजय पत्नी संध्या तिवारी और दो बेटों के साथ रहते हैं। उनका बड़ा बेटा रंजन तिवारी (16) दसवीं और छोटा बेटा कुंदन आठवीं में पढ़ता है। बृहस्पतिवार की रात अजय ड्यूटी पर चले गए थे। शुक्रवार सुबह 5:15 बजे के करीब संध्या बच्चों को स्कूल भेजने के लिए नाश्ता बना रही थीं। इसी समय गैस रिसाव से आग लग गई। संध्या बड़े बेटे रंजन के साथ मिलकर सिलेंडर को घर से बाहर निकालने लगीं, तभी उसमें विस्फोट हो गया और दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग देखकर घर के बाहर लगे हैंडपंप पर ब्रश कर रहा कुंदन जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी चीख और धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। उन्होंने आग बुझाने की कोशिश करने के साथ ही दमकल और पुलिस को सूचना दी। खबर पाकर पहुंची दमकल ने आग बुझाई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गीडा स्थित एक मकान में शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे गैस सिलेंडर फटने से लगी आग में मां-बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई। घटना के वक्त महिला का पति घर से बाहर ड्यूटी पर था और छोटा बेटा बाहर ब्रश कर रहा था। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, मगर तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। बाद में पहुंची दमकल और पुलिस ने आग पर काबू पाया और पूरी तरह से झुलस चुके शव को बाहर निकाला।
महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र स्थित सीयर गांव के मूल निवासी अजय त्रिपाठी गीडा स्थित एक ब्रेड फैक्ट्री में डाइवर हैं। गीडा में ही वह गोविंद जायसवाल का मकान में किराए पर रहते हैं। इसी मकान के निचले तल में सीमेंट की ईंट बनाने की फैक्ट्री है, जबकि ऊपरी तल पर अजय पत्नी संध्या तिवारी और दो बेटों के साथ रहते हैं। उनका बड़ा बेटा रंजन तिवारी (16) दसवीं और छोटा बेटा कुंदन आठवीं में पढ़ता है। बृहस्पतिवार की रात अजय ड्यूटी पर चले गए थे। शुक्रवार सुबह 5:15 बजे के करीब संध्या बच्चों को स्कूल भेजने के लिए नाश्ता बना रही थीं। इसी समय गैस रिसाव से आग लग गई। संध्या बड़े बेटे रंजन के साथ मिलकर सिलेंडर को घर से बाहर निकालने लगीं, तभी उसमें विस्फोट हो गया और दोनों की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग देखकर घर के बाहर लगे हैंडपंप पर ब्रश कर रहा कुंदन जोर-जोर से चीखने लगा। उसकी चीख और धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। उन्होंने आग बुझाने की कोशिश करने के साथ ही दमकल और पुलिस को सूचना दी। खबर पाकर पहुंची दमकल ने आग बुझाई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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