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द पिलर्स स्कूल के गेट पर नोटिस चस्पा

Sat, 22 Apr 2017 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 22 Apr 2017 12:48 AM IST
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CBSE sticked notice to cancel the affliation on the gate of pillars school
पिलर्स स्कूल के गेट पर चस्पा नोटिस देखते लोग। - फोटो : Amar Ujala
शहर के नामी स्कूल द पिलर्स की सिविल लाइंस ब्रांच की संबद्धता सीबीएसई ने खत्म कर दी थी। शुक्रवार को स्कूल प्रशासन ने सीबीएसई के निर्देश के बाद गेट पर सूचना भी चस्पा कर दी है। नोटिस में साफ लिखा है कि सीबीएसई ने सत्र 2017-18 में कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाते हुए सीबीएसई की संबद्धता रद्द कर दी है। सीबीएसई की इस कार्रवाई से कक्षा नौ और 11 में प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों को उनके भविष्य की चिंता सताने लगी है।
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जनवरी माह में डॉ विनय कुमार पांडेय ने स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाकर 14 बिंदुओं की शिकायत की थी। इसके बाद सीबीएसई की निरीक्षण कमेटी ने सभी बिंदुओं की जांच की, जिसमें स्कूल प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया था। इसके बाद गुरुवार को सीबीएसई ने द पिलर्स स्कूल की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सत्र 2017-18 की संबद्धता तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी थी।  शुक्रवार सुबह अभिभावक सशंकित मन से अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने गए थे। उन्हें अंदेशा था कि संभव हो स्कूल बंद न हो। स्कूल पहुंचने पर अभिभावकों ने राहत की सांस ली। वहीं, स्कूल पहुंचे अभिभावक पर पसोपेश में पड़े हैं। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन सामने आकर अपना पक्ष नहीं रख रहा है। अगर संबद्धता रद्द कर दी जाएगी, तो उनके बच्चों के भविष्य का क्या होगा।
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वहीं, कुछ अभिभावकों ने बताया कि संभव है स्कूल प्रशासन अब अपने सिक्टौर ब्रांच से रजिस्ट्रेशन करवाए और सिविल लाइंस ब्रांच में पढ़ाई करवाए। कुछ अभिभावकों ने स्कूल के कुछ जिम्मेदारों से बात होने का हवाला  देकर कहा कि स्कूल के निदेशक दिल्ली गए हैं, संभव है आने पर स्थिति फिर पहले जैसे ही हो जाएगी। वहीं, कुछ अभिभावकों की मांग थी कि स्कूल प्रशासन दूसरे स्कूलों में प्रवेश हो सके इसके लिए अपने लेटर पैड पर लिख कर पत्र जारी करें।
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छात्रों को निर्देश ‘पढ़ाई पर दें ध्यान’
स्कूल में पढ़ने वाले कुछ छात्रों से बात करने पर उन्होंने बताया कि स्कूल की तरफ से सख्त निर्देश दिया गया है कि छात्र इस विवाद से दूर रहें और अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। अखबारों में छप रही खबरों पर ज्यादा ध्यान मत दें। उन्हें तो पता भी नहीं है कि क्या चल रहा है। हालांकि, छात्र अपने भविष्य को लेकर थोड़ा चिंतित नजर जरूर आ रहे थे। कैमरे पर न बोलने की शर्त पर उन्होंने बताया कि अगर संबद्धता खत्म कर दी जाएगी तो वो इस समय एडमिशन लेने कहां जाएंगे। इस समय शहर के सभी अच्छे स्कूलों मे लगभग एडमिशन पूरा हो चुका है। साल बचाना है तो अब लगता है दूर-दराज के किसी हिंदी माध्यम स्कूल में एडमिशन लेना पड़ेगा।


अंकल अब स्कूल बंद हो जाएगा क्या
स्कूल के बाहर खड़े कक्षा तीन से लेकर आठ तक के बच्चों के बीच मीडिया और फोटोग्राफर कौतूहल का विषय बने रहे। जैसे कैमरे का फ्लैश चमकता बच्चे पूछने चले आते अंकल क्यों स्कूल की फोटो खींच रहे हैं। वहां मौजूद कुछ बच्चों को जब बताया गया कि स्कूल की फोटो पेपर में छपेगी, तो तपाक से वहां मौजूद कुछ बच्चे बोल पड़े अंकल, अब स्कूल बंद हो जाएगा क्या। पेपर में पढ़ा था कि नौ से लेकर 12 तक की पढ़ाई अब नहीं होगी। 
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