फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   book fair in gorakhpur

बरकरार है युवाओं का शायरी पर एतबार 

Mon, 19 Sep 2016 09:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 19 Sep 2016 09:19 PM IST
विज्ञापन
book fair in gorakhpur
पुस्तक मेले में पुस्तकों का अवलोकन करते लोग । - फोटो : rajesh
गजलों को सुनने का दौर भले ही हाशिए पर चला गया हो पर युवाओं का शेरो-शायरी पर रुझान आज भी है। इसकी बानगी कचहरी क्लब में लगे पुस्तक मेले में देखी जा सकती है। यहां युवा वर्ग राहत इंदौरी और दुष्यंत कुमार की शायरी और गजलों के संग्रह की खासी डिमांड कर रहा है। मेले के स्टाल संचालकों के मुताबिक शायरी और गजल से जुड़ी किताबों की हर रोज बड़ी संख्या में बिक्री हो रही है। 
विज्ञापन

राजकमल प्रकाशन के सुदेश शर्मा बताते हैं कि राहत इंदौरी की ‘मौजूद’ और दुष्यंत कुमार की ‘साए में धूप’ की हर दिन दर्जन भर प्रतियां युवा खरीद रहे हैं। अली सरदार जाफरी की दीवान-ए-गालिब और दीवान-ए-मीर की भी खूब मांग हो रही है। वाणी प्रकाशन के राकेश सिन्हा ने बताया कि इंदौरी की ‘चांद पागल है’ अदम गोंडवी की ‘समय से मुठभेड़’, मुनव्वर राना की ‘मां’ व ‘सब उसके लिए’ की चार दिन में तीन दर्जन से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। साहित्य भंडार के सूर्यबली मिश्रा युवाओं की नजर प्रेम कहानियों पर भी है क्योंकि रवींद्र कालिया और ममता कालिया की चुनिंदा प्रेम कहानियां युवा खूब पसंद कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने भी गजलों की डिमांड पर मुहर लगाई और कहा कि जमीर हसन की ‘सौ गजलें’ और महेंद्र सिंह का ‘गजल संग्रह’ भी युवा खूब मांग रहे हैं। भारतीय ज्ञानपीठ स्टाल के हरीश शर्मा ने बताया कि उनके यहां से फिराक की ‘बज्मे जिंदगी’ ‘मीर की कविताएं’ शिवाजी सावंत की युगांधर और मुत्युंजय को काफी संख्या में युवकों ने खरीदा है। मेले के आयोजक आशीष रंजन ने बताया कि जैसे-जैसे दिन बढ़ रहा है, मेले में पहुंचने वाले पाठकों की तादाद में भी इजाफा हो रहा है। 
विज्ञापन

रचनाओं ने जगाया देशप्रेम

मेला परिसर में मंगलवार की देर शाम कवियों की महफिल जमी, जिसमें शहर के मशहूर कवियाें ने अपनी नई-नई रचनाओं से देशभक्ति का माहौल जगा दिया। कश्मीर के वारामुला जिले के उरी में हुए आंतकवादी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों से मजहब के नाम पर फैल रहे आंतकवाद पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई ओर नफरत मिटाकर प्रेम बढ़ाने का आह्वान किया। कवि सम्मेलन में  राजकुमार सिंह, सुनील कुमार श्रीवास्तव, उमेश त्रिपाठी, विनोद निर्भय, निलकमल गुप्त विचित्र, सुंबुल हाशमी, शाकिर अली शाकिर, सरस्वती त्रिपाठी, ममता सिंह आदि ने अपनी रचनाएं सुनाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed