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‘राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक थे महाराणा प्रताप’
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 09 May 2016 09:01 PM IST
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महाराणा प्रताप की जयंती पर प्रतिमा पर माल्यार्पण करते अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के लोग।
- फोटो : shivharsh
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शहर के विभिन्न स्कूलों व प्रतिष्ठानों में महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम से मनाई गई। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया। महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के बलरामपुर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने महाराणा प्रताप की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी के प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि महाराणा प्रताप एक मात्र ऐसे शासक थे जिन्होंने हिंदू ध्वजा को लेकर संघर्ष किया। उन्होंने उत्तर भारत में हिंदू साम्राज्य स्थापित करने का संकल्प लिया था। उनका प्रेरक जीवन भारतीयों के लिए मार्ग दर्शन करेगा।
प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने मुगलों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। स्वाधीनता के लिए सदैव संघर्ष किया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक डॉ. रघुनाथ चंद ने कहा कि महाराणा प्रताप अतुलनीय योद्धा थे। उनका जीवन देश, काल, मर्यादा के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर भगवान सिंह, ब्रह्मदेव यादव, डा.ॅ फूलचंद प्रसाद गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूर्यकुंड में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन को रेखांकित किया। विद्यालय के विद्यार्थी आदित्य कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने दृढ़ चरित्र बल से यह सिद्ध कर दिया था कि मातृभूमि की स्वतंत्रता न मिलना सबसे बड़ा कष्ट है। इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य रमेश सिंह, राधेश्याम तिवारी, नागेंद्र नाथ पांडेय, डॉ राजेश श्रीवास्तव, रमाशंकर ओझा आदि उपस्थित थे।
दूसरी ओर अमर शहीद बंधू सिंह स्मारक समिति के तत्वावधान में महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। इस दौरान उपस्थित लोगों के बीच वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को राणाप्रताप से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप ने जिन परिस्थितियों में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देश का स्वाभिमान बचाया था। वह आज भी हमें प्रेरणा देता है।
स्मारक समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता शीतल पांडेय, राकेश सिंह पहलवान, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभ्राटचंद कौशिक, विजयनारायण सिंह, विश्वजिताशु सिंह, देवेेंद्र गौड़, अभिषेक सिंह, डॉ. भानु प्रताप सिंह, डॉ. श्याम सिंह, अरुण सिंह, सभासद राधेश्याम रावत, वैभव सिंह, अफरोज आलम, गुड्डू सिंह, रमेश यादव, चंद, प्रशांत सिंह, विकास सिंह, अनिल कुमार सिंह, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
उधर, महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं ने रेलवे स्टेशन स्थित उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान नेताओं ने कहा कि देश की अस्मिता की रक्षा के लिए राणाप्रताप ने घास की रोटी खाई पर आक्रांताओं के सामने अपना सिर नहीं झुकाया। हर देशवासी को उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। माल्यार्पण करने वालों में डा. धर्मेंद्र सिंह, राहुल श्रीवास्तव, अच्युतानंद शाही, रणजीत राय बड़े, राधेश्याम रावत, रीतेश सिंह, बब्बू, विनोद दुबे, दयाकृष्ण गुप्ता, पवन यादव, राजकुमार पाल, पंकज गौड़, श्रवण शुक्ला, विनित पटेल, दीपू यादव, सहित अन्य कई लोग थे।
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मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी के प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि महाराणा प्रताप एक मात्र ऐसे शासक थे जिन्होंने हिंदू ध्वजा को लेकर संघर्ष किया। उन्होंने उत्तर भारत में हिंदू साम्राज्य स्थापित करने का संकल्प लिया था। उनका प्रेरक जीवन भारतीयों के लिए मार्ग दर्शन करेगा।
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प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने मुगलों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। स्वाधीनता के लिए सदैव संघर्ष किया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के संरक्षक डॉ. रघुनाथ चंद ने कहा कि महाराणा प्रताप अतुलनीय योद्धा थे। उनका जीवन देश, काल, मर्यादा के लिए समर्पित रहा। इस अवसर पर भगवान सिंह, ब्रह्मदेव यादव, डा.ॅ फूलचंद प्रसाद गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूर्यकुंड में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन को रेखांकित किया। विद्यालय के विद्यार्थी आदित्य कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने दृढ़ चरित्र बल से यह सिद्ध कर दिया था कि मातृभूमि की स्वतंत्रता न मिलना सबसे बड़ा कष्ट है। इस अवसर पर उपप्रधानाचार्य रमेश सिंह, राधेश्याम तिवारी, नागेंद्र नाथ पांडेय, डॉ राजेश श्रीवास्तव, रमाशंकर ओझा आदि उपस्थित थे।
दूसरी ओर अमर शहीद बंधू सिंह स्मारक समिति के तत्वावधान में महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। इस दौरान उपस्थित लोगों के बीच वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को राणाप्रताप से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप ने जिन परिस्थितियों में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देश का स्वाभिमान बचाया था। वह आज भी हमें प्रेरणा देता है।
स्मारक समिति के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता शीतल पांडेय, राकेश सिंह पहलवान, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभ्राटचंद कौशिक, विजयनारायण सिंह, विश्वजिताशु सिंह, देवेेंद्र गौड़, अभिषेक सिंह, डॉ. भानु प्रताप सिंह, डॉ. श्याम सिंह, अरुण सिंह, सभासद राधेश्याम रावत, वैभव सिंह, अफरोज आलम, गुड्डू सिंह, रमेश यादव, चंद, प्रशांत सिंह, विकास सिंह, अनिल कुमार सिंह, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
उधर, महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं ने रेलवे स्टेशन स्थित उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान नेताओं ने कहा कि देश की अस्मिता की रक्षा के लिए राणाप्रताप ने घास की रोटी खाई पर आक्रांताओं के सामने अपना सिर नहीं झुकाया। हर देशवासी को उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। माल्यार्पण करने वालों में डा. धर्मेंद्र सिंह, राहुल श्रीवास्तव, अच्युतानंद शाही, रणजीत राय बड़े, राधेश्याम रावत, रीतेश सिंह, बब्बू, विनोद दुबे, दयाकृष्ण गुप्ता, पवन यादव, राजकुमार पाल, पंकज गौड़, श्रवण शुक्ला, विनित पटेल, दीपू यादव, सहित अन्य कई लोग थे।