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गोरखपुर में अवैध नर्सिंग होम संचालक पर मानव वध करने का केस
Fri, 27 Dec 2019 11:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 11:28 AM IST
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प्रियांशु नर्सिंग होम।
- फोटो : अमर उजाला
कस्बा के प्रियांशु नर्सिंग होम में इलाज में लापरवाही से शिशु की मौत मामले में गुलरिहा पुलिस ने संचालक रणजीत निषाद और अज्ञात कर्मचारियों पर आपराधिक मानव वध, गैर इरादतन हत्या, धमकी देने की धाराओं में बृहस्पतिवार को केस दर्ज कर लिया है।
प्रसूता के ससुर तुलसी की तहरीर पर केस दर्ज करने के बाद आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।थाने में दर्ज केस के मुताबिक, महराजगंज के श्यामदेउरवा के पिपरालाला निवासी सुनीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर ससुर तुलसी अस्पताल ले आए थे। मंगलवार को ऑपरेशन से शिशु का जन्म हुआ और बुधवार की शाम मां-शिशु की तबीयत खराब होने पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
डॉक्टर के नहीं होने पर अस्पताल वाले शिशु को खुद ही झुगिंया के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। बाद में सुनीता देवी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शिशु की मौत से नाराज परिजनों ने प्रियांशु अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया था। सूचना पर पुलिस भी आई और फिर तहरीर ली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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प्रसूता के ससुर तुलसी की तहरीर पर केस दर्ज करने के बाद आरोपित की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी आरोपित घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।थाने में दर्ज केस के मुताबिक, महराजगंज के श्यामदेउरवा के पिपरालाला निवासी सुनीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर ससुर तुलसी अस्पताल ले आए थे। मंगलवार को ऑपरेशन से शिशु का जन्म हुआ और बुधवार की शाम मां-शिशु की तबीयत खराब होने पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
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डॉक्टर के नहीं होने पर अस्पताल वाले शिशु को खुद ही झुगिंया के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। बाद में सुनीता देवी को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शिशु की मौत से नाराज परिजनों ने प्रियांशु अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया था। सूचना पर पुलिस भी आई और फिर तहरीर ली थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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स्वीपर से ऑपरेशन कराने का आरोप
केस दर्ज कराने वाले तुलसी का आरोप है कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है, इसकी जानकारी बाद में मिल सकी। यह भी पता चला कि बहू का ऑपेरशन स्वीपर विक्की मद्धेशिया ने किया था, जो हाईस्कूल पास है। वह अस्पताल में साफ-सफाई का काम करता है। डॉक्टर का आला लगाकर आया और ऑपरेशन कर दिया। अस्पताल संचालक ने उसका परिचय डॉ. विक्की मद्धेशिया नाम से कराया था। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में विक्की और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
फिर खोला सील अस्पताल
शिशु की मौत के बाद पुलिस ने प्रियांशु अस्पताल को सील कर दिया था लेकिन प्रबंधतंत्र ने मनमानी की। बृहस्पतिवार को दोपहर अस्पताल का सील फिर तोड़ दिया गया। इसकी सूचना पुलिस को मिली है। इससे पहले अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सील किया गया था। नोटिस भी दिया गया था, जिसे अस्पताल प्रबंधन ने दरकिनार किया। सील तोड़कर मरीज भर्ती किया और एक
शिशु की मौत हो गई।
यह हो सकती है सजा
धारा 304 ए : गैर इरादतन हत्या (सजा दो साल या आर्थिक जुर्माना या दोनों)
धारा 504 : धमकी (सजा दो साल या आर्थिक जुर्माना या दोनों)
धारा 316 : आपराधिक मानव वध (दस साल कारावास व आर्थिक जुर्माना या दोनों)
फिर खोला सील अस्पताल
शिशु की मौत के बाद पुलिस ने प्रियांशु अस्पताल को सील कर दिया था लेकिन प्रबंधतंत्र ने मनमानी की। बृहस्पतिवार को दोपहर अस्पताल का सील फिर तोड़ दिया गया। इसकी सूचना पुलिस को मिली है। इससे पहले अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सील किया गया था। नोटिस भी दिया गया था, जिसे अस्पताल प्रबंधन ने दरकिनार किया। सील तोड़कर मरीज भर्ती किया और एक
शिशु की मौत हो गई।
यह हो सकती है सजा
धारा 304 ए : गैर इरादतन हत्या (सजा दो साल या आर्थिक जुर्माना या दोनों)
धारा 504 : धमकी (सजा दो साल या आर्थिक जुर्माना या दोनों)
धारा 316 : आपराधिक मानव वध (दस साल कारावास व आर्थिक जुर्माना या दोनों)