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पिपराइच चीनी मिल की क्षमता बढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:39 AM IST
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चीनी मिल
- फोटो : Amar Ujala
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पिपराइच चीनी मिल की पेराई और विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि कर दी गई है। अब इस चीनी मिल में प्रतिदिन पांच हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई के साथ 28 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा। कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम के विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने यह जानकारी दी। इस दौरान एम्स, खाद कारखाना, नौसड़-कालेसर मार्ग पर एलईडी लाइट लगाने पर भी चर्चा हुई।
डीएम राजीव रौतेला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जब चीनी मिल का शिलान्यास किया था तो उस समय मिल की क्षमता 3500 मीट्रिक टन थी, जिसे बढ़ाकर अब 5000 कर दिया गया है। बिजली उत्पादन की क्षमता भी 18 मेगावाट से बढ़कर 28 मेगावाट कर दी गई है। इसकी डिस्टलरी की उत्पादन क्षमता 60 किलोलीटर है। इसकी लागत 105 करोड़ रुपये होगी, जबकि चीनी मिल की लागत 295 करोड़ से बढ़कर 375 करोड़ हो जाएगी। यानी पिपराइच चीनी मिल की कुल लागत अब 480 करोड़ रुपये होगी।
बैठक में पिपराइच चीनी मिल के मुख्य रसायनज्ञ मारकंडेय मिश्र ने बताया कि चीनी मिल की क्षमता भविष्य में बढ़ाकर 7500 मीट्रिक टन की जा सकेगी। फिलहाल क्षमता में बढ़ोतरी को पब्लिक इनवेस्टर्मेट ब्यूरो (पीआईबी) ने स्वीकृत कर दिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गन्ना के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बैठक में पीडब्लूडी, सीएंडडीएस, गन्ना, बिजली, जलनिगम समाज कल्याण निर्माण निगम आदि की निर्माण योजनाओं की समीक्षा की गई। सभी को समय से काम पूरा करने को कहा गया। संचालन अर्थ एवं संख्याधिकारी बाबूलाल ने किया। इसमें सीडीओ अनुज सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह, एडीएम प्रभुनाथ एवं विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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पिपराइच में स्थापित होगा गन्ना शोध संस्थान
गन्ना शोध संस्थान पिपराइच में स्थापित होगा। इसके लिए पिपराइच, रीठिया और हरकापुर की लगभग 52 एकड़ भूमि ली जाएगी। डीएम ने शोध केंद्र के निदेशक को सभी 630 किसानों से सहमति लेने का निर्देश दिया ताकि राजस्व विभाग से भूमि स्थानांतरण की कार्रवाई कराई जा सके। अब तक 285 किसानों की सहमति मिल चुकी है।
एम्स और खाद कारखाना का काम हुआ तेज
गोरखपुर। एम्स निर्माण स्थल से अतिक्रमण हटा दिया गया है। बाउंड्रीवाल का निर्माण चल रहा है। साथ ही खाद कारखाना के लिए भूमि समतलीकरण का आधा काम पूरा हो गया है। मार्च 2018 तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जनवरी तक जगमगाने लगेगा नौसड़-कालेसर मार्ग
नौसड़ से कालेसर तक के मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था का काम पूरा कर लिया गया है। पोल की रंगाई-पुताई और बिजली कनेक्शन का काम किया जा रहा है। 20 जनवरी तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। डीएम ने पीडब्लूडी को निर्देश दिया है कि इस मार्ग पर डिवाइडर की फिर से रंगाई-पोताई करा दें ताकि रात में चलने वालों को दिक्कत न हो।
खनन के लिए 62 आवेदन
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया है कि मिट्टी खनन के आवेदन खनन कार्यालय को उपलब्ध करा दें। खनन अधिकारी ने बताया कि अब तक 62 आवेदन आए थे जिनका निस्तारण कर दिया गया है। शेष जिसको भी मिट्टी खनन की आवश्यकता हो, वह आवेदन कर सकता है।
