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छेड़खानी के आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर फंसी खोराबार पुलिस

Wed, 25 Sep 2019 01:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 01:21 AM IST
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छेड़खानी के आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर फंसी खोराबार पुलिस
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खोराबार (गोरखपुर)। कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माईं मंदिर के पास दोस्त के साथ आई किशोरी से छेड़खानी और मारपीट के आरोपियों का शांतिभंग में चालान करके पुलिस फंस गई। मामला अफसरों के संज्ञान में आ गया। एएसपी की नाराजगी के बाद पुलिस दौड़ पड़ी। दोनों आरोपी ताहिर और महफूज को दोबारा थाने लाकर रिपोर्ट देने के साथ ही पीड़िता को बुलाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। हालांकि पीड़िता थाने आने को तैयार नहीं है, ऐसे में पुलिस वादी बन सकती है। उधर, जंगल से पिकेट हटाए जाने को भी गंभीरता से लेते हुए एएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद ने नाराजगी जताई और तत्काल पिकेट लगाने का आदेश दे दिया है। बुधवार से रोजाना सुबह पुलिस की ड्यूटी वहां पर रहेगी।
शनिवार को बुढ़िया माई मंदिर के पास चौरीचौरा स्थित एक संस्था में रहने वाली किशोरी अपने पुरुष दोस्त के साथ आई थी। दोनों घूमते हुए जंगल की तरफ चले गए थे। इसी बीच वहां ताहिर और महफूज आ गए। दोनों ने दोस्त को मारकर भगा दिया और किशोरी के साथ अश्लील हरकत करने लगे। उधर से गुजर रहे एक शख्स ने ऐसा होता देख पुलिस को जानकारी दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस छात्रा को थाने लाई फिर उस संस्था की संचालिका को बुलाकर सुपुर्द कर दिया। सोमवार को दोनों आरोपियों का पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर मामले के रफा दफा करने की कोशिश की। मामला संज्ञान में आने पर एएसपी ने नाराजगी जताई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को दोबारा पकड़कर जांच शुरू कर दी है।
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खामोशी से बंद दी गई थी पुलिस पिकेट
दरोगा बनकर प्रेमी युगल के साथ मारपीट की घटना संज्ञान में आने के बाद 30 जून 2017 को तत्कालीन एसएसपी आरपी पांडेय ने कुसम्ही जंगल में पिकेट ड्यूटी की शुरुआत की थी, जो लंबे समय तक चली भी लेकिन दो महीने पहले खामोशी से उसे बंद कर दिया गया था।
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मोबाइल काम नहीं करने का उठाते है फायदा
जंगल की ओर मोबाइल का टावर नहीं है। चंद किलोमीटर की दूरी पर एयरफोर्स होने की वजह से जैमर का भी असर होता है और इसी का फायदा मनचले उठाते हैं।
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कुसम्ही जंगल : कई बार हो चुकी हैं घटनाएं
1 जनवरी 2016 : इंजीनियरिंग की छात्रा के साथ छेड़खानी हुई। विरोध करने पर पिटाई कर मोबाइल और सोने की अंगूठी लूट ली।
13 जनवरी 2016 : प्रेमिका के साथ आए युवक की पिटाई कर बदमाशों ने पर्स लूट लिया और प्रेमिका से छेड़खानी की।
5 सितंबर 2016 : राजघाट की रहने वाली युवती को मारपीट कर जंगल के अंदर ले जाने की कोशिश की।
3 नवंबर 2016 : दर्शन कर लौट रहे मामा-भांजी के साथ लूट की कोशिश की गई।
28 फरवरी 2017 : बुढ़िया माई मंदिर के पास दो छात्राओं से छेड़खानी हुई विरोध करने पर पिता-पुत्र को पीटा।
28 जून 2017 : देवर और छोटी बहन के साथ आई महिला को जंगल में खिंचकर ले जाने की कोशिश की।
30 जून 2017 : दरोगा बनकर प्रेमी युगल के साथ मारपीट कर लूट की कोशिश की गई।
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