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पूर्वांचल में जानलेवा बारिश ने ली 42 की जान
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पूर्वांचल में जानलेवा बारिश ने ली 42 की जान
गोरखपुर/लखनऊ। तीन दिन से रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बारिश से पूर्वांचल में शहर से लेकर गांवों तक बड़े पैमाने पर कच्चे और जर्जर मकान व पेड़ धराशायी हो गए, जिनमें दबकर 42 लोगों की मौत हो गई। कौशाम्बी के सिराथू में दीवार ढहने से किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अध्यक्ष विनय मिश्रा की जान चली गई। कई जिलों में बिजली के पोल धराशायी होने से आपूर्ति ठप रही। वहीं लगातार बारिश से सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और घरों में पानी घुस गया।
सबसे ज्यादा नुकसान अमेठी जिले में हुआ जहां दीवारें गिरने से एक दंपती समेत सात लोगों की मौत हो गई। जबकि बाराबंकी में चार अंबेडकरनगर में दो और अयोध्या व रायबरेली में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं चंदौली में मां और दो बेटों समेत पांच, भदोही में दंपती समेत तीन, वाराणसी में तीन तथा आजमगढ़-जौनपुर में एक-एक ने जान गंवाई। भारी बारिश से प्रतापगढ़ में सैकड़ों घर ढह गए। मलबे में दबने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से भी अधिक लोग घायल हो गए। जबकि मऊआईमा व हंडिया में कच्चे मकान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। गोरखपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
वहीं बस्ती और गोरखपुर मंडल बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पेड़ गिरने से कई जगह यातायात भी बाधित हुआ। नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कुशीनगर में लगातार हो रही बारिश से गंडक नदी की कटान तेज हो गई। नदी ने लक्ष्मीपुर गांव के पास छह मीटर मोटे अमवा खास तटबंध का पांच मीटर हिस्सा काट दिया। सूचना पर कमिश्नर, आईजी, डीएम व एसई बाढ़ खंड मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। सिद्धार्थनगर में बांसी-बस्ती मार्ग पर असनहरा पुल का बाईपास कटने से एनएच 233 बंद हो गया। ऐसे में लोगों को 20 किमी अधिक दूरी तय कर डुमरियागंज के रास्ते बस्ती जाना पड़ा। उधर, एनएच 730 पर गोरखपुर-नौगढ़ मार्ग पर मदनपुर के पास शीशम का पेड़ गिर जाने से दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। बस्ती में भी बारिश की वजह से कई मोहल्लों में पानी भर गया, जबकि कई जगह कच्चे मकान गिर गए। संतकबीरनगर में लगातार हो रही बारिश की वजह से मेंहदावल के कछार क्षेत्र के 50 गांवों की बिजली पिछले 24 घंटे से गुल है। देवरिया व महराजगंज में भी कई इलाकों में बारिश का पानी भर गया है। गोरखपुर में हो रही मूसलाधार बारिश से शुक्रवार को दुकानों से लेकर दफ्तर तक में सन्नाटा रहा। ज्यादातर स्कूल बंद रहे और बच्चे घरों में कैद रहे। ग्राम पंचायत कोठा के टिकुली बनारस टोला में बारिश के चलते दीवार गिरने से टेसरी देवी (40) की मौत हो गई। मौसम विभाग ने 48 घंटे में करीब 180 मिमी बारिश दर्ज की।
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गोरखपुर/लखनऊ। तीन दिन से रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। बारिश से पूर्वांचल में शहर से लेकर गांवों तक बड़े पैमाने पर कच्चे और जर्जर मकान व पेड़ धराशायी हो गए, जिनमें दबकर 42 लोगों की मौत हो गई। कौशाम्बी के सिराथू में दीवार ढहने से किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अध्यक्ष विनय मिश्रा की जान चली गई। कई जिलों में बिजली के पोल धराशायी होने से आपूर्ति ठप रही। वहीं लगातार बारिश से सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और घरों में पानी घुस गया।
सबसे ज्यादा नुकसान अमेठी जिले में हुआ जहां दीवारें गिरने से एक दंपती समेत सात लोगों की मौत हो गई। जबकि बाराबंकी में चार अंबेडकरनगर में दो और अयोध्या व रायबरेली में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं चंदौली में मां और दो बेटों समेत पांच, भदोही में दंपती समेत तीन, वाराणसी में तीन तथा आजमगढ़-जौनपुर में एक-एक ने जान गंवाई। भारी बारिश से प्रतापगढ़ में सैकड़ों घर ढह गए। मलबे में दबने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से भी अधिक लोग घायल हो गए। जबकि मऊआईमा व हंडिया में कच्चे मकान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई। गोरखपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
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वहीं बस्ती और गोरखपुर मंडल बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पेड़ गिरने से कई जगह यातायात भी बाधित हुआ। नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। कुशीनगर में लगातार हो रही बारिश से गंडक नदी की कटान तेज हो गई। नदी ने लक्ष्मीपुर गांव के पास छह मीटर मोटे अमवा खास तटबंध का पांच मीटर हिस्सा काट दिया। सूचना पर कमिश्नर, आईजी, डीएम व एसई बाढ़ खंड मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। सिद्धार्थनगर में बांसी-बस्ती मार्ग पर असनहरा पुल का बाईपास कटने से एनएच 233 बंद हो गया। ऐसे में लोगों को 20 किमी अधिक दूरी तय कर डुमरियागंज के रास्ते बस्ती जाना पड़ा। उधर, एनएच 730 पर गोरखपुर-नौगढ़ मार्ग पर मदनपुर के पास शीशम का पेड़ गिर जाने से दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। बस्ती में भी बारिश की वजह से कई मोहल्लों में पानी भर गया, जबकि कई जगह कच्चे मकान गिर गए। संतकबीरनगर में लगातार हो रही बारिश की वजह से मेंहदावल के कछार क्षेत्र के 50 गांवों की बिजली पिछले 24 घंटे से गुल है। देवरिया व महराजगंज में भी कई इलाकों में बारिश का पानी भर गया है। गोरखपुर में हो रही मूसलाधार बारिश से शुक्रवार को दुकानों से लेकर दफ्तर तक में सन्नाटा रहा। ज्यादातर स्कूल बंद रहे और बच्चे घरों में कैद रहे। ग्राम पंचायत कोठा के टिकुली बनारस टोला में बारिश के चलते दीवार गिरने से टेसरी देवी (40) की मौत हो गई। मौसम विभाग ने 48 घंटे में करीब 180 मिमी बारिश दर्ज की।
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