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सोलर एनर्जी से चलेगी गोल्फ कार्ट
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 15 Apr 2017 01:12 AM IST
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बीटेक छात्रों द्वारा बनाई गई गोल्फ कार्ट।
- फोटो : Amar Ujala
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बैट्री से चलने वाली गाड़ियों की सबसे बड़ी दिक्कत चार्जिंग की आती है, लेकिन बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के बीटेक के छात्रों ने इस समस्या का हल ढूंढ लिया है। इन छात्रों ने एक ऐसी गोल्फ कार्ट तैयार की है जो सोलर पैनल से चार्ज हो सकेगी। छह घंटे चार्ज करने के बाद यह तकरीबन 800 किलोग्राम का वजन लेकर 45 किलोमीटर की रफ्तार से 90 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेगी। इसे बनाने में मात्र 1.08 लाख रुपये की लागत आएगी।
बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के अभिनव मिश्रा के नेतृत्व में बीटेक छात्रों अभिषेक मणि त्रिपाठी, आदित्य झा और दिगंबर कुशवाहा ने 110 एएच (एंपियर ऑवर) क्षमता की चार बैट्री से 1250 वाट के मोटर लगाकर यह गोल्फ कार्ट तैयार किया है। साथ ही इसे सोलर पैनल से जोड़ दिया है। इससे इस गोल्फ कार्ट को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभिनव के अनुसार सामान्य तौर पर थ्री व्हीलर गाड़ियों की सबसे बड़ी दिक्कत बैलेंसिंग की होती है। इसलिए हमने इसे फोर व्हीलर बनाया है। इससे इसकी बैलेंसिंग काफी अच्छी हो गई है। 800 किलोग्राम का वजन लेकर यह गोल्फ कार्ट पहाड़ी सड़कों पर भी आसानी से चढ़ सकती है।
टेलीस्कोपिक सॉकर की वजह से इसमें जर्क भी काफी कम महसूस होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका टर्निंग रेडियस है। अब तक की छोटी गाड़ियों का टर्निंग रेडियस 7 मीटर के करीब है, मगर यह गोल्फ कार्ट मात्र 3.5 मीटर में ही घूम सकती है। आदित्य झा ने बताया कि इस शोधपत्र को राष्ट्रीय सेमिनार में भी प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उन्हें पहला पुरस्कार हासिल हुआ है।
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बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के अभिनव मिश्रा के नेतृत्व में बीटेक छात्रों अभिषेक मणि त्रिपाठी, आदित्य झा और दिगंबर कुशवाहा ने 110 एएच (एंपियर ऑवर) क्षमता की चार बैट्री से 1250 वाट के मोटर लगाकर यह गोल्फ कार्ट तैयार किया है। साथ ही इसे सोलर पैनल से जोड़ दिया है। इससे इस गोल्फ कार्ट को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभिनव के अनुसार सामान्य तौर पर थ्री व्हीलर गाड़ियों की सबसे बड़ी दिक्कत बैलेंसिंग की होती है। इसलिए हमने इसे फोर व्हीलर बनाया है। इससे इसकी बैलेंसिंग काफी अच्छी हो गई है। 800 किलोग्राम का वजन लेकर यह गोल्फ कार्ट पहाड़ी सड़कों पर भी आसानी से चढ़ सकती है।
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टेलीस्कोपिक सॉकर की वजह से इसमें जर्क भी काफी कम महसूस होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका टर्निंग रेडियस है। अब तक की छोटी गाड़ियों का टर्निंग रेडियस 7 मीटर के करीब है, मगर यह गोल्फ कार्ट मात्र 3.5 मीटर में ही घूम सकती है। आदित्य झा ने बताया कि इस शोधपत्र को राष्ट्रीय सेमिनार में भी प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उन्हें पहला पुरस्कार हासिल हुआ है।
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