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दीक्षांत के सांस्कृतिक मंच पर दिखेगा ‘बैले’
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:20 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह सप्ताह के दौरान 20 फरवरी को होने वाली सांस्कृतिक संध्या में आयोजनों की रूपरेखा तय कर ली गई है। नृत्य, संगीत व मंच कला की सम्मिलित प्रस्तुतियों को यूनिवर्सिटी ने ‘तरंगिणी’ नाम दिया है। इसकी जानकारी शुक्रवार को ललित कला व संगीत विभाग की अध्यक्ष डॉ. उषा सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि तरंगिणी का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भरत नाट्यम नृत्यांगना डॉ. लता सिंह मुंशी के नाट्य समूह की ‘बैले’ नृत्य प्रस्तुति होगा। डॉ. लता का नाट्य समूह राम कथा पर नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत करेगा। डॉ. लता के कौशल की चर्चा करते हुए डॉ. उषा ने बताया कि उन्होंने कवि निराला, पद्माकर, सूरदास, तुलसीदास, मीराबाई की रचनाओं पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति से देश-विदेश में अपने प्रतिभा की छाप छोड़ी है।
उन्होंने बताया कि करीब तीन घंटे की अवधि की सांस्कृतिक संध्या में लोगों को विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के लोक संगीत और मिमिक्री जैसी प्रस्तुतियों के आनंद का अवसर मिलेगा।
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उन्होंने बताया कि तरंगिणी का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भरत नाट्यम नृत्यांगना डॉ. लता सिंह मुंशी के नाट्य समूह की ‘बैले’ नृत्य प्रस्तुति होगा। डॉ. लता का नाट्य समूह राम कथा पर नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत करेगा। डॉ. लता के कौशल की चर्चा करते हुए डॉ. उषा ने बताया कि उन्होंने कवि निराला, पद्माकर, सूरदास, तुलसीदास, मीराबाई की रचनाओं पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति से देश-विदेश में अपने प्रतिभा की छाप छोड़ी है।
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उन्होंने बताया कि करीब तीन घंटे की अवधि की सांस्कृतिक संध्या में लोगों को विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के लोक संगीत और मिमिक्री जैसी प्रस्तुतियों के आनंद का अवसर मिलेगा।
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