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मौसम में उतार-चढ़ाव, वायरल फीवर के मरीज बढ़े
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Tue, 30 Aug 2016 01:09 AM IST
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जिला अस्पताल में जुटी भीड़।
- फोटो : Mahesh Kumar
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तापमान में लगातार परिवर्तन लोगों को बीमार बना रहा है। इन दिनों वायरल फीवर के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। बच्चे हो या बुजुर्ग सर्दी, खांसी, बुखार सभी को परेशान किए हुए है। आलम यह है कि सिर्फ शहरी सरकारी अस्पतालों में रोजाना औसतन 700 मरीज वायरल फीवर के पहुंच रहे हैं। अकेले जिला अस्पताल में रोजाना 40 से ज्यादा मरीजों की मियादी बुखार की जांच कराई जा रही है। उधर, मरीज बढ़ने पर शासन स्तर से सीएमओ को हाई फीवर के मरीजों को निगरानी का आदेश दे दिया है। सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को सीएमओ ने फीवर मरीजों पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया है।
जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज हो या फिर प्राइवेट अस्पताल डॉक्टरों के यहां इन दिनों ज्यादातर वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहे हैं। तेज बुखार के साथ ही नाक बहने, सिर, गला और बदन में दर्द व सर्दी खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीजों को डॉक्टर आराम की सलाह दे रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मौसम में कई विषाणु व जीवाणु सक्रिय होते हैं। यह विषाणु वायरल फीवर के साथ हेपेटाइटिस व इंसेफेलाइटिस जैसे रोग के लिए जिम्मेदार होते हैं। साफ सफाई रखने के साथ ही संक्रमण से बचकर इस परेशानियों से दूर रहा जा सकता है।
आज कल तापमान में उतार-चढ़ाव बीमारी की मुख्य वजह है। जो पहले से दमा या श्वांस के रोगी है उनको वायरल फीवर अधिक परेशान कर रहा है। वैसे तो सभी को इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन श्वांस के मरीजों को अधिक सतर्क रहना चाहिए।
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0 खाने से पहले हाथ को साबुन से धोएं
0 बाहर की वस्तुओं, दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से बचे
0 ताजा भोजन ही ग्रहण करें
0 देर तक रखा खाना न खाएं
0 श्वांस के मरीज अधिक सावधानी बरते
0 मसालेदार भोजन का कम प्रयोग करें
0 साफ पानी पीए, पौष्टिक आहार लें
0 खांसते, छींकते समय मुंह पर साफ कपड़ा रखें
0 इस तरह की बीमारी में ज्यादा तर आराम करें
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जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज हो या फिर प्राइवेट अस्पताल डॉक्टरों के यहां इन दिनों ज्यादातर वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहे हैं। तेज बुखार के साथ ही नाक बहने, सिर, गला और बदन में दर्द व सर्दी खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीजों को डॉक्टर आराम की सलाह दे रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मौसम में कई विषाणु व जीवाणु सक्रिय होते हैं। यह विषाणु वायरल फीवर के साथ हेपेटाइटिस व इंसेफेलाइटिस जैसे रोग के लिए जिम्मेदार होते हैं। साफ सफाई रखने के साथ ही संक्रमण से बचकर इस परेशानियों से दूर रहा जा सकता है।
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आज कल तापमान में उतार-चढ़ाव बीमारी की मुख्य वजह है। जो पहले से दमा या श्वांस के रोगी है उनको वायरल फीवर अधिक परेशान कर रहा है। वैसे तो सभी को इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन श्वांस के मरीजों को अधिक सतर्क रहना चाहिए।
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बचाव
0 साफ.-सफाई पर विशेष ध्यान रखें0 खाने से पहले हाथ को साबुन से धोएं
0 बाहर की वस्तुओं, दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से बचे
0 ताजा भोजन ही ग्रहण करें
0 देर तक रखा खाना न खाएं
0 श्वांस के मरीज अधिक सावधानी बरते
0 मसालेदार भोजन का कम प्रयोग करें
वायरल फीवर होने पर यह करें
0 बुखार होने पर पैरासीटामॉल लें0 साफ पानी पीए, पौष्टिक आहार लें
0 खांसते, छींकते समय मुंह पर साफ कपड़ा रखें
0 इस तरह की बीमारी में ज्यादा तर आराम करें