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फर्जी लाइसेंस बनाने वाले दो गिरफ्तार
Updated Sat, 07 Oct 2017 09:19 PM IST
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सहजनवां।
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर एक फोटो स्टूडियो से कंप्यूटर, प्रिंटर, सीपीयू भी बरामद किया है। यहीं से फर्जीवाड़े का यह खेल खेला जाता था।
तीन अक्टूबर को सहजनवां के नगवा निवासी बृजनंदन चौहान और सुखदेव ने थाने पर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों युवकों ने तेनुआ निवासी हरिराम पांडेय को आरोपित किया था। उनका कहना था कि डीएल बनाने पर उनसे मोटी रकम वसूली गई। डीएल देवरिया एआरटीओ कार्यालय से जारी की गई थी, मगर वहां जांच कराने पर लाइसेंस फर्जी निकला। शनिवार को पुलिस ने आरोपी हरिराम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि खानीमपुर निवासी मदनगुप्ता विकास स्टूडियो चलाता है। दोनों साथ मिलकर फर्जी डीएल बनाते हैं। पुलिस ने मदन गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर स्टूडियो में इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर, सीपीयू, माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, यूपीएस सभी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। कार्यवाहक एसओ संजय सिंह ने बताया कि दोनों फर्जीवाड़ा करते थे। कई लोग इनके शिकार बने हैं। शनिवार सुबह दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी वाली टीम में उपनिरीक्षक अशोक यादव, सिपाही परशुराम मिश्र, रामअवध यादव शामिल रहे।
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर एक फोटो स्टूडियो से कंप्यूटर, प्रिंटर, सीपीयू भी बरामद किया है। यहीं से फर्जीवाड़े का यह खेल खेला जाता था।
तीन अक्टूबर को सहजनवां के नगवा निवासी बृजनंदन चौहान और सुखदेव ने थाने पर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों युवकों ने तेनुआ निवासी हरिराम पांडेय को आरोपित किया था। उनका कहना था कि डीएल बनाने पर उनसे मोटी रकम वसूली गई। डीएल देवरिया एआरटीओ कार्यालय से जारी की गई थी, मगर वहां जांच कराने पर लाइसेंस फर्जी निकला। शनिवार को पुलिस ने आरोपी हरिराम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि खानीमपुर निवासी मदनगुप्ता विकास स्टूडियो चलाता है। दोनों साथ मिलकर फर्जी डीएल बनाते हैं। पुलिस ने मदन गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर स्टूडियो में इस्तेमाल होने वाला कंप्यूटर, सीपीयू, माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, यूपीएस सभी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। कार्यवाहक एसओ संजय सिंह ने बताया कि दोनों फर्जीवाड़ा करते थे। कई लोग इनके शिकार बने हैं। शनिवार सुबह दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी वाली टीम में उपनिरीक्षक अशोक यादव, सिपाही परशुराम मिश्र, रामअवध यादव शामिल रहे।
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