फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   जेल में मिला मोबाइल, सिपाही सस्पेंड

जेल में मिला मोबाइल, सिपाही सस्पेंड

Fri, 07 Jul 2017 01:27 AM IST
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:27 AM IST
विज्ञापन
जेल में मिला मोबाइल, सिपाही सस्पेंड
गोरखपुर जेल। - फोटो : Amar Ujala

विज्ञापन
गोरखपुर ।
सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी डॉक्टर शिव शंकर शाही से रंगदारी मांगे जाने के बाद से सख्ती बढ़ी तो जिला जेल की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई है। मंगलवार और बुधवार को चेकिंग के दौरान लगातार मोबाइल मिलने के मामलों से यह साफ हो गया कि तमाम सख्ती फिलहाल बेअसर है। डीआईजी नीलाब्जा चौधरी के पास कई ऐसे प्रार्थना पत्र पहुंच चुके है जिसमें वसूली की शिकायत है। इन सब की जांच का आदेश भी डीआईजी ने दे दिया है। शिकायत में कहा गया है कि जेल में मुलाकात से लेकर सामान को अंदर भेजने तक का अलग अलग रेट तय है। मुलाकात के लिए दो सौ रुपये तो अंदर सामान भेजने के लिए 500 से एक हजार रुपये की वसूली होती है।


मंगलवार को चेकिंग में मोबाइल और सिम कार्ड बरामद होने पर दबी जुबान जेल प्रशासन पुलिस पर ही आरोप लगा रहा था। जेल सूत्रों की माने तो शासन तक से आए फोन में पुलिस की ओर से चेकिंग के बहाने मोबाइल रखकर बरामद करने की बात कही गई थी। लेकिन बुधवार रात जेल प्रशासन की खुद की जांच में मोबाइल बरामद होने के बाद जेलर खामोशी साधे हुए हैं, हालांकि सिपाही राम प्रसाद को सस्पेंड कर दिया गया है। इस सिपाही की ड्यूटी 14 नंबर बैरक के सामने थी। जहां पर मंगलवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद किया था।

विज्ञापन


कई और पर गिर सकती है गाज
जेल में लगातार मोबाइल मिलने के मामलों से हड़कंप मच गया है। डीआईजी यादवेंद्र शुक्ला जहां खुद जांच करने की दलील दे रहे हैं वहीं पुलिस के डीआईजी ने भी जांच का आदेश दे दिया है। इन सब के बीच यह माना जा रहा है कि कई और लोगों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसटीएफ ने शुरू की जांच
जेल में मोबाइल बरामद होने को डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने गंभीरता से लिया है। एक ओर जहां पुलिस अफसरों से वह इसकी जांच करवा रहे है वहीं एसटीएफ को भी गोपनीय तरीके से जांच में लगाया गया है। मोबाइल के इतर जेल में बंद बड़े अपराधियों पर भी एसटीएफ नजर बनाए हुए है। जेल में इस्तेमाल होने वाले कुछ नंबरों को भी एसटीएफ ने हासिल कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed