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एमएलसी सीपी चन्द की पार्टी में वापसी
Updated Thu, 30 Jun 2016 09:46 PM IST
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सीपी चंद्
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एमएलसी सीपी चन्द की सपा में वापसी हो गई है। पार्टी आला कमान ने उनके निष्कासन को निरस्त कर दिया है। उधर, सीपी चन्द का कहना है कि वह पार्टी से कभी निकाले ही नहीं गए थे। वह कल भी सपा से जुड़े थे और आज भी उसी के अंग हैं। पार्टी के प्रति उनकी निष्टा हमेशा बरकरार रहेगी। पार्टी प्रत्याशी के तौर पर ही उन्होंने एमएलसी का चुनाव लड़ा था और जीत के प्रमाणपत्र पर भी सपा के ही प्रत्याशी के तौर पर उनके नाम का जिक्र था। उन्होंने कहा कि समाजवादी विधान मंडल सदस्य की सूची में भी पहले से ही उनका नाम चलता चला आ रहा है।
बता दें कि शुरू में सपा की तरफ से घोषित एमएलसी प्रत्याशी जय प्रकाश यादव का नाम काटकर सीपी चन्द को प्रत्याशी बना दिया गया था। बाद में उनकी जगह पार्टी ने दोबारा जय प्रकाश को प्रत्याशी बना दिया मगर तब तक इतनी देर हो चुकी थी कि बैलेट पेपर छपने को चले गए थे। उनके एवं उनके समर्थकों की सक्रियता की वजह से वोटरों के बीच भी उन्हीं के प्रत्याशी बने रहने का संदेश फैल चुका था। जय प्रकाश यादव ने इसे भांप भी लिया था। यही वजह है कि वे और उनके समर्थकों के काफी अनुरोध पर मतदान के एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने उनके निष्कासन की घोषणा कर दी, मगर तब तक देर हो चुकी थी। जय प्रकाश पूरे समय वोटरों के बीच सीपी चन्द को सपा का प्रत्याशी नहीं होने का विश्वास जमाने में लगे रहे और सीपी चन्द भारी मतों से चुनाव जीत गए। जीत के समय से ही उनके पार्टी में वापसी की चर्चा आम थी।
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बता दें कि शुरू में सपा की तरफ से घोषित एमएलसी प्रत्याशी जय प्रकाश यादव का नाम काटकर सीपी चन्द को प्रत्याशी बना दिया गया था। बाद में उनकी जगह पार्टी ने दोबारा जय प्रकाश को प्रत्याशी बना दिया मगर तब तक इतनी देर हो चुकी थी कि बैलेट पेपर छपने को चले गए थे। उनके एवं उनके समर्थकों की सक्रियता की वजह से वोटरों के बीच भी उन्हीं के प्रत्याशी बने रहने का संदेश फैल चुका था। जय प्रकाश यादव ने इसे भांप भी लिया था। यही वजह है कि वे और उनके समर्थकों के काफी अनुरोध पर मतदान के एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने उनके निष्कासन की घोषणा कर दी, मगर तब तक देर हो चुकी थी। जय प्रकाश पूरे समय वोटरों के बीच सीपी चन्द को सपा का प्रत्याशी नहीं होने का विश्वास जमाने में लगे रहे और सीपी चन्द भारी मतों से चुनाव जीत गए। जीत के समय से ही उनके पार्टी में वापसी की चर्चा आम थी।
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