तीन दिन में जमीन स्थानांतरित कराने का निर्देश
डीएम ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए आईएएस/पीसीएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भवन की जमीन का चयन कर लिया गया है। उन्होंने तहसीलदार को तीन दिन में भूमि स्थानांतरित कराने का निर्देश दिया।
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डीएम राजीव रौतेला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जब चीनी मिल का शिलान्यास किया था तो उस समय मिल की क्षमता 3500 मीट्रिक टन थी, जिसे बढ़ाकर अब 5000 कर दिया गया है। बिजली उत्पादन की क्षमता भी 18 मेगावाट से बढ़कर 28 मेगावाट कर दी गई है। इसकी डिस्टलरी की उत्पादन क्षमता 60 किलोलीटर है। इसकी लागत 105 करोड़ रुपये होगी, जबकि चीनी मिल की लागत 295 करोड़ से बढ़कर 375 करोड़ हो जाएगी। यानी पिपराइच चीनी मिल की कुल लागत अब 480 करोड़ रुपये होगी।
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बैठक में पिपराइच चीनी मिल के मुख्य रसायनज्ञ मारकंडेय मिश्र ने बताया कि चीनी मिल की क्षमता भविष्य में बढ़ाकर 7500 मीट्रिक टन की जा सकेगी। फिलहाल क्षमता में बढ़ोतरी को पब्लिक इनवेस्टर्मेट ब्यूरो (पीआईबी) ने स्वीकृत कर दिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गन्ना के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बैठक में पीडब्लूडी, सीएंडडीएस, गन्ना, बिजली, जलनिगम समाज कल्याण निर्माण निगम आदि की निर्माण योजनाओं की समीक्षा की गई। सभी को समय से काम पूरा करने को कहा गया। संचालन अर्थ एवं संख्याधिकारी बाबूलाल ने किया। इसमें सीडीओ अनुज सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह, एडीएम प्रभुनाथ एवं विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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पिपराइच में स्थापित होगा गन्ना शोध संस्थान
गन्ना शोध संस्थान पिपराइच में स्थापित होगा। इसके लिए पिपराइच, रीठिया और हरकापुर की लगभग 52 एकड़ भूमि ली जाएगी। डीएम ने शोध केंद्र के निदेशक को सभी 630 किसानों से सहमति लेने का निर्देश दिया ताकि राजस्व विभाग से भूमि स्थानांतरण की कार्रवाई कराई जा सके। अब तक 285 किसानों की सहमति मिल चुकी है।
एम्स और खाद कारखाना का काम हुआ तेज
गोरखपुर। एम्स निर्माण स्थल से अतिक्रमण हटा दिया गया है। बाउंड्रीवाल का निर्माण चल रहा है। साथ ही खाद कारखाना के लिए भूमि समतलीकरण का आधा काम पूरा हो गया है। मार्च 2018 तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जनवरी तक जगमगाने लगेगा नौसड़-कालेसर मार्ग
नौसड़ से कालेसर तक के मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था का काम पूरा कर लिया गया है। पोल की रंगाई-पुताई और बिजली कनेक्शन का काम किया जा रहा है। 20 जनवरी तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। डीएम ने पीडब्लूडी को निर्देश दिया है कि इस मार्ग पर डिवाइडर की फिर से रंगाई-पोताई करा दें ताकि रात में चलने वालों को दिक्कत न हो।
खनन के लिए 62 आवेदन
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया है कि मिट्टी खनन के आवेदन खनन कार्यालय को उपलब्ध करा दें। खनन अधिकारी ने बताया कि अब तक 62 आवेदन आए थे जिनका निस्तारण कर दिया गया है। शेष जिसको भी मिट्टी खनन की आवश्यकता हो, वह आवेदन कर सकता है।
तीन दिन में जमीन स्थानांतरित कराने का निर्देश
डीएम ने बताया कि अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए आईएएस/पीसीएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भवन की जमीन का चयन कर लिया गया है। उन्होंने तहसीलदार को तीन दिन में भूमि स्थानांतरित कराने का निर्देश दिया।