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‘सुचिता एवं विश्वसनीयता बनाने में सहयोग दें महाविद्यालय’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 03 Jan 2017 09:14 PM IST
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स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाते कुलपति प्रो. अशोक कुमार।
- फोटो : Rajesh Kumar
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महाविद्यालय सुचिता एवं विश्वसनीयता बनाने में सहयोग दें। हम उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे। उक्त बातें कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी संवाद भवन में स्ववित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद गोरखपुर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कहीं।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की विभिन्न समितियों में प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किए जाएंगे। विशिष्ट अतिथि यूनिवर्सिटी के राजनीति शास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक दायित्व बोध रखने के साथ अंतदृष्टि से ओतप्रोत हो, जिससे नेतृत्व समन्वय एवं विकास का आकर्षण समाज में पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के माध्यम से जीवन के सरोकारों को समझने की महती आवश्यकता है। समाज शिक्षक की तरफ सदा से ही आशा भरी नजरों से देखता है। परिष्कार करने की क्षमता शिक्षक में ही संचित है। सुधार एवं सहयोग दूसरे पक्ष भी कर सकते हैं। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने किया। उन्होंने प्राचार्य परिषद के कार्यों को विस्तार से बताया।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। अध्यक्षता करते हुए लोकसभा के संसदीय दल के सचेतक सांसद शरद ने यूजीसी द्वारा महाविद्यालयों के नियमावली निर्माण में अपनी भूमिका के निर्वहन का आश्वासन दिया। आभार ज्ञापन महामंत्री डॉ. शैलेंद्र मिश्र ने किया। संचालन डॉ. रामकृपाल राय ने किया। इस मौके पर प्रो. अनिल राय, प्रो. रामबरन पटेल, सत्यप्रकाश पाठक, डॉ. वीएन मिश्र, महेंद्र नाथ सिंह, डॉॅ. कृष्णमुरारी पाल, डॉ. अशोक शाही, डॉ. सर्वेश कुमार दुबे, डॉ. रामसांवले मिश्र, डॉ. विनय मिश्र, डॉ. कमलेश त्रिपाठी, डॉ. राजेश द्विवेदी, डॉ. कौशलेश मिश्र, डॉ. सर्वेश चंद शुक्ल, डॉ. गोविंद शरण सिंह, डॉ. रामाज्ञा सिंह, डॉ. मयंक श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी की विभिन्न समितियों में प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किए जाएंगे। विशिष्ट अतिथि यूनिवर्सिटी के राजनीति शास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक दायित्व बोध रखने के साथ अंतदृष्टि से ओतप्रोत हो, जिससे नेतृत्व समन्वय एवं विकास का आकर्षण समाज में पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के माध्यम से जीवन के सरोकारों को समझने की महती आवश्यकता है। समाज शिक्षक की तरफ सदा से ही आशा भरी नजरों से देखता है। परिष्कार करने की क्षमता शिक्षक में ही संचित है। सुधार एवं सहयोग दूसरे पक्ष भी कर सकते हैं। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने किया। उन्होंने प्राचार्य परिषद के कार्यों को विस्तार से बताया।
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मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। अध्यक्षता करते हुए लोकसभा के संसदीय दल के सचेतक सांसद शरद ने यूजीसी द्वारा महाविद्यालयों के नियमावली निर्माण में अपनी भूमिका के निर्वहन का आश्वासन दिया। आभार ज्ञापन महामंत्री डॉ. शैलेंद्र मिश्र ने किया। संचालन डॉ. रामकृपाल राय ने किया। इस मौके पर प्रो. अनिल राय, प्रो. रामबरन पटेल, सत्यप्रकाश पाठक, डॉ. वीएन मिश्र, महेंद्र नाथ सिंह, डॉॅ. कृष्णमुरारी पाल, डॉ. अशोक शाही, डॉ. सर्वेश कुमार दुबे, डॉ. रामसांवले मिश्र, डॉ. विनय मिश्र, डॉ. कमलेश त्रिपाठी, डॉ. राजेश द्विवेदी, डॉ. कौशलेश मिश्र, डॉ. सर्वेश चंद शुक्ल, डॉ. गोविंद शरण सिंह, डॉ. रामाज्ञा सिंह, डॉ. मयंक श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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