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कमिश्नर ने संबद्ध रेडियोलॉजिस्ट पर उठाए सवाल, एडी से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sat, 30 Jul 2016 08:20 PM IST
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जिला अस्पताल का कमिश्नर ने निरीक्षण किया
- फोटो : Mahesh Kumar
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चार्ज संभालने के दूसरे दिन ही कमिश्नर अनिल कुमार जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। इंसेफेलाइटिस वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी और आरडीसी में जाकर उन्होंने बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान आरडीसी में एडी हेल्थ से रेडियोलॉजिस्ट को संबद्ध करने पर सवाल उठाया। उन्होंने इस पर एडी हेल्थ से जवाब मांगते हुए कहा कि यदि यह जिला अस्पताल में ड्यूटी कर रहे है तो इनके तैनाती वाले स्थान पर जांच कौन कर रहा? वहीं एसआरएल में होने वाली जांच और शुक्रवार को किए गए जांच की सूची भी कमिश्नर ने मांगी है।
शनिवार की दोपहर 12 बजे अचानक कमिश्नर जिला अस्पताल पहुंच गए। वह सीधे इंसेफेलाइटिस वार्ड में पहुंचे। यहां पर मरीजों के तीमारदारों से वार्ता कर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। सभी ने दवा अंदर से मिलने की बात बताई तो वहीं अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर कमिश्नर ने एनएचएम के तहत डॉक्टर की मांग करने के लिए कहा है। इसके बाद वह आरडीसी (क्षेत्रीय निदान केंद्र) पहुंचे। यहां पर चार रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। इनमें से दो की तैनाती है तो दो संबद्ध हैं।
कमिश्नर ने इस पर आपत्ति जताते हुए एडी हेल्थ से जवाब तलब कर लिया। एसआरएल में होने वाले जांचों की जानकारी ली और शक जाहिर किया किया कि कहीं प्राइवेट डॉक्टर के मरीज भी तो आकर यहां जांच नहीं करवा रहे? इसकी निगरानी की जाए। उन्होंने बीते दिन हुए जांच की रिपोर्ट मांगी जो मौके पर नहीं मिली तो जल्द भेजने को कहा है। ऑर्थो वार्ड के निरीक्षण को जाते समय रास्ते में कुत्ते और गंदी नाली दिखने पर नाराजगी जाहिर की। बोले, वार्ड की तरह ही यहां भी सफाई का ध्यान रखा जाए। जानवरों का प्रवेश नहीं होना चाहिए। ओपीडी में भी कमिश्नर पहुंचे थे।
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सीएमओ दफ्तर में की बैठक
निरीक्षण के बाद कमिश्नर ने सीएमओ दफ्तर में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने और सुरक्षा के लिहाज से सुझाव मांगा। उन्होंने एडी हेल्थ, एसआईसी और सीएमओ से अपनी सलाह देने को कही ताकि अस्पताल में और सुधार हो सके। डॉक्टरों की कमी के सवाल पर बोले कि शासन में वार्ता कर इसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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शनिवार की दोपहर 12 बजे अचानक कमिश्नर जिला अस्पताल पहुंच गए। वह सीधे इंसेफेलाइटिस वार्ड में पहुंचे। यहां पर मरीजों के तीमारदारों से वार्ता कर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। सभी ने दवा अंदर से मिलने की बात बताई तो वहीं अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर कमिश्नर ने एनएचएम के तहत डॉक्टर की मांग करने के लिए कहा है। इसके बाद वह आरडीसी (क्षेत्रीय निदान केंद्र) पहुंचे। यहां पर चार रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। इनमें से दो की तैनाती है तो दो संबद्ध हैं।
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कमिश्नर ने इस पर आपत्ति जताते हुए एडी हेल्थ से जवाब तलब कर लिया। एसआरएल में होने वाले जांचों की जानकारी ली और शक जाहिर किया किया कि कहीं प्राइवेट डॉक्टर के मरीज भी तो आकर यहां जांच नहीं करवा रहे? इसकी निगरानी की जाए। उन्होंने बीते दिन हुए जांच की रिपोर्ट मांगी जो मौके पर नहीं मिली तो जल्द भेजने को कहा है। ऑर्थो वार्ड के निरीक्षण को जाते समय रास्ते में कुत्ते और गंदी नाली दिखने पर नाराजगी जाहिर की। बोले, वार्ड की तरह ही यहां भी सफाई का ध्यान रखा जाए। जानवरों का प्रवेश नहीं होना चाहिए। ओपीडी में भी कमिश्नर पहुंचे थे।
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सीएमओ दफ्तर में की बैठक
निरीक्षण के बाद कमिश्नर ने सीएमओ दफ्तर में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने और सुरक्षा के लिहाज से सुझाव मांगा। उन्होंने एडी हेल्थ, एसआईसी और सीएमओ से अपनी सलाह देने को कही ताकि अस्पताल में और सुधार हो सके। डॉक्टरों की कमी के सवाल पर बोले कि शासन में वार्ता कर इसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।