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बच्चों की बड़ी आंख पर इतराए नहीं, दिखाएं
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 20 Nov 2016 12:28 AM IST
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सेमिनार का उद्घाटन करते गणमान्य लोग।
- फोटो : Rajesh Kumar
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जन्म के बाद चेहरे की बनावट की तारीफ में आंखों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। सामान्य तौर पर आंखें बड़ी होने पर लोग खुश होते हैं, मगर यह एक बीमारी भी हो सकती है। यदि मां-बाप और घर के अन्य सदस्य की तुलना में बच्चे की आंख बड़ी है तो यह सोनबाई बीमारी है, जो इलाज के अभाव में बच्चे को अंधा बना सकता है।
यह बातें दिल्ली से आए डॉ. देवेंद्र ने कही। वह मेडिकल कॉलेज में आयोजित नयन उत्सव में डॉक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जन्म से एक-दो हफ्ते में ही ऐसे बच्चे अंधे हो सकते हैं। आंखें ज्यादा बड़ी हो या फिर आखों में सफेद या भूरे रंग का धब्बा हो तो तत्काल इलाज कराना चाहिए। डॉ. बीपी कश्यप ने आंखों में चोट के बारे में बताया कि आंख में कोई भी चोट हो उसका इलाज बहुत ही सावधानी से करनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही रोशनी छीन सकती है।
बनारस के डॉ. नीरज पांडेय ने बताया कि प्री-मेच्योर बेबी होने पर उसे जरूर दिखाना चाहिए। क्योंकि अक्सर ऐसे बच्चों की आंखों की पुतलियां अविकसित होती हैं। समय से जानकारी होने पर ही इलाज संभव होता है। मेडिकल कॉलेज नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुरादाबाद के डॉ. पल्लव अग्रवाल, डॉ. पीके पांडेय, इलाहाबाद के डॉ. मुकेश खरे, डॉ. महिमा सचदेव, डॉ. अनिल श्रीवास्तव सहित कई शहरों के डॉक्टर उपस्थित रहे।
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यह बातें दिल्ली से आए डॉ. देवेंद्र ने कही। वह मेडिकल कॉलेज में आयोजित नयन उत्सव में डॉक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जन्म से एक-दो हफ्ते में ही ऐसे बच्चे अंधे हो सकते हैं। आंखें ज्यादा बड़ी हो या फिर आखों में सफेद या भूरे रंग का धब्बा हो तो तत्काल इलाज कराना चाहिए। डॉ. बीपी कश्यप ने आंखों में चोट के बारे में बताया कि आंख में कोई भी चोट हो उसका इलाज बहुत ही सावधानी से करनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही रोशनी छीन सकती है।
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बनारस के डॉ. नीरज पांडेय ने बताया कि प्री-मेच्योर बेबी होने पर उसे जरूर दिखाना चाहिए। क्योंकि अक्सर ऐसे बच्चों की आंखों की पुतलियां अविकसित होती हैं। समय से जानकारी होने पर ही इलाज संभव होता है। मेडिकल कॉलेज नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुरादाबाद के डॉ. पल्लव अग्रवाल, डॉ. पीके पांडेय, इलाहाबाद के डॉ. मुकेश खरे, डॉ. महिमा सचदेव, डॉ. अनिल श्रीवास्तव सहित कई शहरों के डॉक्टर उपस्थित रहे।
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