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बाजार में अब भी घूम रहा है ‘कालाधन’

Wed, 23 Nov 2016 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 23 Nov 2016 01:23 AM IST
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Black money still exist in market
rupees
कालाधन पर रोक लगाने को सरकार के सारे नियम कानून का कालाधन रखने वाले कुछ न कुछ तोड़ निकाल ले रहे हैं। जमीन और सोना खरीदने के नाम पर कालाधन सफेद किया जा रहा है। जमीन की खरीद बिक्री भी उधार के नाम पर चल रही है। वहीं कुछ बिल्डर्स अपनी ब्लैकमनी से बैक डेट में सोना खरीद रहे हैं। वहीं काफी पुराने 1000 और 500 के नोट पेट्रोल पंप पर खपाए जा रहे हैं।
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जानकारों के अनुसार पुराने 1000 और 500 के पुराने नोट बदलने की वैद्यता सीमा ज्यादा दिन दिया जाना ही ऐसे लोगों के लिए लाभदायक साबित हो रहा है। इसी का फायदा उठाकर कालाधन को सफेद किया जा रहा है। इन पर लगाम लगाने के लिए सरकार रोज नए निर्देश जारी कर रही है, लेकिन लाभ उठाने वाले इसका कुछ न कुछ तोड़कर निकाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमीन के कारोबार से शुरू होकर यह पेट्रोल पंप तक पहुंच रहा है। वजह है कि काफी संख्या में सर्राफा व्यवसायी हैं जिनका पेट्रोल पंप वालों से सांठगांठ हैं। यहां से बड़े नोट छोटे नोटों में तब्दील कर दिए जा रहे हैं। यह रकम करोड़ों रुपये में बताई जा रही है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग ऐसे तमाम लोगों की स्क्रूटनी कर रही है। चार्टर्ड अकाउंटेंट शिशिर दुबे का कहना है कि सभी व्यापारियों का अपना बही खाता दुरुस्त रखना चाहिए। साथ ही बैंक में जमा किए गए 1000, 500 के अलावा अपने सभी छोटे नोटों की डिटेल भी खाता बही में दर्ज रखना चाहिए। आने वाले समय में ऐसे लोगों को आयकर विभाग की ओर से नोटिस जारी होगा, जिन्होंने 2.50 लाख रुपये से ज्यादा की रकम बैंकों में जमा की है। 
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बैंक और एटीएम में लगी रही कतार

नोटबंदी के 14वें दिन भी बैंकों और एटीएम में नोटों का संकट बरकरार है। अब भी एटीएम और बैंकों में लंबी कतार लग रही है। रविवार और सोमवार को आरबीआई से करेंसी नहीं मिल पाने की वजह से मंगलवार को सभी प्रमुख बैंकों ने अपने बचत से काम चलाया। मंगलवार को भी आरबीआई से करेंसी नहीं मिलने की वजह से बुधवार को लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। हालांकि पीएनबी के अधिकारियों ने जौनपुर क्षेत्रीय कार्यालय से करीब 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

मंगलवार को एसबीआई, पीएनबी, यूबीआई, इलाहाबाद बैंक आदि बैंकों में सोमवार के बचे नोटों से काम चला। सुबह से ही सभी बैंकों और एटीएम पर कतार लगनी शुरू हो गई। लोगों को नोट भी बदले गए और खाते से नोट भी दिए गए। ऐसे में लोगों को स्टेट बैंक, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक से ही थोड़ी राहत मिली। बाकी बैंकों में लोगों को मायूस ही लौटना पड़ा। आज स्थिति और खराब होने की आशंका है क्योंकि तमाम बैंकों में देर शाम तक करेंसी खत्म हो गई। 

नोट मिलने के बाद भी परेशान रहे

एटीएम पर लोगों की लंबी कतार लग रही है। काफी संख्या में लोग रुपये निकालने में कामयाब भी हो रहे, लेकिन इसके बाद भी उनकी परेशानी कम नहीं हो पा रही है। दरअसल लोगों की दिक्कत एटीएम से निकलने वाले 2000 रुपये के नोट की वजह से है। यह नोट बाजार में चलाने के लिए लोगों के पसीने छूट जा रहे हैं। एसबीआई के एटीएम से तो 100-100 के नोट निकल रहे हैं, लेकिन एचडीएफसी, आईसीआईसीआई  के अधिकांश एटीएम से 2000 रुपये के नोट ही निकल रहे हैं। 

जो करेंसी बची हुई थी उसी से मंगलवार को काम हुआ। मंगलवार को आरबीआई से करेंसी नहीं मिलने की वजह से बुधवार को थोड़ी परेशानी हो सकती है। जो बचे नोट हैं उसी से बुधवार को एटीएम और अन्य शाखाओं में काम चलाया जाएगा।

अमर सिंह, एजीएम, भारतीय स्टेट बैंक

- आरबीआई से कोई रकम नहीं मिल पा रही है। मंगलवार को भी कोई रकम हमें उपलब्ध नहीं कराई गई। ऐसे में हमें आंतरिक व्यवस्था करके दूसरे क्षेत्रीय कार्यालय से कुछ करेंसी उपलब्ध कराई गई है। सभी बैंकों को कुछ रकम बांट दी गई है। इसी से बुधवार को कुछ हद तक काम चल जाएगा।
पीके गांगुली, एजीएम, पंजाब नेशनल बैंक
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