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जमीन पर गिरे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आया छात्र, मौत
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खोराबार में बच्चे की मौत के बाद जाम लगाए लोगों को समझाती पुलिस।
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जमीन पर गिरे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आया छात्र, मौत
खोराबार। बिजली निगम के अफसरों की लापरवाही से बृहस्पतिवार को प्राथमिक पाठशाला जंगल सिकरी में कक्षा दो के छात्र आरव उर्फ अनूप राजभर (8) की दर्दनाक मौत हो गई। आरव सुबह स्कूल की तरफ जा रहा था, तभी टूटकर जमीन पर गिरी हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरव के तार के चपेट में आते ही धमाका हुआ और देखते ही देखते उसका शरीर पूरी तरह झुलस गया।
घटना की सूचना मिलते ही छात्र के परिजन व ग्रामीण सड़क पर आ गए और सूबा बाजार में ही शव को सड़क पर रखकर गोरखपुर-देवरिया राजमार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने खोराबार थाने का भी घेराव किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने पहले जाम खुलवाया, फिर लोगों को समझाकर थाने से हटाया। देरशाम छात्र के पिता सुरेश राजभर की तहरीर पर अवर अभियंता (जेई) सुभाष चंद्र के खिलाफ कार्यों की उपेक्षा से हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
कैंट इलाके के खालेटोला निवासी सुभाष चंद्र राजभर राजमिस्त्री हैं। उनका दूसरे नंबर का बेटा आरव बृहस्पतिवार सुबह 9.30 बजे पैदल ही दयानंद इंटर कॉलेज सूबा बाजार के खेल मैदान से होकर अपने स्कूल जा रहा था। खेल मैदान में घास थी, इस कारण जमीन पर पहले से गिरा हाई वोल्टेज तार नहीं दिखा। आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस और बिजली निगम के अफसरों को दी। इसके बाद हाई वोल्टेज लाइन की बिजली काटी जा सकी। हादसे की खबर पाकर आरव के माता-पिता भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण पहुंचे तो सभी का गुस्सा भड़क गया। छात्र का शव लेकर परिजन व ग्रामीण सड़क पर जा पहुंचे और जाम लगा दिया। करीब 30 मिनट तक आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। गोरखपुर-देवरिया राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाया तो भीड़ खोराबार थाने पहुंच गई। सभी बिजली निगम के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। साथ ही मुकदमा दर्ज करके आरोपी अफसर को जेल भेजने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि आरव के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। पुलिस ने किसी तरह समझा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट सुमित शुक्ला भी थाने खोराबार थाने पहुंचे और लापरवाह बिजली अफसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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बेशर्मी: सूचना के बाद भी दो घंटे तक अधिकारी रहे बेपरवाह
गोरखपुर। जमीन पर गिरे हाइटेंशन तार की चपेट में आकर हुई मासूम की मौत के लिए लोग बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कस्बे के लोगों ने बताया कि तार भोर से ही टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। टहलने निकले कस्बे के कुछ लोगों ने सुबह 7.30 बजे टूटा तार देखकर बिजली निगम के रामगढ़ फीडर के जिम्मेदारों को सूचना दी थी, फिर भी लापरवाही इतनी कि बिजली काटी नहीं गई। दो घंटे बाद यानी सुबह 9.30 बजे ही आरव उसकी चपेट में आ गया।
खोराबार के जंगल सिकरी स्थित रामगढ़ फीडर से एयरफोर्स तक हाईटेंशन लाइन का तार जा रहा है। सुबह करीब सात बजे हाईटेंशन लाइन जाने वाले बिजली के खंभे का इंस्युलेटर जल गया जिसकी वजह से रामगढ़ स्थित दयानंद इंटर कॉलेज के पास के मैदान में तार टूटकर नीचे जमीन पर गिर गया। सुबह करीब 7.30 बजे उधर से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना जेई को दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेई और एसएसओ को सूचना देने के घंटों बाद तक हाईटेंशन लाइन की सप्लाई नहीं बाधित की गई। दुर्भाग्यवश इसी मैदान के बगल से पगडंडी पकड़ कर स्कूल जा रहे का पैर नीचे गिरे हाई वोल्टेज तार पर पड़ गया। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर काफी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि अगर अधिकारी-कर्मचारी सूचना मिलने पर ही कार्रवाई करते तो मासूम की जान नहीं जाती। लोगों ने बताया कि इलाके में फाल्ट होने पर सूचना पर अधिकारी-कर्मचारी अपनी मर्जी से सुधार कार्य करवाते हैं। इसी आदत की वजह से बृहस्पतिवार की सूचना को भी गंभीरता से नहीं लिया गया।
स्कूल के गेट पर ही है ट्रांसफार्मर
आरव जिस प्राथमिक पाठशाला में पढ़ता था, उसके स्कूल के गेट पर ही ट्रांसफार्मर लगा है। जो खुले में रखा है और चारो तरफ तारों का जाल फैला है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के बच्चों की जान हमेशा जोखिम में रहती है लेकिन जिम्मेदारी बेपरवाह हैं। इसी का नतीजा रहा कि बृहस्पतिवार को छात्र की मौत हो गई।
तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था आरव
आरव तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। बड़ी बहन रितिका (10) तीसरी की छात्रा है। वहीं, सबसे छोटा मोली (8) अभी घर पर ही रहता है। मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। मां और बहन रो-रोकर अचेत हो जा रही थीं।
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खोराबार। बिजली निगम के अफसरों की लापरवाही से बृहस्पतिवार को प्राथमिक पाठशाला जंगल सिकरी में कक्षा दो के छात्र आरव उर्फ अनूप राजभर (8) की दर्दनाक मौत हो गई। आरव सुबह स्कूल की तरफ जा रहा था, तभी टूटकर जमीन पर गिरी हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरव के तार के चपेट में आते ही धमाका हुआ और देखते ही देखते उसका शरीर पूरी तरह झुलस गया।
घटना की सूचना मिलते ही छात्र के परिजन व ग्रामीण सड़क पर आ गए और सूबा बाजार में ही शव को सड़क पर रखकर गोरखपुर-देवरिया राजमार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने खोराबार थाने का भी घेराव किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने पहले जाम खुलवाया, फिर लोगों को समझाकर थाने से हटाया। देरशाम छात्र के पिता सुरेश राजभर की तहरीर पर अवर अभियंता (जेई) सुभाष चंद्र के खिलाफ कार्यों की उपेक्षा से हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
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कैंट इलाके के खालेटोला निवासी सुभाष चंद्र राजभर राजमिस्त्री हैं। उनका दूसरे नंबर का बेटा आरव बृहस्पतिवार सुबह 9.30 बजे पैदल ही दयानंद इंटर कॉलेज सूबा बाजार के खेल मैदान से होकर अपने स्कूल जा रहा था। खेल मैदान में घास थी, इस कारण जमीन पर पहले से गिरा हाई वोल्टेज तार नहीं दिखा। आसपास के लोगों ने सूचना पुलिस और बिजली निगम के अफसरों को दी। इसके बाद हाई वोल्टेज लाइन की बिजली काटी जा सकी। हादसे की खबर पाकर आरव के माता-पिता भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण पहुंचे तो सभी का गुस्सा भड़क गया। छात्र का शव लेकर परिजन व ग्रामीण सड़क पर जा पहुंचे और जाम लगा दिया। करीब 30 मिनट तक आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। गोरखपुर-देवरिया राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाया तो भीड़ खोराबार थाने पहुंच गई। सभी बिजली निगम के अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। साथ ही मुकदमा दर्ज करके आरोपी अफसर को जेल भेजने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि आरव के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। पुलिस ने किसी तरह समझा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट सुमित शुक्ला भी थाने खोराबार थाने पहुंचे और लापरवाह बिजली अफसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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बेशर्मी: सूचना के बाद भी दो घंटे तक अधिकारी रहे बेपरवाह
गोरखपुर। जमीन पर गिरे हाइटेंशन तार की चपेट में आकर हुई मासूम की मौत के लिए लोग बिजली विभाग के अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कस्बे के लोगों ने बताया कि तार भोर से ही टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। टहलने निकले कस्बे के कुछ लोगों ने सुबह 7.30 बजे टूटा तार देखकर बिजली निगम के रामगढ़ फीडर के जिम्मेदारों को सूचना दी थी, फिर भी लापरवाही इतनी कि बिजली काटी नहीं गई। दो घंटे बाद यानी सुबह 9.30 बजे ही आरव उसकी चपेट में आ गया।
खोराबार के जंगल सिकरी स्थित रामगढ़ फीडर से एयरफोर्स तक हाईटेंशन लाइन का तार जा रहा है। सुबह करीब सात बजे हाईटेंशन लाइन जाने वाले बिजली के खंभे का इंस्युलेटर जल गया जिसकी वजह से रामगढ़ स्थित दयानंद इंटर कॉलेज के पास के मैदान में तार टूटकर नीचे जमीन पर गिर गया। सुबह करीब 7.30 बजे उधर से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना जेई को दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेई और एसएसओ को सूचना देने के घंटों बाद तक हाईटेंशन लाइन की सप्लाई नहीं बाधित की गई। दुर्भाग्यवश इसी मैदान के बगल से पगडंडी पकड़ कर स्कूल जा रहे का पैर नीचे गिरे हाई वोल्टेज तार पर पड़ गया। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर काफी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि अगर अधिकारी-कर्मचारी सूचना मिलने पर ही कार्रवाई करते तो मासूम की जान नहीं जाती। लोगों ने बताया कि इलाके में फाल्ट होने पर सूचना पर अधिकारी-कर्मचारी अपनी मर्जी से सुधार कार्य करवाते हैं। इसी आदत की वजह से बृहस्पतिवार की सूचना को भी गंभीरता से नहीं लिया गया।
स्कूल के गेट पर ही है ट्रांसफार्मर
आरव जिस प्राथमिक पाठशाला में पढ़ता था, उसके स्कूल के गेट पर ही ट्रांसफार्मर लगा है। जो खुले में रखा है और चारो तरफ तारों का जाल फैला है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के बच्चों की जान हमेशा जोखिम में रहती है लेकिन जिम्मेदारी बेपरवाह हैं। इसी का नतीजा रहा कि बृहस्पतिवार को छात्र की मौत हो गई।
तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था आरव
आरव तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। बड़ी बहन रितिका (10) तीसरी की छात्रा है। वहीं, सबसे छोटा मोली (8) अभी घर पर ही रहता है। मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। मां और बहन रो-रोकर अचेत हो जा रही थीं।