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लोक सुनवाई तय करेगी खाद कारखाने के निर्माण की गति

Fri, 07 Apr 2017 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 07 Apr 2017 01:22 AM IST
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Before building of fertilizer factory public hearing will be orgnaized
पुराने खाद कारखाने की फाइल फोटो। - फोटो : Amar Ujala
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 20 अप्रैल को होने वाली लोक सुनवाई खाद कारखाने के निर्माण की गति के  लिए काफी अहम साबित होगी। कारखाना परिसर में आयोजित सुनवाई में दर्ज होने वाली आपत्तियां अगर वाजिब पाई गईं तो कारखाने का निर्माण करा रही हिंदुस्तान उर्वरक व रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) को उसका निराकरण कराना होगा। जब तक आपत्तियों के निस्तारण की रिपोर्ट एचयूआरएल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नहीं देगा, बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिल सकेगा।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एसबी सिंह ने बताया कि लोक सुनवाई की पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए इसकी आडियो और वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जाएगी। रिपोर्ट के साथ ही बोर्ड इस रिकार्डिंग को भी मुख्यालय भेजेगा, जहां से इसे मंत्रालय भेजा जाएगा। सुबह 11 बजे से होने वाली इस सुनवाई में न केवल खाद कारखाने के आस-पास बल्कि गोरखपुर और दूसरे जिलों के लोग भी शामिल हो सकेंगे।
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इस दौरान एचयूआरएल के कंसलटेंट कारखाना निर्माण की पूरी प्रक्रिया का प्रजेंटेशन देंगे। अंतिम व्यक्ति के सवाल व सुझाव देने तक सुनवाई चलती रहेगी। इसके पूरे होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सुनवाई की पूरी कार्यवृत्ति बनाकर डीएम से दस्तखत कराएगा, तब उसे अपने मुख्यालय भेजेगा। वहां से पूरी रिपोर्ट की जांच के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए फाइल मंत्रालय भेजी जाएगी।
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स्टांप ड्यूटी माफी के लिए बनाना पड़ेगा कानून
खाद कारखाने के निर्माण के लिए एचयूआरएल, एफसीआई से 55 साल के लिए कारखाने की जमीन लीज पर लेगा। इसकी प्रक्रिया अभी चल ही रही है। एचयूआरएल ने लीज पर लगने वाले स्टांप शुल्क को माफ करने के लिए प्रदेश सरकार से मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रजिस्ट्री महकमे ने स्टांप शुल्क का आकलन 275 करोड़ रुपये किया है। चूंकि एचयूआरएल पूरी तरह से सरकारी संस्था नहीं है, लिहाजा इस भारी-भरकम राशि की माफी के लिए प्रदेश सरकार को पहले नोटिफिकेशन जारी करना होगा। इसके बाद कैबिनेट से प्रस्ताव स्वीकृत कराकर स्टांप शुल्क की माफी के लिए कानून बनाना पड़ेगा। 


अक्टूबर तक हटाया जा सकेगा कारखाने का स्क्रैप 
एफसीआई की पुरानी सभी मशीनों को हटाकर खाद कारखाने के लिए नई मशीनें लगाई जाएंगी। कारखाने का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले स्क्रैप हटाने का काम किया जा रहा है। इसका टेंडर मुंबई की अंकित इंटरनेशनल को मिला था। एफसीआई के मैनेजर वेंकटेश चंद्र प्रसाद ने बताया कि यह कंपनी करीब ढाई महीने से स्क्रैप हटा रही है। इस काम में अभी सात महीने और लगेंगे।
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