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सीएम, नगर विकास मंत्री ने मेयर को दिखाया आइना
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:08 AM IST
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सीएम के साथ मंच पर मौजूद 'पूर्व' मेयर डॉ. सत्या पांडेय (आसमानी साड़ी में)।
- फोटो : Amar Ujala
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कार्यकाल खत्म होने के बाद भी खुद को मेयर बता रहीं डॉ सत्या पांडेय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को भरे मंच से आइना दिखाया। गरीबों को प्रधानमंत्री आवास का प्रमाण पत्र देने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में अभिवादन के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें निवर्तमान मेयर कहा, तो नगर विकास मंत्री ने पूर्व मेयर। डॉ सत्या पांडेय के पद को लेकर उनके इस संबोधन की चर्चा न केवल कार्यक्रम स्थल बल्कि देर शाम तक शहर के कई स्थानों पर होती रही।
मेयर का कार्यकाल सात अगस्त को ही खत्म हो गया था। मंगलवार की देर शाम नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने दफ्तर, गाड़ी, सीयूजी नंबर और घर पर तैनात सुरक्षा गार्ड समेत सभी सरकारी सुविधाएं उनसे वापस ले लीं। नगर आयुक्त का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक कार्यकारिणी सलाहकार के तौर पर डॉ सत्या पांडेय शहर के विकास के लिए अभी भी सुझाव दे सकती हैं, मगर इसके लिए उन्हेें कोई भत्ता या सरकारी सुविधा नहीं मिलेगी। बताया जा रहा है कि मेयर को जो सुविधाएं मिली थीं, उनपर महीने का खर्च करीब तीन लाख रुपये आता है।
ये सुविधाएं मिल रहीं थी डॉ सत्या पांडेय को
कार्यालय, कैंप कार्यालय, एक व्यक्तिक सहायक, दो अर्दली, छह सिक्योरिटी गार्ड, एक गनर, एक कार, एक एस्कार्ट गाड़ी, दो ड्राइवर, एक कंप्यूटर आपरेटर, एक लिपिक, कैंप कार्यालय पर एक चौकीदार, चार सहायक
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मेयर का कार्यकाल सात अगस्त को ही खत्म हो गया था। मंगलवार की देर शाम नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने दफ्तर, गाड़ी, सीयूजी नंबर और घर पर तैनात सुरक्षा गार्ड समेत सभी सरकारी सुविधाएं उनसे वापस ले लीं। नगर आयुक्त का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक कार्यकारिणी सलाहकार के तौर पर डॉ सत्या पांडेय शहर के विकास के लिए अभी भी सुझाव दे सकती हैं, मगर इसके लिए उन्हेें कोई भत्ता या सरकारी सुविधा नहीं मिलेगी। बताया जा रहा है कि मेयर को जो सुविधाएं मिली थीं, उनपर महीने का खर्च करीब तीन लाख रुपये आता है।
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ये सुविधाएं मिल रहीं थी डॉ सत्या पांडेय को
कार्यालय, कैंप कार्यालय, एक व्यक्तिक सहायक, दो अर्दली, छह सिक्योरिटी गार्ड, एक गनर, एक कार, एक एस्कार्ट गाड़ी, दो ड्राइवर, एक कंप्यूटर आपरेटर, एक लिपिक, कैंप कार्यालय पर एक चौकीदार, चार सहायक
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